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गांव रामगढ़ भुड्ढा में खेल स्टेडियम का होगा कायाकल्प, 20 लाख रुपये के फंड को मिली मंजूरी
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जीरकपुर। गांव रामगढ़ भुड्ढा में 20 लाख रुपये से खेल स्टेडियम का कायाकल्प किया जाएगा। यह जानकारी स्थानीय नगर परिषद प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों ने दी।
जानकारी के मुताबिक, 2015 के अंदर गांव रामगढ़ भुड्ढा के अंदर युवाओं को खेलों के प्रति उत्साहित करने के लिए आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने का फैसला हुआ था। इसमें युवाओं के लिए बास्केटबॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन व अन्य खेलों से जुड़े कोट तैयार करना शामिल था। वहीं, गांव के अंदर स्टेडियम बनाने का मकसद यह था कि खेलों के प्रति रूचि रखने वाले युवाओं को प्रतिभा निखारने के लिए पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली जैसे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े और युवा अपने शहर में रहकर खेल सुविधाएं प्राप्त कर सकें।
निशानदेही से आगे नहीं बढ़ा काम
स्थानीय नगर परिषद की लापरवाही का आलम यह है कि 2015 में प्रस्तावित खेल स्टेडियम का काम पिछले पांच वर्षों से रुका है और जो काम 1 से 2 वर्षों में पूरा हो जाना चाहिए था। वो काम अभी तक सिर्फ निशानदेही तक ही सिमट कर रह गया। दरअसल, 2015 के अंदर अधिकारियों खेल स्टेडियम को लेकर जमीन की पहचान को लेकर निशानदेही करवाकर बाकायदा नींव पत्थर रखकर उद्घाटन किया गया, परंतु उद्घाटन के बाद स्टेडियम को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों ने कभी नजर नहीं मारी।
कोट्स ::::
रामगढ़ भुड्ढा के अंदर खेल स्टेडियम को लेकर 20 लाख रुपये का फंड रिलीज किया गया है। इसमें स्टेडियम की चारदिवारी की जाएगी। ये अभी पहला चरण है, जिसके बाद स्टेडियम के अंदर खेलों के लिए इस्तेमाल होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेल्प करने के लिए अलग से योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। हमारे शहर के युवा को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहने की जरूरी नहीं पड़ेगी, बल्कि अपने शहर में रहकर आधुनिक सुविधाएं ले पाएंगे।
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-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।
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जानकारी के मुताबिक, 2015 के अंदर गांव रामगढ़ भुड्ढा के अंदर युवाओं को खेलों के प्रति उत्साहित करने के लिए आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने का फैसला हुआ था। इसमें युवाओं के लिए बास्केटबॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन व अन्य खेलों से जुड़े कोट तैयार करना शामिल था। वहीं, गांव के अंदर स्टेडियम बनाने का मकसद यह था कि खेलों के प्रति रूचि रखने वाले युवाओं को प्रतिभा निखारने के लिए पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली जैसे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े और युवा अपने शहर में रहकर खेल सुविधाएं प्राप्त कर सकें।
निशानदेही से आगे नहीं बढ़ा काम
स्थानीय नगर परिषद की लापरवाही का आलम यह है कि 2015 में प्रस्तावित खेल स्टेडियम का काम पिछले पांच वर्षों से रुका है और जो काम 1 से 2 वर्षों में पूरा हो जाना चाहिए था। वो काम अभी तक सिर्फ निशानदेही तक ही सिमट कर रह गया। दरअसल, 2015 के अंदर अधिकारियों खेल स्टेडियम को लेकर जमीन की पहचान को लेकर निशानदेही करवाकर बाकायदा नींव पत्थर रखकर उद्घाटन किया गया, परंतु उद्घाटन के बाद स्टेडियम को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों ने कभी नजर नहीं मारी।
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कोट्स ::::
रामगढ़ भुड्ढा के अंदर खेल स्टेडियम को लेकर 20 लाख रुपये का फंड रिलीज किया गया है। इसमें स्टेडियम की चारदिवारी की जाएगी। ये अभी पहला चरण है, जिसके बाद स्टेडियम के अंदर खेलों के लिए इस्तेमाल होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेल्प करने के लिए अलग से योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। हमारे शहर के युवा को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहने की जरूरी नहीं पड़ेगी, बल्कि अपने शहर में रहकर आधुनिक सुविधाएं ले पाएंगे।
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-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।