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Mohali News: दिल्ली से निजी कंपनियां बुलाकर सफाईकर्मियों छीनी जा रही रोजी-रोटी
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जीरकपुर। नगर परिषद जीरकपुर में शुक्रवार को सफाई कर्मियों की समस्याएं सुनने के लिए नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के सदस्य प्रियंक कानूनगो विशेष रूप से पहुंचे। उनके साथ एडीसी मोहाली अनमोल सिंह भी मौजूद रहे। कानूनगो ने वाल्मीकि समाज से जुड़े सफाई कर्मचारियों की शिकायतों और परेशानियों को विस्तार से सुना।
कानूनगो ने कहा कि पंजाब में सफाईकर्मियों पर हो रही कार्रवाई चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दिल्ली से निजी कंपनियों को बुलाकर स्थानीय सफाईकर्मियों की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि कई सफाई कर्मचारी घर-घर से कूड़ा उठाकर छोटी-छोटी फीस के सहारे अपना गुजारा कर रहे हैं, लेकिन उनके ई-रिक्शा और रेड़ियो पर पांच-पांच हजार रुपये के चालान काटकर दबाव में लाया जा रहा है। इसे उन्होंने 1911 के ब्रिटिश शासन में लगाए जाने वाले जुर्मानों से तुलना कर अन्यायपूर्ण बताया। कानूनगो ने चेतावनी दी कि यदि वाल्मीकि समाज को कचरा प्रबंधन कार्य से हटाने की कोशिश की गई, तो इससे बाहरी और अवैध प्रवासियों को बढ़ावा मिलेगा, जो सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन प्रतिबद्ध है।
राज्य सरकार को निर्देश जारी किए गए हैं। यदि पंजाब में वाल्मीकि समाज की रोजी-रोटी पर प्रहार हुआ, तो जिम्मेदार लोगों को इसका जवाब देना पड़ेगा। इस मौके पर एडीसी मोहाली अनमोल सिंह ने भरोसा दिलाया कि सफाई कर्मियों, गार्बेज कलेक्टरों और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े सभी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाता है। समय-समय पर मीटिंग कर समाधान की दिशा में काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये सभी कर्मचारी प्रशासन का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। बैठक में नगर परिषद जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी, चरणपाल सिंह, एटीपी लखबीर सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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कानूनगो ने कहा कि पंजाब में सफाईकर्मियों पर हो रही कार्रवाई चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दिल्ली से निजी कंपनियों को बुलाकर स्थानीय सफाईकर्मियों की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि कई सफाई कर्मचारी घर-घर से कूड़ा उठाकर छोटी-छोटी फीस के सहारे अपना गुजारा कर रहे हैं, लेकिन उनके ई-रिक्शा और रेड़ियो पर पांच-पांच हजार रुपये के चालान काटकर दबाव में लाया जा रहा है। इसे उन्होंने 1911 के ब्रिटिश शासन में लगाए जाने वाले जुर्मानों से तुलना कर अन्यायपूर्ण बताया। कानूनगो ने चेतावनी दी कि यदि वाल्मीकि समाज को कचरा प्रबंधन कार्य से हटाने की कोशिश की गई, तो इससे बाहरी और अवैध प्रवासियों को बढ़ावा मिलेगा, जो सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन प्रतिबद्ध है।
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राज्य सरकार को निर्देश जारी किए गए हैं। यदि पंजाब में वाल्मीकि समाज की रोजी-रोटी पर प्रहार हुआ, तो जिम्मेदार लोगों को इसका जवाब देना पड़ेगा। इस मौके पर एडीसी मोहाली अनमोल सिंह ने भरोसा दिलाया कि सफाई कर्मियों, गार्बेज कलेक्टरों और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े सभी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाता है। समय-समय पर मीटिंग कर समाधान की दिशा में काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये सभी कर्मचारी प्रशासन का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। बैठक में नगर परिषद जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी, चरणपाल सिंह, एटीपी लखबीर सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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