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Mohali News: एसी सब्जी मंडी को ‘हवा’ देने की तैयारी

Wed, 29 Mar 2023 01:58 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Mar 2023 01:58 AM IST
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Preparation to give 'air' to AC vegetable market, shops will be e-auctioned
एसी सब्जी मंडी को ‘हवा’ देने की तैयारी, दुकानों की होगी ई-नीलामी
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1.53 करोड़ सामान्य का और काॅर्नर की दुकान का रिजर्व प्राइस 1.69 करोड़ है, पांच अप्रैल तक करें आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। इलाके के लोगों को ताजे फल और सब्जियां मुहैया करवाने के लिए करीब नौ साल पहले 2014 में सेक्टर-65ए में बनाई गई अति आधुनिक एसी सब्जी मंडी में अब जल्द ही चहल-पहल नजर आने लगेगी। लंबे समय के बाद अब जाकर पंजाब मंडी बोर्ड ने फिर से मंडी में बनी दुकानों के लिए ऑनलाइन ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सामान्य दुकान का रिजर्व प्राइस 1.53 करोड़ और काॅर्नर की दुकान का 1.69 करोड़ रुपये रखा गया है। अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द ही मंडी में चहलपहल देखने को मिलेगी। पांच अप्रैल तक इच्छुक दुकानदार इस बोली में हिस्सा ले सकेंगे। इसके बाद प्रक्रिया पूरी करने के बाद दुकानों के कब्जे सफल बोली लगाने वाले लोगों को जल्द दे दिए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक जब यह सब्जी मंडी बनी थी तो उस समय दावा किया गया था कि मंडी किसानों के लिए वरदान बनेगी। किसान अपनी सुविधा अनुसार अपनी उपज बेच पाएंगे। इसके साथ ही सुरक्षित रख पाएंगे लेकिन हालात देखते हुए कई सालों तक दुकानें बंद पड़ी रहीं और अब जाकर एक बार फिर से मंडी बोर्ड ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जब से यह मंडी बनी है तब से ही दुकानें बंद पड़ी हैं और मंडी की हालत खस्ताहाल होती जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक अकाली-भाजपा सरकार के समय में सेक्टर-65ए में विदेशों की तर्ज पर 50 करोड़ रुपये की लागत से 12.5 एकड़ में एसी मंडी बनाई गई थी। यह उत्तरी भारत की अपनी तरह की पहली मंडी थी। इसमें दो मंजिल 34 दुकानें और 95 परचून की दुकानें हैं। 2014 में यह मंडी आम लोगों को समर्पित कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद से अभी तक यह चल नहीं पाई है। सरकार ने मंडी को दक्षिणी राज्यों की तर्ज पर चलाने की तैयारी भी की, लेकिन कंपनियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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पहले भी लगी थी दुकानों की बोली

एसी सब्जी मंडी में पहले भी दुकानों की नीलामी प्रक्रिया हुई थी। उसमें बहुत ही कम लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। इसकी वजह से पहले यहां मार्केट फीस दो फीसदी थी। इसके अलावा दुकानों की कीमत काफी ज्यादा थी। ऐसे में खरीदार पीछे हट गए। उनका कहना था कि चंडीगढ़ की मंडी बिल्कुल पास है। ऐसे में उन्हें कोई ज्यादा फायदा नहीं दिख रहा है। सूत्रों से पता चला है कि इस बार भी दुकानदार एसी सब्जी मंडी में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसा ही रहा तो इस बार भी दुकानों के लिए कोई खरीदार शायद ही मिल पाए क्योंकि दुकानदारों का कहना है कि दुकानों की कीमत काफी ज्यादा है।





इस वजह से कामयाब नहीं हो पाई मंडी
एसी सब्जी मंडी कामयाब न होने के पीछे एक प्रमुख वजह यह भी है कि यह शहर से बिल्कुल बाहर एक कोने पर स्थित है। फेज-1 से सेक्टर-65ए की दूरी करीब 9 किलोमीटर है जबकि रास्ते में कई मार्केट स्थित हैं। यहां पर लोग आसानी से सब्जी खरीद सकते हैं। ऐसी ही स्थिति किसानों के लिए भी है। उनके लिए कई विकल्प हैं। इसके अलावा किसान खरड़ में भी अपना सामान बेच लेते हैं। इतना ही नहीं चंडीगढ़ बिल्कुल पास है। रोजाना लगने वाली मंडियां भी विकल्प हैं।
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