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Mohali News: अफवाहों से धीमी पड़ी रफ्तार, एचपीवी के टीकाकरण से सहमे अभिभावक
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मोहाली। जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारियों और वीडियो के कारण अभिभावक अपनी बेटियों को टीका लगवाने से हिचक रहे हैं। अभियान शुरू होने के चार माह से अधिक समय बाद भी लक्ष्य से काफी कम टीकाकरण हुआ है।
जिला टीकाकरण अधिकारी गिरीश डोगरा ने बताया कि यह अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसका लक्ष्य 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 12,237 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाना था। हालांकि, अब तक केवल 339 किशोरियों का ही टीकाकरण हो सका है। यह लक्ष्य का बहुत छोटा हिस्सा है। डोगरा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का सहयोग बेहतर है। वहीं, शहरों में कई अभिभावक अभी भी टीके को लेकर संकोच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित गलत वीडियो और अफवाहों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। यह टीका किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करता है।
जागरूकता अभियान और विभाग के प्रयास: स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सही जानकारी दे रहा है। विभाग के पास टीका लगवाने वाली किशोरियों की सूची और संपर्क विवरण उपलब्ध हैं। एसएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें फोन के माध्यम से परिवारों से संपर्क कर रही हैं। इसके अलावा, घर-घर जाकर भी अभिभावकों को टीके के फायदे बताए जा रहे हैं। उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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जिला टीकाकरण अधिकारी गिरीश डोगरा ने बताया कि यह अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसका लक्ष्य 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 12,237 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाना था। हालांकि, अब तक केवल 339 किशोरियों का ही टीकाकरण हो सका है। यह लक्ष्य का बहुत छोटा हिस्सा है। डोगरा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का सहयोग बेहतर है। वहीं, शहरों में कई अभिभावक अभी भी टीके को लेकर संकोच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित गलत वीडियो और अफवाहों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। यह टीका किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करता है।
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जागरूकता अभियान और विभाग के प्रयास: स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सही जानकारी दे रहा है। विभाग के पास टीका लगवाने वाली किशोरियों की सूची और संपर्क विवरण उपलब्ध हैं। एसएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें फोन के माध्यम से परिवारों से संपर्क कर रही हैं। इसके अलावा, घर-घर जाकर भी अभिभावकों को टीके के फायदे बताए जा रहे हैं। उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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