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अब दशहरा पर न जलाए रावण, डीसी से मिली संस्थाएं
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मोहाली। रामलीला शुरू होने में अभी कुछ समय ही शेष रह गया है, लेकिन इससे पहले ही इस बार कई संस्थाएं एकजुट हो गईं। वे मांग कर रही हैं कि इस बार दशहरे रावण के पुतले न जलाए जाएं क्योंकि एक तो रावण विद्वान था। दूसरा पुतलों को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। लोगों ने सोमवार को इस संबंधी डीसी मोहाली के नाम एडीसी मोहाली को मांग पत्र सौंपा गया। पत्र की कापियां मुख्य सचिव पंजाब सरकार, गृह सचिव, चेयरपर्सन एससी कमिशन पंजाब तथा एसडीएम खरड़ को भी भेजी गई हैं।
पावर आफ सोशल यूनिटी के मेंबर बलजीत सिंह, मेवा सिंह पुरखाली अध्यक्ष आजाद भारत मिशन, वेद प्रकाश अध्यक्ष भगवान वाल्मीकि सभा खरड़, अमर चंद, रेशम सिंह नरेगा वर्कर फ्रंट पंजाब, बलविंद्र सिंह कुंभड़ा अध्यक्ष पंचायत यूनियन जिला मोहाली, गुरमुख सिंह ढोलणमाजरा, संदीप कुमार खरड़, जगदीप सिंह आदि ने कहा कि समूचे दलित समाज में रावण को महात्मा के तौर पर माना जाता है। पावर आफ सोशल यूनिटी के मेंबर बलजीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष दशहरे पर महात्मा रावण के पुतले बनाकर विभिन्न जगह पर जलाए जाते हैं।
इसके अलावा रामलीला में भी महात्मा रावण के चरित्र को भी घटिया करके दिखाया जाता है। जिस के साथ दलित भाईचारे की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि महात्मा रावण के पुतले जला कर बड़ी मात्रा में प्रदूषण फैलाया जाता है। अब जब सरकारें प्रदूषण को रोकने में जुटी हुई हैं तथा इसके साथ दलित भाईचारे की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। इस वजह से दशहरे के मौके पर महात्मा रावण के पुतले जलाने पर पाबंदी के आदेश जारी किए गएं। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि अगर फिर भी दशहरे के मौके पर किसी भी दशहरा कमेटी या फिर किसी अन्य संस्थाओं द्वारा महात्मा रावण के पुतले जलाए गए तो दलित समाज द्वारा इसका विरोध किया जाएगा। पुतले जलाने वाली कमेटियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कानूनी कार्रवाई करवाने की मांग भी की जाएगी।
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प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड भी दे ध्यान : कुंभड़ा
पंचायत यूनियन के जिला अध्यक्ष बलविन्द्र सिंह कुंभड़ा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष महात्मा रावण, वीर कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतलों को आग लगाई जाती है। पंजाब सहित अन्य राज्यों में भी बड़े स्तर पर वायु तथा ध्वनि प्रदूषण दशहरे पर फैलाया जाता है जिस का कोई मायना ही नहीं है और न ही इससे समाज में कोई सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि दशहरे पर महात्मा रावण, वीर कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतले जलाने पर फैलने वाले प्रदूषण पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी पाबंदी लगानी चाहिए।
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पावर आफ सोशल यूनिटी के मेंबर बलजीत सिंह, मेवा सिंह पुरखाली अध्यक्ष आजाद भारत मिशन, वेद प्रकाश अध्यक्ष भगवान वाल्मीकि सभा खरड़, अमर चंद, रेशम सिंह नरेगा वर्कर फ्रंट पंजाब, बलविंद्र सिंह कुंभड़ा अध्यक्ष पंचायत यूनियन जिला मोहाली, गुरमुख सिंह ढोलणमाजरा, संदीप कुमार खरड़, जगदीप सिंह आदि ने कहा कि समूचे दलित समाज में रावण को महात्मा के तौर पर माना जाता है। पावर आफ सोशल यूनिटी के मेंबर बलजीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष दशहरे पर महात्मा रावण के पुतले बनाकर विभिन्न जगह पर जलाए जाते हैं।
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इसके अलावा रामलीला में भी महात्मा रावण के चरित्र को भी घटिया करके दिखाया जाता है। जिस के साथ दलित भाईचारे की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि महात्मा रावण के पुतले जला कर बड़ी मात्रा में प्रदूषण फैलाया जाता है। अब जब सरकारें प्रदूषण को रोकने में जुटी हुई हैं तथा इसके साथ दलित भाईचारे की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। इस वजह से दशहरे के मौके पर महात्मा रावण के पुतले जलाने पर पाबंदी के आदेश जारी किए गएं। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि अगर फिर भी दशहरे के मौके पर किसी भी दशहरा कमेटी या फिर किसी अन्य संस्थाओं द्वारा महात्मा रावण के पुतले जलाए गए तो दलित समाज द्वारा इसका विरोध किया जाएगा। पुतले जलाने वाली कमेटियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कानूनी कार्रवाई करवाने की मांग भी की जाएगी।
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प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड भी दे ध्यान : कुंभड़ा
पंचायत यूनियन के जिला अध्यक्ष बलविन्द्र सिंह कुंभड़ा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष महात्मा रावण, वीर कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतलों को आग लगाई जाती है। पंजाब सहित अन्य राज्यों में भी बड़े स्तर पर वायु तथा ध्वनि प्रदूषण दशहरे पर फैलाया जाता है जिस का कोई मायना ही नहीं है और न ही इससे समाज में कोई सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि दशहरे पर महात्मा रावण, वीर कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतले जलाने पर फैलने वाले प्रदूषण पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी पाबंदी लगानी चाहिए।