{"_id":"6143a5a08ebc3eb25e1aabbf","slug":"shadow-crisis-on-the-future-of-students-studying-in-regional-center-opposed-the-order-of-pu-mohali-news-pkl427018279","type":"story","status":"publish","title_hn":"रीजनल सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर छाया संकट, पीयू के आदेश का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रीजनल सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य पर छाया संकट, पीयू के आदेश का किया विरोध
विज्ञापन
मोहाली। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से आए एक आदेश ने फेज-7 स्थित रीजनल सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को खतरे में डाल दिया। पीयू पटियाला का आदेश है कि सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अलग-अलग सेंटर में शिफ्ट करके यहां नए कोर्सों का शुभारंभ किया जाए। वहीं दूसरी ओर, पीयू मैनेजमेंट से आए फैसले का विद्यार्थियों ने सेंटर के बाहर एकत्रित होकर विद्यार्थियों मैनेजमेंट के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान विद्यार्थियों ने मैनेजमेंट से अपना फैसला वापस लेने की मांग की और कहा कि ऐसा नहीं किया तो संघर्ष को तेज कर अगली रणनीति तैयार करेंगे। इस मौके पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू खुद पहुंचे और उन्होंने युवाओं को यह मामला सुलझाने का आश्वासन दिया।
विद्यार्थियों ने बताया कि वह अलग-अलग शहर से यहां दाखिला लेकर पढ़ाई करते हैं। मोहाली में पढ़ाई करने का मकसद है कि दिन की क्लास पूरी करने के बाद शाम को पार्ट टाइम जॉब करके पढ़ाई का खर्च पेरेंट्स पर न डालकर खुद वहन करते रहें। सेंटर में ऐसे बहुत से विद्यार्थी हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब करके अपनी पढ़ाई का बोझ पेरेंट्स पर न डालकर खुद वहन करते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले दो महीनों से उनकी क्लासेज बंद थी और अब सेंटर में आए हैं तो उन्हें अलग-अलग कॉलेज और सेंटर में शिफ्ट करने के लिए बोल दिया गया है।
वहीं, इस मामले की सूचना पर विधायक एवं पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू रीजनल सेंटर आ पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों की मांगें सुनने के बाद मामला मुख्यमंत्री के पास उठाकर समाधान का आश्वासन दिया है। सेहत मंत्री के आश्वासन पर विद्यार्थियों ने अपना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
बता दें कि पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला ने मोहाली में वर्ष 2000 में रीजनल सेंटर खोला था। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को कम फीस में चंडीगढ़ शहर जैसी पढ़ाई का माहौल देना है। 20 साल में कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जो यहां से पढ़ाई करके नामी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
कुछ कोर्स ऐसे हैं, जिनमें हैं 1-2 विद्यार्थी
फेज-7 रीजनल सेंटर में कुल 28 लोगों का स्टाफ है और सेंटर को चालू रखने के लिए कम से कम 500 विद्यार्थियों की जरूरत है। मोहाली वाले सेंटर में 60 विद्यार्थी हैं और कुछ कोर्स ऐसे हैं, जिनमें 1-2 विद्यार्थी हैं। इसलिए पंजाबी यूनिवर्सिटी ने रीजनल सेंटर को बंद करने का फैसला लिया है। साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए यूनिवर्सिटी से संबंधित कॉलेजों के अंदर दाखिला करवाया जा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई खराब न हो। - अरविंद, वाइस चांसलर, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला।
विद्यार्थियों ने रखी अपनी बात
नया खर्च डाल देता है मुश्किल में
मैं बीसीए और एमसीए का स्टूडेंट हूं और अभी मेरी पढ़ाई पूरी नहीं हुई। लेकिन पीयू मैनेजमेंट के फैसले ने मुश्किल में डाल दिया है। एक मध्य वर्गीय परिवार के लिए नया खर्च उठाना मुश्किल में डाल देता है।
- विशेक कुमार, स्टूडेंट, नयागांव।
शिफ्ट करने फैसला समझ से बाहर
पहले ही मेरा सेंटर बहुत दूर है और ऊपर से सेंटर को नई जगह पर शिफ्ट करने का फैसला समझ से बाहर है। यहां हमारी पढ़ाई बिल्कुल ठीक चल रही है, फिर भी पता नहीं दूसरे सेंटर में हम स्टूडेंट्स को शिफ्ट करके मैनेजमेंट आगे क्या करना चाहता है। - दीक्षा, पंचकूला।
खर्च के लिए पढ़ाई के साथ जॉब करनी थी
ट्राइसिटी के अंदर कोर्स करने का मकसद यह था कि पढ़ाई के साथ-साथ जॉब कर सकूं और भविष्य के लिए भी अच्छी जॉब ढूंढ पाऊं। बठिंडा से आकर यहां पीजी का खर्च कभी अपने पेरेंट्स पर नहीं पड़ने देना चाहती थी, इसलिए मोहाली में दाखिला लिया था। - संग्रामवीर कौर, बठिंडा।
पढ़ाई के साथ कर रहा था पार्ट टाइम जॉब
