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मोहाली जिले में वर्षों से लटके प्रोजेक्ट दो महीने बाद लोगों के लिए बनेंगे वरदान

Mon, 18 Oct 2021 01:54 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 01:54 AM IST
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Projects hanging for years in Mohali district will become a boon for the people after two months
मोहाली। वीआईपी शहर के लोगों को आने वाले दो महीनों में वर्षों से लटके चार अहम प्रोजेक्टों की सौगात मिलेगी। यह चारों प्रोजेक्ट लोगों के लिए वरदान साबित होंगे। साथ ही लोगों के लिए लाइफलाइन के रूप में काम करेंगे।
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इनमें कजौली से मिलने वाले पानी से लेकर टाटा कैंसर अस्पताल का प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा सीवरेज लाइन और मेडिकल कॉलेज का प्रोजेक्ट है। इन चारों प्रोजेक्टों का काम पूरे जोरों से चल रहा है। डीसी ईशा कालिया और मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू खुद प्रोजेक्टों का निरीक्षण कर चुके हैं। साथ ही हर सप्ताह प्रोजेक्टों को लेकर रिव्यू बैठक की जाएगी। इतना ही नहीं डीसी ईशा कालिया ने तो सभी विभागों को साफ कह दिया है कि पहल के आधार पर उक्त प्रोजेक्टों को पूरा करें। क्योंकि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी खुद इन प्रोजेक्टों को तुरंत आम जनता को समर्पित करना चाहते हैं।
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नौ साल के इंतजार के बाद दूर होगा पानी का संकट
कजौली वाटर वर्क्स से मिलने वाले 20 एमजीडी पानी के लिए प्रोजेक्ट का काम 9 साल से चल रहा है। इस साल यह इंतजार खत्म हो जाएगा। 30 नवंबर तक प्रोजेक्ट का काम पूूूरा होगा। अगर सब कुछ सही रहा तो दिसंबर से पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही खरड़ और कुराली को भी पहली बार नहरी पानी नसीब होगा। इलाके को 6 एमजीडी पानी मिलेगा। प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। 200 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 85 फीसदी से ज्यादा काम पूरा होगा। बता दें कि शहर में इस समय 32 एमजीडी पानी की जरूरत है, लेकिन शहर को अभी तक केवल 20 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें 10 एमजीडी पानी कजौली वाटर वर्क्स से मिलता है। जबकि 10 एमजीडी पानी 76 ट्यूबवेलों से मिल रहा है। लेकिन 12 एमजीडी की कमी है, जोकि आने वाले समय में दूर हो जाएगी। वहीं, नए सेक्टरों को भी कजौली से पानी मुहैया करवाने की योजना है। इसके लिए सिंहपुर से नए सेक्टरों के लिए पानी की लाइन बिछाने का काम किया गया है। दूसरी ओर मोहाली नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से शहर की पूरी मशीनरी बदल रही है। साथ ही एडवांस सिस्टम लगाया जा रहा है।
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होमी भाभा अस्पताल में होगा कैंसर का इलाज
देश के दूसरे सबसे बड़े कैंसर अस्पताल का तोहफा भी मोहाली जिले को इस साल ही मिलेगा। न्यू चंडीगढ़ स्थित मेडिसिटी में बन रहे होमी भाभा कैंसर अस्पताल का काम आखिरी चरण में यह है। इसका साल 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नींव पत्थर रखा था। यह प्रोजेक्ट करीब आठ साल से लटक रहा था। हालांकि यह 300 बेड का अस्पताल टर्शरी केयर सेंटर के रूप में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तरी भारत को सेहत सुविधाएं मुहैया करवाएगा। डीसी ने बताया कि यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई का उद्यम है। इसमें एटोमिक एनर्जी विभाग भी सहयोग कर रहा है। यह करीब 663.74 करोड़ रुपये की लागत से 40,545 वर्ग जगह में बनाया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने 50 एकड़ जगह मुफ्त दी थी।
46 साल पुरानी सीवरेज लाइन से मिलेगी मुक्ति
वीआईपी शहर करीब 46 साल पहले बसा था। उस समय शहर में जो सीवरेज लाइनलाइन डाली गई थी। वह पूरी तरह से खस्ताहाल हो गई थी। आए दिन लाइन धंस रही थी। जबकि लाइन की सफाई करने में भी काफी दिक्कत आ रही थी। ऐसे में साल 2015 में नगर निगम की हाउस की बैठक में सीवरेज लाइन बदलने का प्रस्ताव पास हुआ था। इस प्रोजेक्ट पर निगम, केंद्र और पंजाब सरकार ने मिलकर काम करना था। पिछलेे निगम चुनाव से ठीक पहले 2019 के आखिर में लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। 9 किलोमीटर लंबी लाइन 21 करोड़ की लागत से बिछाई जा रही है। कोरोना की वजह से प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में फेज-11 से बलौंगी रोड सीवरेज लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क में रोजाना लोग गिरकर हादसों का शिकार हो रहे थे। हालांकि अब प्रोजेक्ट को लेकर निगम गंभीर हुआ है। मेयर खुद प्रोजेक्ट का रिव्यू कर रहे हैं। आने वाले 50 साल के लिए यह प्रोजेक्ट वरदान बनेगा। यह प्रोजेक्ट इसी दिसंबर तक पूरा होगा।

पीजीआई का बोझ कम करेगा मोहाली मेडिकल कॉलेज
फेज-6 स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज 9 साल के इंतजार के बाद इसी साल से शुरू होगा। नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से कॉलेज को मंजूरी दे दी गई है। इस संस्थान में एमबीबीएस की 100 सीटें रहेगी। संस्थान में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट के अधीन लगातार कक्षाएं चलेंगी। यह प्रोजेक्ट पूरे जिले ही नहीं बल्कि पंजाब के कई अन्य जिलों के लिए भी वरदान के रूप में काम करेगा। इतना ही इससे लोगों को इलाज के लिए चंडीगढ़ या बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इसके चालू हो जाने के बाद पीजीआई चंडीगढ़ पर भी मरीजों का बोझ कम होगा।
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