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अब मोहाली के प्रवेश द्वारों पर टूटी सड़कों से नहीं होगा स्वागत, 98 लाख से बदलेगी सूरत
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मोहाली। जिले में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मामलों को देखते हुए लोगों में पैदा हुई दहशत दूर करने के लिए सेहत विभाग आगे आया है। सेहत विभाग का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अगर किसी को डेंगू हो भी जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। मरीज को सरकारी सेहत संस्थाओं में लाया जाए, क्योंकि वहां पर टेस्ट और इलाज बिल्कुल मुफ्त है। सेहत विभाग ने साफ किया है कि शरीर में तरल पदार्थ की कमी नहीं होनी चाहिए। सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर और जिला एपीडोमोलॉजिस्ट डॉ. विक्रांत नागरा ने कहा कि डेंगू जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए सावधान रहने की जरूरत है। लोग अपने घरों के आसपास कहीं पर भी पानी जमा न होने दें और शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें।
वहीं, सेहत विभाग की ओर से डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए जिला सिविल अस्पताल में स्पेशल वार्ड बनाया गया है। दूसरी ओर अगर किसी में प्लेटलेट्स कम होते हैं तो ऐसा हर तरह के बुखार में हो जाता है। बकरी का दूध या कीवी फल विशेेष तौर पर प्लेटलेट्स बढ़ाने में कारगर होते हैं। मरीज पानी, जूस, नींबू पानी या नारियल पानी अधिक से अधिक सेवन करने के साथ आराम करें। रोजाना कम से कम दो लीटर पानी का सेवन करें और तरल पदार्थों से जहां शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। वहीं यह शरीर को पोषक देते हैं। सेहत विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिला सेहत विभाग की 13 टीमें लोगों को बीमारी से बचाने के लिए जुटी हुई हैं। यह टीमें मार्च से घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं।
कुछ जगह मिली सर्वे टीमों को रोकने की शिकायत
सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर ने कहा कि मोहाली जिले को डेंगू फ्री बनाया जाएगा और यह काम केवल लोगों के सहयोग से ही हो सकता है। यह भी देखने में आया है कि कुछ लोग सर्वे कर रहीं टीमों को अपने घरों में दाखिल नहीं होने दे रहे हैं। जब टीमें लोगों के घर नहीं जाएंगी तो सर्वे का काम कैसे पूरा होगा। किसी भी तरह की जानकारी के लिए सेहत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
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ऐसे पैदा होता है डेंगू
डेंगू एक बुखार है जो कि एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंख, नाक, मुंह और मसूड़ों के पिछले हिस्से में दर्द, स्थिति बिगड़ने पर खून बहना, मतली होना और उल्टी शामिल हैं। डेंगू का लारवा कहीं जमा हुए साफ पानी जैसे कूलर, पानी की टंकियों, फूलों के गमलों, रेफ्रिजरेटर के पीछे पानी की ट्रे, टूटे/फटे बर्तन और खाली टायर और पानी के कंटेनरों में पैदा होता है। इनमें पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
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वहीं, सेहत विभाग की ओर से डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए जिला सिविल अस्पताल में स्पेशल वार्ड बनाया गया है। दूसरी ओर अगर किसी में प्लेटलेट्स कम होते हैं तो ऐसा हर तरह के बुखार में हो जाता है। बकरी का दूध या कीवी फल विशेेष तौर पर प्लेटलेट्स बढ़ाने में कारगर होते हैं। मरीज पानी, जूस, नींबू पानी या नारियल पानी अधिक से अधिक सेवन करने के साथ आराम करें। रोजाना कम से कम दो लीटर पानी का सेवन करें और तरल पदार्थों से जहां शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। वहीं यह शरीर को पोषक देते हैं। सेहत विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिला सेहत विभाग की 13 टीमें लोगों को बीमारी से बचाने के लिए जुटी हुई हैं। यह टीमें मार्च से घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं।
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कुछ जगह मिली सर्वे टीमों को रोकने की शिकायत
सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर ने कहा कि मोहाली जिले को डेंगू फ्री बनाया जाएगा और यह काम केवल लोगों के सहयोग से ही हो सकता है। यह भी देखने में आया है कि कुछ लोग सर्वे कर रहीं टीमों को अपने घरों में दाखिल नहीं होने दे रहे हैं। जब टीमें लोगों के घर नहीं जाएंगी तो सर्वे का काम कैसे पूरा होगा। किसी भी तरह की जानकारी के लिए सेहत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
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ऐसे पैदा होता है डेंगू
डेंगू एक बुखार है जो कि एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंख, नाक, मुंह और मसूड़ों के पिछले हिस्से में दर्द, स्थिति बिगड़ने पर खून बहना, मतली होना और उल्टी शामिल हैं। डेंगू का लारवा कहीं जमा हुए साफ पानी जैसे कूलर, पानी की टंकियों, फूलों के गमलों, रेफ्रिजरेटर के पीछे पानी की ट्रे, टूटे/फटे बर्तन और खाली टायर और पानी के कंटेनरों में पैदा होता है। इनमें पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।