मैं पढ़ने के लिए घर से 1200 किलोमीटर दूर मोहाली आया था और पिज्जा सेंटर में पार्ट टाइम जॉब करके पढ़ाई का खर्च निकालता हूं। दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी के इस सेंटर के फैसले ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिस सेंटर से दाखिला मिलेगा। क्या वहां मेरे लिए जॉब करना आसान होगा या नहीं।
- अभिषेक सिंह, गोरखपुर।
क्या कहते हैं सेंटर के स्थानीय प्रबंधक
मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती, इसके लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के अधिकारियों से बात करके पूछ सकते हैं।
- रेखा भाटिया, पंजाबी यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर, फेज-7 मोहाली।
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने बताया कि वह अलग-अलग शहर से यहां दाखिला लेकर पढ़ाई करते हैं। मोहाली में पढ़ाई करने का मकसद है कि दिन की क्लास पूरी करने के बाद शाम को पार्ट टाइम जॉब करके पढ़ाई का खर्च पेरेंट्स पर न डालकर खुद वहन करते रहें। सेंटर में ऐसे बहुत से विद्यार्थी हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब करके अपनी पढ़ाई का बोझ पेरेंट्स पर न डालकर खुद वहन करते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले दो महीनों से उनकी क्लासेज बंद थी और अब सेंटर में आए हैं तो उन्हें अलग-अलग कॉलेज और सेंटर में शिफ्ट करने के लिए बोल दिया गया है।
विज्ञापन
वहीं, इस मामले की सूचना पर विधायक एवं पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू रीजनल सेंटर आ पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों की मांगें सुनने के बाद मामला मुख्यमंत्री के पास उठाकर समाधान का आश्वासन दिया है। सेहत मंत्री के आश्वासन पर विद्यार्थियों ने अपना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
बता दें कि पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला ने मोहाली में वर्ष 2000 में रीजनल सेंटर खोला था। इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को कम फीस में चंडीगढ़ शहर जैसी पढ़ाई का माहौल देना है। 20 साल में कई ऐसे विद्यार्थी हैं, जो यहां से पढ़ाई करके नामी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
कुछ कोर्स ऐसे हैं, जिनमें हैं 1-2 विद्यार्थी
फेज-7 रीजनल सेंटर में कुल 28 लोगों का स्टाफ है और सेंटर को चालू रखने के लिए कम से कम 500 विद्यार्थियों की जरूरत है। मोहाली वाले सेंटर में 60 विद्यार्थी हैं और कुछ कोर्स ऐसे हैं, जिनमें 1-2 विद्यार्थी हैं। इसलिए पंजाबी यूनिवर्सिटी ने रीजनल सेंटर को बंद करने का फैसला लिया है। साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए यूनिवर्सिटी से संबंधित कॉलेजों के अंदर दाखिला करवाया जा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई खराब न हो। - अरविंद, वाइस चांसलर, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला।
विद्यार्थियों ने रखी अपनी बात
नया खर्च डाल देता है मुश्किल में
मैं बीसीए और एमसीए का स्टूडेंट हूं और अभी मेरी पढ़ाई पूरी नहीं हुई। लेकिन पीयू मैनेजमेंट के फैसले ने मुश्किल में डाल दिया है। एक मध्य वर्गीय परिवार के लिए नया खर्च उठाना मुश्किल में डाल देता है।
- विशेक कुमार, स्टूडेंट, नयागांव।
शिफ्ट करने फैसला समझ से बाहर
पहले ही मेरा सेंटर बहुत दूर है और ऊपर से सेंटर को नई जगह पर शिफ्ट करने का फैसला समझ से बाहर है। यहां हमारी पढ़ाई बिल्कुल ठीक चल रही है, फिर भी पता नहीं दूसरे सेंटर में हम स्टूडेंट्स को शिफ्ट करके मैनेजमेंट आगे क्या करना चाहता है। - दीक्षा, पंचकूला।
खर्च के लिए पढ़ाई के साथ जॉब करनी थी
ट्राइसिटी के अंदर कोर्स करने का मकसद यह था कि पढ़ाई के साथ-साथ जॉब कर सकूं और भविष्य के लिए भी अच्छी जॉब ढूंढ पाऊं। बठिंडा से आकर यहां पीजी का खर्च कभी अपने पेरेंट्स पर नहीं पड़ने देना चाहती थी, इसलिए मोहाली में दाखिला लिया था। - संग्रामवीर कौर, बठिंडा।
पढ़ाई के साथ कर रहा था पार्ट टाइम जॉब
मैं पढ़ने के लिए घर से 1200 किलोमीटर दूर मोहाली आया था और पिज्जा सेंटर में पार्ट टाइम जॉब करके पढ़ाई का खर्च निकालता हूं। दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी के इस सेंटर के फैसले ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जिस सेंटर से दाखिला मिलेगा। क्या वहां मेरे लिए जॉब करना आसान होगा या नहीं।
- अभिषेक सिंह, गोरखपुर।
क्या कहते हैं सेंटर के स्थानीय प्रबंधक
मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती, इसके लिए पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के अधिकारियों से बात करके पूछ सकते हैं।
- रेखा भाटिया, पंजाबी यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर, फेज-7 मोहाली।