{"_id":"68b5fa81028d97061b01c727","slug":"road-accident-accused-jasdeep-singh-gets-bail-mohali-news-c-71-1-spkl1025-132998-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: सड़क दुर्घटना के आरोपी जसदीप सिंह को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: सड़क दुर्घटना के आरोपी जसदीप सिंह को मिली जमानत
विज्ञापन
मोहाली। मोहाली की एक अदालत ने सड़क दुर्घटना के मामले में आरोपी जसदीप सिंह को नियमित जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। आरोपी पर लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का कारण बनने का आरोप है। सत्र न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले के निपटारे में काफी समय लगेगा इसलिए आरोपी को अनिश्चित काल तक जेल में रखना उचित नहीं है।
आरोपी जसदीप सिंह के खिलाफ 2019 में डेराबस्सी थाने में आईपीसी की धारा 279 और 304-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। वकील ने अदालत को बताया कि मामला 15 जुलाई 2021 को अदालत में पेश किया गया था और उस समय आरोपी को जमानत मिल गई थी। हालांकि वह 8 मई 2023 को अदालती कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहा। इस कारण उसके जमानत बांड रद्द कर दिए गए। इसके बाद 2 जनवरी, 2025 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। आरोपी को 4 अगस्त 2025 को फिर से गिरफ्तार किया और तब से वह हिरासत में है।
आरोपी के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल की अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं थी क्योंकि उसे अदालती कार्यवाही की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को अब आरोपी की जरूरत नहीं है और उससे अभी कुछ भी बरामद नहीं हुआ है।
विज्ञापन
दूसरी ओर सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पहले भी अदालती कार्यवाही से फरार हो चुका है और अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह फिर से फरार हो सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपनी गलती से सबक सीखा है। अदालत ने आरोपों की प्रकृति और मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत देने का फैसला किया। अदालत ने कहा कि मामले का अंतिम फैसला आने में काफी समय लग सकता है इसलिए आरोपी को बेवजह हिरासत में रखना ठीक नहीं है। जमानत देते हुए अदालत ने शर्त लगाई है कि आरोपी को अदालत में 5 हजार रुपये का जुर्माना जमा करना होगा और हर सुनवाई की तारीख पर अदालत में पेश होना होगा। साथ ही उसे सबूतों से छेड़छाड़ न करने और अदालत की अनुमति के बिना देश न छोड़ने की भी शर्त रखी गई है।
विज्ञापन
आरोपी जसदीप सिंह के खिलाफ 2019 में डेराबस्सी थाने में आईपीसी की धारा 279 और 304-ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। वकील ने अदालत को बताया कि मामला 15 जुलाई 2021 को अदालत में पेश किया गया था और उस समय आरोपी को जमानत मिल गई थी। हालांकि वह 8 मई 2023 को अदालती कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहा। इस कारण उसके जमानत बांड रद्द कर दिए गए। इसके बाद 2 जनवरी, 2025 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। आरोपी को 4 अगस्त 2025 को फिर से गिरफ्तार किया और तब से वह हिरासत में है।
विज्ञापन
आरोपी के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल की अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं थी क्योंकि उसे अदालती कार्यवाही की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को अब आरोपी की जरूरत नहीं है और उससे अभी कुछ भी बरामद नहीं हुआ है।
विज्ञापन
दूसरी ओर सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पहले भी अदालती कार्यवाही से फरार हो चुका है और अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह फिर से फरार हो सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपनी गलती से सबक सीखा है। अदालत ने आरोपों की प्रकृति और मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत देने का फैसला किया। अदालत ने कहा कि मामले का अंतिम फैसला आने में काफी समय लग सकता है इसलिए आरोपी को बेवजह हिरासत में रखना ठीक नहीं है। जमानत देते हुए अदालत ने शर्त लगाई है कि आरोपी को अदालत में 5 हजार रुपये का जुर्माना जमा करना होगा और हर सुनवाई की तारीख पर अदालत में पेश होना होगा। साथ ही उसे सबूतों से छेड़छाड़ न करने और अदालत की अनुमति के बिना देश न छोड़ने की भी शर्त रखी गई है।