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सेक्टर 38 वेस्ट और मनीमाजरा में कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 09 Mar 2016 06:40 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : File
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पीजीआई और टाटा मेमोरियल सेंटर की ओर से जारी रिपोर्ट कहती है कि चंडीगढ़ में कैंसर की दर राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले काफी अधिक है। खासतौर पर महिलाओं में। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे तेजी से बढ़ रहा है, जो चिंताजनक है। चंडीगढ़ में प्रति एक लाख महिलाओं में कैंसर का अनुपात 105.0 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 97.4 है। इसी तरह से पुरुषों में भी कैंसर की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा रिकॉर्ड की गई है।
चंडीगढ़ में 6 लाख 6811 पुरुषों पर सर्वे किया गया। इनमें कुल 406 कैंसर के मरीज थे, जबकि 5 लाख 616 महिलाओं पर सर्वे किया। इनमें कैंसर के कुल 427 मरीज मिले। सेक्टर और इलाके वाइज कैंसर रोगियों की संख्या और उनसे होने वाली मौतों के आंकड़े देखें तो चंडीगढ़ के सेक्टर 38 वेस्ट और मनीमाजरा में कैंसर पीड़ितों की संख्या काफी ज्यादा है।
इन इलाकों में मौतें भी ज्यादा हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर 38 वेस्ट में कैंसर के कुल 46 केस रजिस्टर्ड किए गए। जिनमें से 22 की मौत हुई। इसी तरह मनीमाजरा में कैंसर के 46 केस दर्ज किए गए। जिनमें से 18 मरीजों ने दम तोड़ा है। मौलीजागरां और धनास में क्रमश: 23 व 26 मरीजों ने कैंसर के लिए पंजीकरण कराया।
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चंडीगढ़ में क्यों बढ़ रहा कैंसर
प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर व प्रोफेसर जेएस ठाकुर ने बताया कि महिलाओं में कैंसर बढ़ने की कई वजह हैं। लेकिन अगर ब्रेस्ट कैंसर के संबंध में बात की जाए तो इसके बढ़ने की एक वजह सेंट्रल ओबेसिटी (मोटापा) भी है। एक सर्वे के मुताबिक करीब 63 प्रतिशत महिलाएं फिजीकली एक्टिविटीज नहीं करती।
ब्रेस्ट के बाद सरवाइकिल कैंसर और फिर ओवरी कैंसर का रेट है। पुरुषों में लंग कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर की दर ज्यादा रिकॉर्ड की गई है। लंग कैंसर की मुख्य वजह स्मोकिंग और बदलता पर्यावरण है।
सेक्टरों में केस और मौतें
इलाका पुरुष महिला कुल केस मौत
सेक्टर 7 4 12 16 2
सेक्टर 8 6 5 11 2
सेक्टर 15 4 6 10 7
सेक्टर 20 15 9 24 4
सेक्टर 22 10 12 22 8
सेक्टर 37 11 9 20 5
सेक्टर 38 20 26 46 22
सेक्टर 45 15 16 31 10
रामदरबार 14 6 20 9
धनास 12 14 26 8
मनीमाजरा 17 29 46 18
मौलीजांगरा 11 12 23 9
इस तरह से आंकड़े किए जाते हैं इकट्ठे
कैंसर पंजीकरण का संपूर्ण डाटा हासिल करना आसान नहीं होता। इसके लिए पीजीआई की टीम को काफी मेहनत करनी पड़ती है। पीजीआई की टीम को चंडीगढ़ और मोहाली के सभी सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल से कैंसर के आंकड़े इकट्टे करने पड़ते हैं।
इसके अलावा लेबोरेटरीज, कैंसर सेल और बर्थ और डेथ रजिस्ट्रार ऑफिस से आंकड़े हासिल करने होते हैं। उसके बाद डाटा क्रॉस चेक करना पड़ता है। टीम के सदस्य मरीजों के घर जाते हैं और उनसे जानकारी हासिल करते हैं। कई बार उन्हें गलत पते पर भी जाना पड़ा।
ऐसे बचें कैंसर से
