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Mohali News: वार्ड-27 में सीवर ओवरफ्लो, लोगों का निकलना हुआ मुश्किल, बच्चे-बुजुर्ग परेशान
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जीरकपुर। पटियाला हाईवे को भबात से जोड़ने वाले वार्ड-27 में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या गंभीर बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि सीवरेज का दूषित पानी सड़कों और रास्तों पर फैलने से लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर पानी रुकने से रास्तों की स्थिति खराब हो चुकी है। इसके साथ ही दिनभर दूषित पानी की बदबू के कारण आसपास का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। सीवरेज ओवरफ्लो के कारण सड़क पर फैला गंदा पानी पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है।
वाहनों के गुजरने पर दूषित पानी आसपास तक फैलता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क की सतह भी प्रभावित हो रही है और जगह-जगह गंदगी जमा हो रही है। जानकारी अनुसार, वार्ड के अंदर सीवरेज की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इसका समाधान करवाने के आश्वासन तक दिए। लेकिन सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या आज भी वैसी ही बनी हुई है। आलम यह है कि सीवरेज से ओवरफ्लो होने के बाद दूषित पानी निकासी व्यवस्था के बजाय सड़क पर पहुंच रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो गर्मी के मौसम में होती है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कॉलोनी में होने वाले सीवरेज ओवरफ्लो से सड़क किनारे और घरों के आसपास जमा दूषित पानी के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसा नहीं कि कॉलोनी वासियों ने अपनी परेशानी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए क्षेत्र के अंदर धरने भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सीवरेज व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं हो पाया है। इससे अलग समय-समय पर सफाई या पानी निकालने की कार्रवाई होने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति सुधरती है, परंतु दोबारा सीवरेज ओवरफ्लो होने से वही हालात बन जाते हैं।
वार्ड-27 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवरेज का दूषित पानी रास्तों पर फैल जाने से पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। दिनभर क्षेत्र में बदबू रहती है, जिससे आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या नई नहीं है और कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है। धरने और विरोध के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। प्रशासन को केवल सफाई करवाने के बजाय सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। -योगेश अरोड़ा, स्थानीय निवासी
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सीवर ओवरफ्लो होने से सड़क और गलियों में दूषित पानी जमा रहता है। इस कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही में सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार वाहनों के गुजरने से गंदा पानी आसपास तक फैल जाता है। लगातार बनी बदबू के कारण दुकानदारों और घरों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग को समस्या की जानकारी कई बार दी गई, लेकिन हर बार अस्थायी व्यवस्था के बाद स्थिति फिर खराब हो जाती है। लोगों की मांग है कि सीवरेज की क्षमता बढ़ाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि बार-बार ओवरफ्लो की समस्या न हो। -रीमा पुनिया, स्थानीय निवासी
वार्ड-27 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या का जल्द समाधान करवाया जाएगा। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। सीवर की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करवाकर दूषित पानी सड़कों पर फैलने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, जीरकपुर।
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वाहनों के गुजरने पर दूषित पानी आसपास तक फैलता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क की सतह भी प्रभावित हो रही है और जगह-जगह गंदगी जमा हो रही है। जानकारी अनुसार, वार्ड के अंदर सीवरेज की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इसका समाधान करवाने के आश्वासन तक दिए। लेकिन सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या आज भी वैसी ही बनी हुई है। आलम यह है कि सीवरेज से ओवरफ्लो होने के बाद दूषित पानी निकासी व्यवस्था के बजाय सड़क पर पहुंच रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू बनी रहती है। सबसे ज्यादा परेशानी तो गर्मी के मौसम में होती है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कॉलोनी में होने वाले सीवरेज ओवरफ्लो से सड़क किनारे और घरों के आसपास जमा दूषित पानी के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसा नहीं कि कॉलोनी वासियों ने अपनी परेशानी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए क्षेत्र के अंदर धरने भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सीवरेज व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं हो पाया है। इससे अलग समय-समय पर सफाई या पानी निकालने की कार्रवाई होने के बाद कुछ समय के लिए स्थिति सुधरती है, परंतु दोबारा सीवरेज ओवरफ्लो होने से वही हालात बन जाते हैं।
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वार्ड-27 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवरेज का दूषित पानी रास्तों पर फैल जाने से पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। दिनभर क्षेत्र में बदबू रहती है, जिससे आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या नई नहीं है और कई बार इसकी शिकायत की जा चुकी है। धरने और विरोध के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। प्रशासन को केवल सफाई करवाने के बजाय सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। -योगेश अरोड़ा, स्थानीय निवासी
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सीवर ओवरफ्लो होने से सड़क और गलियों में दूषित पानी जमा रहता है। इस कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही में सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार वाहनों के गुजरने से गंदा पानी आसपास तक फैल जाता है। लगातार बनी बदबू के कारण दुकानदारों और घरों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग को समस्या की जानकारी कई बार दी गई, लेकिन हर बार अस्थायी व्यवस्था के बाद स्थिति फिर खराब हो जाती है। लोगों की मांग है कि सीवरेज की क्षमता बढ़ाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि बार-बार ओवरफ्लो की समस्या न हो। -रीमा पुनिया, स्थानीय निवासी
वार्ड-27 में सीवर ओवरफ्लो की समस्या का जल्द समाधान करवाया जाएगा। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। सीवर की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करवाकर दूषित पानी सड़कों पर फैलने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा। -परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, जीरकपुर।