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समगौली डंपिंग ग्राउंड : 50 में से केवल 39 एकड़ भूमि का हुआ अधिग्रहण
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मोहाली। कूड़े की समस्या को लेकर समगौली में बन रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (डंपिंग ग्राउंड) को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि मोहाली निवासियों के स्वास्थ्य और सफाई से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को सरकार राजनीतिक हथियार बना रही है। उन्होंने कहा कि मोहाली शहर प्रतिदिन 150 टन से अधिक कूड़ा निकलता है, जबकि ठेका केवल 100 टन के प्रबंधन का है। इस कारण कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं, जो न केवल दुर्गंध फैलाते हैं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बने हैं। मोहाली शहर में आज तक कोई डंपिंग ग्राउंड नहीं है, सारा कूड़ा आरएमसी पॉइंट्स पर डाला जा रहा है। लोग नारकीय हालात में जी रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है। दस्तावेजों का हवाला देकर मेयर का कहना है कि समगौली में 50 एकड़ भूमि में से 39 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। 35 लाख रुपये की लागत से चारदीवारी का निर्माण किया गया है, जबकि 11 एकड़ भूमि अभी भी राजस्व विभाग के पास लंबित है। इसे विभाग क्लीयर नहीं कर रहा है। इस कारण कूड़े की समस्या बढ़ती जा रही है।
27 करोड़ की है योजना
उन्होंने कहा कि यहां बायोगैस प्लांट लगाया जाना है। इस बायोगैस प्लांट के लिए एचपीसीएल और गेल कंपनियों ने सर्वेक्षण किया है। 27 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की गई है। यह पूरा प्रोजेक्ट पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (पीएमआईडीसी) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाना है। यह फाइल भी मार्च 2025 से मुख्यालय में लंबित है। मेयर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल मोहाली बल्कि पूरे गमाडा क्लस्टर (डेराबस्सी, बनूड़, लालड़ू, नयागांव, जीरकपुर) के लिए एक बड़ी स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल योजना साबित हो सकती है।
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27 करोड़ की है योजना
उन्होंने कहा कि यहां बायोगैस प्लांट लगाया जाना है। इस बायोगैस प्लांट के लिए एचपीसीएल और गेल कंपनियों ने सर्वेक्षण किया है। 27 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की गई है। यह पूरा प्रोजेक्ट पंजाब म्यूनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (पीएमआईडीसी) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाना है। यह फाइल भी मार्च 2025 से मुख्यालय में लंबित है। मेयर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल मोहाली बल्कि पूरे गमाडा क्लस्टर (डेराबस्सी, बनूड़, लालड़ू, नयागांव, जीरकपुर) के लिए एक बड़ी स्वच्छता और पर्यावरण अनुकूल योजना साबित हो सकती है।
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