प्रोफेसर ठाकुर का कहना है कि कैंसर से बचने का एक मात्र रास्ता जागरूकता है। महिला हो या फिर पुरुष दोनों को रेगुलर एक्सरसाइज करना होगा। पौष्टिक भोजन खाएं। फास्ट फूड से बचें। कैंसर की स्क्रीनिंग करानी होगी। महिलाओं को ब्रेस्ट, सरवाइकल जैसे अन्य कैंसरों की समय-समय पर खुद जांच करानी चाहिए। पीजीआई सहित कई सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में जांच उपलब्ध है। इसी तरह पुरुषों को भी कदम उठाने चाहिए।
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चंडीगढ़ में 6 लाख 6811 पुरुषों पर सर्वे किया गया। इनमें कुल 406 कैंसर के मरीज थे, जबकि 5 लाख 616 महिलाओं पर सर्वे किया। इनमें कैंसर के कुल 427 मरीज मिले। सेक्टर और इलाके वाइज कैंसर रोगियों की संख्या और उनसे होने वाली मौतों के आंकड़े देखें तो चंडीगढ़ के सेक्टर 38 वेस्ट और मनीमाजरा में कैंसर पीड़ितों की संख्या काफी ज्यादा है।
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इन इलाकों में मौतें भी ज्यादा हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर 38 वेस्ट में कैंसर के कुल 46 केस रजिस्टर्ड किए गए। जिनमें से 22 की मौत हुई। इसी तरह मनीमाजरा में कैंसर के 46 केस दर्ज किए गए। जिनमें से 18 मरीजों ने दम तोड़ा है। मौलीजागरां और धनास में क्रमश: 23 व 26 मरीजों ने कैंसर के लिए पंजीकरण कराया।
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चंडीगढ़ में क्यों बढ़ रहा कैंसर
प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर व प्रोफेसर जेएस ठाकुर ने बताया कि महिलाओं में कैंसर बढ़ने की कई वजह हैं। लेकिन अगर ब्रेस्ट कैंसर के संबंध में बात की जाए तो इसके बढ़ने की एक वजह सेंट्रल ओबेसिटी (मोटापा) भी है। एक सर्वे के मुताबिक करीब 63 प्रतिशत महिलाएं फिजीकली एक्टिविटीज नहीं करती।
ब्रेस्ट के बाद सरवाइकिल कैंसर और फिर ओवरी कैंसर का रेट है। पुरुषों में लंग कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर की दर ज्यादा रिकॉर्ड की गई है। लंग कैंसर की मुख्य वजह स्मोकिंग और बदलता पर्यावरण है।
सेक्टरों में केस और मौतें
इलाका पुरुष महिला कुल केस मौत
सेक्टर 7 4 12 16 2
सेक्टर 8 6 5 11 2
सेक्टर 15 4 6 10 7
सेक्टर 20 15 9 24 4
सेक्टर 22 10 12 22 8
सेक्टर 37 11 9 20 5
सेक्टर 38 20 26 46 22
सेक्टर 45 15 16 31 10
रामदरबार 14 6 20 9
धनास 12 14 26 8
मनीमाजरा 17 29 46 18
मौलीजांगरा 11 12 23 9
इस तरह से आंकड़े किए जाते हैं इकट्ठे
कैंसर पंजीकरण का संपूर्ण डाटा हासिल करना आसान नहीं होता। इसके लिए पीजीआई की टीम को काफी मेहनत करनी पड़ती है। पीजीआई की टीम को चंडीगढ़ और मोहाली के सभी सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल से कैंसर के आंकड़े इकट्टे करने पड़ते हैं।
इसके अलावा लेबोरेटरीज, कैंसर सेल और बर्थ और डेथ रजिस्ट्रार ऑफिस से आंकड़े हासिल करने होते हैं। उसके बाद डाटा क्रॉस चेक करना पड़ता है। टीम के सदस्य मरीजों के घर जाते हैं और उनसे जानकारी हासिल करते हैं। कई बार उन्हें गलत पते पर भी जाना पड़ा।
ऐसे बचें कैंसर से
प्रोफेसर ठाकुर का कहना है कि कैंसर से बचने का एक मात्र रास्ता जागरूकता है। महिला हो या फिर पुरुष दोनों को रेगुलर एक्सरसाइज करना होगा। पौष्टिक भोजन खाएं। फास्ट फूड से बचें। कैंसर की स्क्रीनिंग करानी होगी। महिलाओं को ब्रेस्ट, सरवाइकल जैसे अन्य कैंसरों की समय-समय पर खुद जांच करानी चाहिए। पीजीआई सहित कई सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में जांच उपलब्ध है। इसी तरह पुरुषों को भी कदम उठाने चाहिए।