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सख्ती: हेल्थ सप्लीमेंट बेचने वाली दुकानों और उत्पादक इकाईयों पर दबिश, सेहत विभाग और एफएसएसएआई ने की कार्रवाई
Fri, 17 Sep 2021 04:02 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 17 Sep 2021 04:02 PM IST
सार
टीम ने कहा कि फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन घटिया व गुमराह करने वाले ब्रांड हेल्थ सप्लीमेंट के उत्पादों व बिक्री को लेकर पूरी तरह चौकस है। घटिया सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियां व बेचने वाले दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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मोहाली में सेहत विभाग ने दी दबिश।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मोहाली सेहत विभाग के सीनियर अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को हेल्थ सप्लीमेंट बेचने वाली दुकानों और उत्पादन करने वाली इकाईयों में शिकंजा कसते हुए छापेमारी की। जांच टीम में दिल्ली से पहुंचे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई ) के ज्वाइंट डायरेक्टर बी आचार्य भी शामिल थे। इस दौरान एक उत्पादन इकाई से कैंडीजैड की दस हजार गोलियां जब्त की गईं। यह गोलियां खुराक सुरक्षा कानून के नियमों के मुताबिक नहीं थी। इसी तरह डैमसी-500 गोली भी नियमों के मुताबिक नहीं थी। इस पर कंपनी को बाजार से यह गोली वापस लेने के आदेश दिए गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को छापेमारी में एफएसएसएआई के पंजाब समेत कई राज्यों के इंचार्ज बी आचार्य, डीएचओ डॉ. सुभाष कुमार और फूड सेफ्टी अफसर रवि नंदन गोयल भी शामिल थे। डॉ. आचार्य ने बताया कि चेकिंग के दौरान एक उत्पादन इकाई से कैंडीजैड की दस हजार गोलियां जब्त की गई। यह गोलियां खुराक सुरक्षा कानून के नियमों के मुताबिक नहीं थी। इसी तरह डैमसी-500 गोली भी नियमों के मुताबिक नहीं थी। इस पर कंपनी को बाजार से यह गोली वापस लेने के आदेश दिए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि डैमसी-500 की तलाश में अन्य स्थानों की भी चेकिंग की गई। कुराली की एक फैक्टरी की भी जांच की गई। कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। क्योंकि वहां के सप्लीमेंट नियमों के मुताबिक नहीं थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन घटिया व गुमराह करने वाले ब्रांड हेल्थ सप्लीमेंट के उत्पादों व बिक्री को लेकर पूरी तरह चौकस है। घटिया सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियां व बेचने वाले दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जिन फैक्टरियों से यह गोलियां मिली हैं, उन कंपनियों को बाजार में उतारी सारी गोलियां वापस लाने और ऐसी गोलियां न बेचने की हिदायत दी गई है।
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फूड सप्लीमेंट बनाने वालों को यह मानक भी करने होंगे पूरे
आचार्य ने बताया कि हेल्थ सप्लीमेंट बनाने वाली सारी कंपनियों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। अगर उनके पास राज्य का लाइसेंस है तो उन्हें यह लाइसेंस केंद्रीय लाइसेंस में तबदील करवाने की जरूरत है। इसके लिए एफएसएसएआई के पोर्टल पर अप्लाई किया सकता है। इस प्रक्रिया में कंपनी का लाइसेंस नंबर पहले वाला ही रहेगा। उन्होंने बताया कि हेल्थ सप्लीमेंट बनाने व बचने वाले सारे फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को कहा कि वह अपने लेबलों को लेवलिंग नियमों के अनुसार बनाएं। ताकि वह अपने खिलाफ दोबारा ऐसी कार्रवाई से बच पाए।