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बारिश से कच्चे मकान की छत गिरी, बाल-बाल बचा परिवार
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डेराबस्सी में कच्चे मकान की छत गिरने के बारे में जानकारी देती महिला।
- फोटो : MOHALI
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डेराबस्सी। वार्ड नंबर चार में शनिवार सुबह हुई भारी बारिश से एक कच्चे मकान की छत गिर गई। घर में रह रहा परिवार बाल-बाल बच गया। घर की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि उसके एक अन्य कमरे की छत भी गिरने वाली है।
मकान मालिक दलेर सिंह की पत्नी ने बताया कि वह लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहे हैं। उनके पास छत ठीक करवाने के लिए पैसे नहीं हैं। सुबह हुई बारिश से एक कमरे की कच्ची छत गिर गई। इस कमरे में उसका पति सोया था, जो कुछ समय पहले ही वहां से उठकर भैंसों को चारा देने गया था, जिस कारण वह बाल-बाल बच गया। वह दूसरे कमरे में थे, नहीं तो वह भी हादसे का शिकार हो सकते थे। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि गरीब लोगों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई कच्चे मकान को पक्का करने की स्कीम के तहत वह कई बार फार्म भरकर दे चुके हैं, बावजूद इसके उन्हेें अब तक सरकार से सहायता राशि नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकारी स्कीम के तहत मकान की हालत सुधारने की मांग की।
वर्जन
सोमवार को दफ्तर पहुंचकर दस्तावेजों को देखने के बाद पता लग सकेगा कि स्कीम के पैसे उक्त परिवार को किस कारण से नहीं मिल सके।
-सुखजिंद्र सिंह सिद्धू, ईओ, नगर काउंसिल।
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मकान मालिक दलेर सिंह की पत्नी ने बताया कि वह लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहे हैं। उनके पास छत ठीक करवाने के लिए पैसे नहीं हैं। सुबह हुई बारिश से एक कमरे की कच्ची छत गिर गई। इस कमरे में उसका पति सोया था, जो कुछ समय पहले ही वहां से उठकर भैंसों को चारा देने गया था, जिस कारण वह बाल-बाल बच गया। वह दूसरे कमरे में थे, नहीं तो वह भी हादसे का शिकार हो सकते थे। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि गरीब लोगों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई कच्चे मकान को पक्का करने की स्कीम के तहत वह कई बार फार्म भरकर दे चुके हैं, बावजूद इसके उन्हेें अब तक सरकार से सहायता राशि नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकारी स्कीम के तहत मकान की हालत सुधारने की मांग की।
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सोमवार को दफ्तर पहुंचकर दस्तावेजों को देखने के बाद पता लग सकेगा कि स्कीम के पैसे उक्त परिवार को किस कारण से नहीं मिल सके।
-सुखजिंद्र सिंह सिद्धू, ईओ, नगर काउंसिल।