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वैज्ञानिक राजगोपालन वासुदेवन बोले- देश में इतनी प्लास्टिक नहीं कि सभी सड़कें प्लास्टिक की बना दें
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मोहाली। फेज-10 स्थित पीसीए स्टेडियम में पंजाबी इंजीनियर्स वेलफेयर सोसायटी (पीईडब्ल्यूएस) की ओर से इंजीनियर्स दिवस हाईब्रिड तौर से मनाया गया। इस अवसर पर पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों और नगर निगमों में काम करने वाले इंजीनियर मौजूद थे। इस मौके पर वेस्ट मैंनेजमेंट पर काम करने वाले प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक राजगोपालन वासुदेवन ने बतौर विशेष अतिथि एवं वक्ता के तौर पर शिरकत की। वह वर्तमान में थीयागाराजर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं और उन्होंने बेहतर, अधिक टिकाऊ, लागत प्रभावी सड़कों के निर्माण के लिए प्लास्टिक कचरे का पुन: इस्तेमाल करने के लिए एक अलग तरीका विकसित किया है।
इस मौके पर राजगोपालन वासुदेवन ने बताया एक किलोमीटर सड़क बनाने के लिए आपको एक टन प्लास्टिक की जरूरत होती है, जो कि 10 लाख प्लास्टिक कैरी बैग के समान है। आज भारत में 41 लाख किमी दूरी की सड़कें हैं, और हमारे पास इतनी प्लास्टिक नहीं है कि इन सभी को प्लास्टिक की सड़कों में बदल सकें। इसलिए हमें भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल करके प्लास्टिक के निपटाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर पंजाबी इंजीनियर्स वेलफेयर सोसायटी के प्रेसिडेंट इंजीनियर मनमोहन सिंह ने कहा कि देश के एक प्रमुख इंजीनियर भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती मनाने के लिए हर साल इंजीनियर्स दिवस मनाया जाता है। वह तेलंगाना में हैदराबाद शहर के लिए बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के मुख्य डिजाइनर थे, साथ ही मैसूर और क्वारी बांध में कृष्णा राजा सागर बांध के निर्माण के लिए चीफ इंजीनियर थे। उन्होंने इनके बेहतरीन निर्माण को पूरा करवाया। मनमोहन सिंह ने कहा कि इंजीनियरों ने दुनिया में महान सफलताएं हासिल की है। हमें केवल खुद को अपडेट करने की जरूरत है क्योंकि टेक्नोलॉजी हर पल अपने आप को अपडेट कर रही है। भारत में बड़ी संख्या में महान इंजीनियर हैं, लेकिन हमें अभी भी संख्या की तुलना में अधिक गुणवत्ता की आवश्यकता है। गुणवत्ता और एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि सोसायटी, पंजाब सरकार के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के सभी इंजीनियरिंग समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है और पंजाब राज्य में इंजीनियरिंग क्षेत्रों और स्थायी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सभी ईमानदार प्रयास करेगा। इस मौके पर एलएम थापर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक और डीन डॉ. पद्मकुमार नायर ने भी मौजूद थे।
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इस मौके पर राजगोपालन वासुदेवन ने बताया एक किलोमीटर सड़क बनाने के लिए आपको एक टन प्लास्टिक की जरूरत होती है, जो कि 10 लाख प्लास्टिक कैरी बैग के समान है। आज भारत में 41 लाख किमी दूरी की सड़कें हैं, और हमारे पास इतनी प्लास्टिक नहीं है कि इन सभी को प्लास्टिक की सड़कों में बदल सकें। इसलिए हमें भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल करके प्लास्टिक के निपटाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर पंजाबी इंजीनियर्स वेलफेयर सोसायटी के प्रेसिडेंट इंजीनियर मनमोहन सिंह ने कहा कि देश के एक प्रमुख इंजीनियर भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती मनाने के लिए हर साल इंजीनियर्स दिवस मनाया जाता है। वह तेलंगाना में हैदराबाद शहर के लिए बाढ़ सुरक्षा प्रणाली के मुख्य डिजाइनर थे, साथ ही मैसूर और क्वारी बांध में कृष्णा राजा सागर बांध के निर्माण के लिए चीफ इंजीनियर थे। उन्होंने इनके बेहतरीन निर्माण को पूरा करवाया। मनमोहन सिंह ने कहा कि इंजीनियरों ने दुनिया में महान सफलताएं हासिल की है। हमें केवल खुद को अपडेट करने की जरूरत है क्योंकि टेक्नोलॉजी हर पल अपने आप को अपडेट कर रही है। भारत में बड़ी संख्या में महान इंजीनियर हैं, लेकिन हमें अभी भी संख्या की तुलना में अधिक गुणवत्ता की आवश्यकता है। गुणवत्ता और एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि सोसायटी, पंजाब सरकार के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के सभी इंजीनियरिंग समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है और पंजाब राज्य में इंजीनियरिंग क्षेत्रों और स्थायी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सभी ईमानदार प्रयास करेगा। इस मौके पर एलएम थापर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक और डीन डॉ. पद्मकुमार नायर ने भी मौजूद थे।
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