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Mohali News: वीआर पंजाब मॉल की 21.61 एकड़ जमीन की बिक्री और हस्तांतरण पर रोक

Thu, 08 Oct 2026 02:00 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:00 AM IST
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Stay on the sale and transfer of the 21.61-acre land of VR Punjab Mall.

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आर्बिट्रेशन की कार्यवाही पूरी होने तक जमीन के पुनर्विकास या तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने पर भी रोक

खरड़। मोहाली जिला अदालत ने खरड़ स्थित वीआर पंजाब मॉल (वीआर मालवा) की एनएच-21 के साथ लगती 21.61 एकड़ जमीन को बेचने, हस्तांतरित करने, पुनर्विकसित करने या किसी तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने पर रोक लगा दी है। अदालत का यह आदेश आर्बिट्रेशन की कार्यवाही पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।


अदालत ने याचिकाकर्ता हेंस एंड मॉरिट्ज रिटेल लिमिटेड (एचएंडएम) को निर्धारित अवधि के भीतर नई दिल्ली में आर्बिट्रेशन की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एचएंडएम ने आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट की धारा 9 के तहत अंतरिम सुरक्षा उपायों की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की थी।
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अप्रैल में अचानक बंद हुआ था मॉल
वीआर पंजाब मॉल, जिसे पहले नॉर्थ कैंपस मॉल के नाम से जाना जाता था, 20 अप्रैल 2026 को अचानक बंद कर दिया गया था। मॉल बंद होने से वहां संचालित कई ब्रांड आउटलेट्स, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी।
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मॉल प्रबंधन की ओर से दावा किया गया था कि 3 अप्रैल को आए भूकंप के बाद ढांचागत सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई थीं। इसके बाद मॉल को असुरक्षित मानते हुए कुछ दिनों बाद पूरी तरह बंद कर दिया गया।



पहले भी यथास्थिति के आदेश

इस मामले में 11 जून को मोहाली की अदालत ने वीआर मालवा प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया था। मामला एचएंडएम को लीज पर दी गई संपत्ति को बंद करने, हस्तांतरित करने या किसी अन्य तरीके से अलग करने से संबंधित था। अदालत ने दोनों पक्षों को 2 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे।



एचएंडएम की ओर से पेश अधिवक्ता मनीष जैन ने लीज एग्रीमेंट की एक शर्त का हवाला देते हुए कहा था कि लीज देने वाले पक्ष को समय से पहले लीज समाप्त करने का अधिकार नहीं है, जब तक लीजधारी की ओर से कोई डिफॉल्ट न हुआ हो। अदालत को बताया गया कि लीज की अवधि हैंडओवर की तारीख से 35 वर्ष निर्धारित की गई थी।




ताजा आदेश के बाद आर्बिट्रेशन की कार्यवाही पूरी होने तक 21.61 एकड़ जमीन की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास और किसी तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने पर रोक रहेगी।
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