{"_id":"6a91ead6758b249d55066103","slug":"question-for-the-corporation-55-lakh-spent-on-good-roads-while-bad-ones-remain-in-a-dilapidated-state-mohali-news-c-289-1-pkl1068-2265-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम से सवाल : अच्छी सड़कों पर खर्च दिए 55 लाख, खराब आज भी बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम से सवाल : अच्छी सड़कों पर खर्च दिए 55 लाख, खराब आज भी बदहाल
विज्ञापन
सड़क निर्माण पर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप, फेज-2 में 55 लाख की सड़क से जलभराव का खतरा
योगेंद्र त्रिपाठी
मोहाली। शहर में सड़कों के निर्माण को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां खराब सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, वहीं अच्छी सड़कों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फेज-2 में एक अच्छी सड़क पर 55 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि फेज-7 की शॉपिंग स्ट्रीट महीनों से बदहाल है। निगम के इस विरोधाभासी रवैये से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
फेज-7 की शॉपिंग स्ट्रीट में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क का निर्माण कार्य कई महीनों से अधूरा पड़ा है। सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय पार्षद अनुराधा आनंद ने बताया कि खस्ताहाल सड़क के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सड़क निर्माण की तरफ निगम गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। दूसरी ओर, फेज-2 में करीब 55 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण का काम शुरू किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क पहले से ही अच्छी हालत में थी। नई परत बिछाने से सड़क का स्तर घरों से ऊंचा हो गया है। इससे बारिश का पानी घरों में घुसने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने मेयर सरबजीत समाना की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
तकनीकी मानकों की अनदेखी और जलभराव का खतरा
आरटीआई कार्यकर्ता अतुल शर्मा ने इस निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी सड़क को उचित तरीके से स्कैरिफाई किए बिना नई परत बिछाना तकनीकी रूप से गलत है। सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। शर्मा ने चेतावनी दी कि सड़क का स्तर बढ़ने से आसपास के घरों में बारिश का पानी घुस सकता है। उन्होंने निगम से पहले जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
विज्ञापन
प्राथमिकता पर सवाल और बजट का दुरुपयोग
लोगों का आरोप है कि नगर निगम सड़क निर्माण में प्राथमिकता तय करने में विफल रहा है। शहर में कई ऐसी सड़कें हैं जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। इसके बावजूद, पहले से बेहतर सड़कों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे निगम के बजट के सही इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठते हैं। लोगों ने इस कार्यप्रणाली को पैसों की बर्बादी बताया है।
कोट-- -
शहर की सड़कों का टेंडर दिया गया है। जल्द ही फेज-2 के बाद फेज-7 की सड़कों को भी बनाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही पूरी तैयारी की जाएगी। -नरेश बत्ता, चीफ इंजीनियर , मोहाली नगर निगम
विज्ञापन
योगेंद्र त्रिपाठी
मोहाली। शहर में सड़कों के निर्माण को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां खराब सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, वहीं अच्छी सड़कों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फेज-2 में एक अच्छी सड़क पर 55 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि फेज-7 की शॉपिंग स्ट्रीट महीनों से बदहाल है। निगम के इस विरोधाभासी रवैये से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
फेज-7 की शॉपिंग स्ट्रीट में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क का निर्माण कार्य कई महीनों से अधूरा पड़ा है। सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। स्थानीय पार्षद अनुराधा आनंद ने बताया कि खस्ताहाल सड़क के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है, लेकिन सड़क निर्माण की तरफ निगम गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। दूसरी ओर, फेज-2 में करीब 55 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण का काम शुरू किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क पहले से ही अच्छी हालत में थी। नई परत बिछाने से सड़क का स्तर घरों से ऊंचा हो गया है। इससे बारिश का पानी घरों में घुसने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने मेयर सरबजीत समाना की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
तकनीकी मानकों की अनदेखी और जलभराव का खतरा
आरटीआई कार्यकर्ता अतुल शर्मा ने इस निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी सड़क को उचित तरीके से स्कैरिफाई किए बिना नई परत बिछाना तकनीकी रूप से गलत है। सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। शर्मा ने चेतावनी दी कि सड़क का स्तर बढ़ने से आसपास के घरों में बारिश का पानी घुस सकता है। उन्होंने निगम से पहले जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
विज्ञापन
प्राथमिकता पर सवाल और बजट का दुरुपयोग
लोगों का आरोप है कि नगर निगम सड़क निर्माण में प्राथमिकता तय करने में विफल रहा है। शहर में कई ऐसी सड़कें हैं जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। इसके बावजूद, पहले से बेहतर सड़कों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे निगम के बजट के सही इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठते हैं। लोगों ने इस कार्यप्रणाली को पैसों की बर्बादी बताया है।
कोट
शहर की सड़कों का टेंडर दिया गया है। जल्द ही फेज-2 के बाद फेज-7 की सड़कों को भी बनाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही पूरी तैयारी की जाएगी। -नरेश बत्ता, चीफ इंजीनियर , मोहाली नगर निगम