{"_id":"62855539447cc27f860fe8c9","slug":"sanyukta-road-sangharsh-committee-starts-protest-outside-dc-office-mohali-news-pkl451047384","type":"story","status":"publish","title_hn":"संयुक्त रोड संघर्ष कमेटी ने डीसी दफ्तर के बाहर लगाया पक्का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संयुक्त रोड संघर्ष कमेटी ने डीसी दफ्तर के बाहर लगाया पक्का धरना
विज्ञापन
मोहाली। भारतमाला प्रोजेक्ट तहत आईटी सिटी से कुराली तक बनाई जाने वाली सड़क के लिए सरकार द्वारा अधिग्रहण की जाने वाली जमीन का जायज दाम न मिलने के खिलाफ संयुक्त रोड किसान कमेटी ने बुधवार डीसी ऑफिस के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉलियां खड़ी करके आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी।
इस दौरान किसानों ने टेंट लगाकर पक्का धरना लगाया और डीसी दफ्तर के सभी रास्ते बंद करते हुए किसी को अंदर नहीं जाने दिया। दूसरी ओर, धरने की शुरुआत पर प्रशासन ने पुलिस फोर्स की मदद से टेंट फाड़ दिए और धरना छोड़कर जाने के लिए कहा जिसे लेकर किसान व पुलिस के बीच झड़प हुई लेकिन इसकी जानकारी मिलने के बाद भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर पहुंच गए जिन्होंने सड़क पर ट्रैक्टर खड़े करके आवाजाही बंद करने के बाद टेंट लगाकर पक्का धरना लगा दिया।
किसान नेता रणबीर सिंह ग्रेवाल, जसपाल सिंह नियामियां, जगजीत सिंह कराला, लखविंदर सिंह कराला, हैप्पी, सतनाम सिंह खलौर, गुरजीत कौर, अंग्रेज सिंह, बलजिंदर सिंह शेखपुरा, हरजिंदर सिंह, दीदार सिंह, शुभम सिंह, करमजीत सिंह, जसवीर सिंह ग्रेवाल और अन्य ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों की जमीन एक्वायर के लिए जो कीमत दी जा रही है वो मार्केट रेट से बहुत कम हैं। दूसरी ओर, रेवेन्यू विभाग के अफसर द्वारा किसानों से बार-बार कहा जा रहा है कि उन्हें अपनी जमीन देनी ही पड़ेगी, इस कारण किसानों में भारी रोष है। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी जमीन सही दाम नहीं मिलता तब तक वह अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों की मांग है कि एनएचएआई द्वारा डेराबस्सी की ओर बनाई जा रही सड़क के अवार्ड के खिलाफ शुरू की गई अदालती कार्रवाई खत्म की जाए और उनकी जमीन का अवार्ड देने के लिए किसानों और अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बनाकर नए सिरे से अवार्ड जारी किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान किसानों ने टेंट लगाकर पक्का धरना लगाया और डीसी दफ्तर के सभी रास्ते बंद करते हुए किसी को अंदर नहीं जाने दिया। दूसरी ओर, धरने की शुरुआत पर प्रशासन ने पुलिस फोर्स की मदद से टेंट फाड़ दिए और धरना छोड़कर जाने के लिए कहा जिसे लेकर किसान व पुलिस के बीच झड़प हुई लेकिन इसकी जानकारी मिलने के बाद भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर पहुंच गए जिन्होंने सड़क पर ट्रैक्टर खड़े करके आवाजाही बंद करने के बाद टेंट लगाकर पक्का धरना लगा दिया।
विज्ञापन
किसान नेता रणबीर सिंह ग्रेवाल, जसपाल सिंह नियामियां, जगजीत सिंह कराला, लखविंदर सिंह कराला, हैप्पी, सतनाम सिंह खलौर, गुरजीत कौर, अंग्रेज सिंह, बलजिंदर सिंह शेखपुरा, हरजिंदर सिंह, दीदार सिंह, शुभम सिंह, करमजीत सिंह, जसवीर सिंह ग्रेवाल और अन्य ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों की जमीन एक्वायर के लिए जो कीमत दी जा रही है वो मार्केट रेट से बहुत कम हैं। दूसरी ओर, रेवेन्यू विभाग के अफसर द्वारा किसानों से बार-बार कहा जा रहा है कि उन्हें अपनी जमीन देनी ही पड़ेगी, इस कारण किसानों में भारी रोष है। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी जमीन सही दाम नहीं मिलता तब तक वह अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों की मांग है कि एनएचएआई द्वारा डेराबस्सी की ओर बनाई जा रही सड़क के अवार्ड के खिलाफ शुरू की गई अदालती कार्रवाई खत्म की जाए और उनकी जमीन का अवार्ड देने के लिए किसानों और अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बनाकर नए सिरे से अवार्ड जारी किया जाए।
विज्ञापन