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सैदपुरावासियों को छह साल में भी नहीं मिल पाईं सुविधाएं
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डेराबस्सी के गांव सैदपुरा में लगे कूड़े के ढेर में मुंह मारते लावारिस पशु।
- फोटो : ?????????
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डेराबस्सी। बरवाला रोड पर स्थित गांव सैदपुरा को नगर परिषद में शामिल हुए छह साल से अधिक समय बीत गया है। लंबा समय बीतने के बाद भी लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। गांव में सबसे ज्यादा परेशानी गंदगी की है। यहां डंपिंग ग्राउंड बनाया गया है, जहां कूड़ा फैला रहता है। गंदगी के ढेरों में पशु मुंह मारते रहते हैं। इससे उठने वाली बदबू से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गांव में सीवरेज की समस्या भी गंभीर हैं। सीवरेज लाइन के लिए खुदाई होने से सड़कों की हालत खराब हो गई है। सैदपुरा में पीने वाले पानी की भी किल्लत रहती है। लोगों को टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है। गांव में सड़कों के साथ ही गलियों की हालत भी दयनीय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या का समाधान करवाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी हर बार आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
क्या कहते हैं गांव निवासी...
गांव में फैली रहती है गंदगी
बरवाला मार्ग पर स्थित यह गांव इलाके के अहम गांवों में से है, जिसकी आबादी पांच हजार के करीब है। नगर परिषद ने यहां डंपिंग ग्राउंड स्थापित कर दिया है। यहां सारे शहर का कूड़ा गिराया जाता है। हर समय गंदगी के ढेरों से बदबू उठती रहती है। रोजाना कूड़े के ढेर को आग लगा दी जाती है, जिसके धुएं से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। कूड़े के ढेरों पर लावारिस पशु सारा दिन मुंह मारते रहते हैं, जो लोगों पर हमला तक कर देते हैं। -साहिल
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सीवरेज लाइन की समस्या गंभीर
गांव को छह साल पहले नगर पषिद में शामिल किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि छह माह के भीतर गांव में सीवरेज लाइन बिछा दी जाएगी। अब छह साल बीतने के बावजूद लोगों को यह सुविधा नहीं दी गई है। गांव में सीवरेज लाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन अभी तक किसी को कनेक्शन नहीं दिया गया है। इसके अलावा सीवरेज लाइन के लिए काफी समय पहले खुदाई की गई थी, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। -अजय कुमार
पक्की नहीं हैं ज्यादातर गलियां
गांव में ज्यादातर गलियां पक्की नहीं की गई हैं। अब चुनावों को देखते हुए गांव की फिरनी सहित अन्य गलियों को पक्का करने का कार्य शुरू किया गया है। लेकिन अभी तक काफी फिरनी कच्ची पड़ी हैं। इसके अलावा गांव में कुछ गलियों की हालत भी खराब है। गांव में सफाई का प्रबंध सही नहीं है। गांव में चार सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन वे अपना कार्य ठीक तरीके से नहीं करते हैं। दूषित पानी गलियों में जमा हो जाता है। - अंकित
पानी की होती है किल्लत
पीने वाले पानी की समस्या गांव में बढ़ती जा रही है। गांव में पानी की सप्लाई की लाइन तो बिछाई हुई है, लेकिन फिर भी आए दिन पानी की किल्लत पैदा हो जाती है। पानी की आपूर्ति बाधित होने पर इसे दो-तीन तक ठीक नहीं किया जाता है। पानी की किल्लत होने पर यहां टैंकरों से भी आपूर्ति करने का प्रबंध नहीं है। यहां कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। बार-बार शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - हरविंदर सिंह
कोट्
जिन तीन गांवों में सीवरेज लाइन बिछाई गई है उनमें गांव सैदपुरा भी शामिल है। यहां जल्द सीवरेज के कनेक्शन भी जोड़ दिए जाएंगे। गांव में अन्य समस्याओं का समाधान करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। -जगजीत सिंह, ईओ नगर परिषद, डेराबस्सी।
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इसके अलावा गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गांव में सीवरेज की समस्या भी गंभीर हैं। सीवरेज लाइन के लिए खुदाई होने से सड़कों की हालत खराब हो गई है। सैदपुरा में पीने वाले पानी की भी किल्लत रहती है। लोगों को टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है। गांव में सड़कों के साथ ही गलियों की हालत भी दयनीय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या का समाधान करवाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी हर बार आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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क्या कहते हैं गांव निवासी...
गांव में फैली रहती है गंदगी
बरवाला मार्ग पर स्थित यह गांव इलाके के अहम गांवों में से है, जिसकी आबादी पांच हजार के करीब है। नगर परिषद ने यहां डंपिंग ग्राउंड स्थापित कर दिया है। यहां सारे शहर का कूड़ा गिराया जाता है। हर समय गंदगी के ढेरों से बदबू उठती रहती है। रोजाना कूड़े के ढेर को आग लगा दी जाती है, जिसके धुएं से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। कूड़े के ढेरों पर लावारिस पशु सारा दिन मुंह मारते रहते हैं, जो लोगों पर हमला तक कर देते हैं। -साहिल
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सीवरेज लाइन की समस्या गंभीर
गांव को छह साल पहले नगर पषिद में शामिल किया गया था। उस समय दावा किया गया था कि छह माह के भीतर गांव में सीवरेज लाइन बिछा दी जाएगी। अब छह साल बीतने के बावजूद लोगों को यह सुविधा नहीं दी गई है। गांव में सीवरेज लाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन अभी तक किसी को कनेक्शन नहीं दिया गया है। इसके अलावा सीवरेज लाइन के लिए काफी समय पहले खुदाई की गई थी, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। -अजय कुमार
पक्की नहीं हैं ज्यादातर गलियां
गांव में ज्यादातर गलियां पक्की नहीं की गई हैं। अब चुनावों को देखते हुए गांव की फिरनी सहित अन्य गलियों को पक्का करने का कार्य शुरू किया गया है। लेकिन अभी तक काफी फिरनी कच्ची पड़ी हैं। इसके अलावा गांव में कुछ गलियों की हालत भी खराब है। गांव में सफाई का प्रबंध सही नहीं है। गांव में चार सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन वे अपना कार्य ठीक तरीके से नहीं करते हैं। दूषित पानी गलियों में जमा हो जाता है। - अंकित
पानी की होती है किल्लत
पीने वाले पानी की समस्या गांव में बढ़ती जा रही है। गांव में पानी की सप्लाई की लाइन तो बिछाई हुई है, लेकिन फिर भी आए दिन पानी की किल्लत पैदा हो जाती है। पानी की आपूर्ति बाधित होने पर इसे दो-तीन तक ठीक नहीं किया जाता है। पानी की किल्लत होने पर यहां टैंकरों से भी आपूर्ति करने का प्रबंध नहीं है। यहां कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। बार-बार शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - हरविंदर सिंह
कोट्
जिन तीन गांवों में सीवरेज लाइन बिछाई गई है उनमें गांव सैदपुरा भी शामिल है। यहां जल्द सीवरेज के कनेक्शन भी जोड़ दिए जाएंगे। गांव में अन्य समस्याओं का समाधान करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। -जगजीत सिंह, ईओ नगर परिषद, डेराबस्सी।