{"_id":"604a83cd8ebc3ee646386954","slug":"people-waited-for-ration-even-seven-hours-of-standing-was-wasted-mohali-news-pkl406825972","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों ने राशन के लिए किया इंतजार, खड़े रहकर सात घंटे भी हुए बेकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों ने राशन के लिए किया इंतजार, खड़े रहकर सात घंटे भी हुए बेकार
विज्ञापन
जीरकपुर। प्रदेश सरकार राशन कार्ड धारकों को तमाम तरह की सुविधाएं देने के दावे कर रही है। लेकिन हालात यह हैं कि महिलाओं और बुजुर्गों को राशन लेने के लिए डिपो के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
दरअसल बीते बुधवार को दोपहर 3 से रात के 10 बजे तक 7 घंटे लोहगढ़ के विश्वकर्मा मंदिर में स्थित डिपो में महिलाएं और बुजुर्ग राशन के लिए धक्के खाते रहे। लेकिन आधे से ज्यादा लोगों को यहां से बिना राशन लिए ही लौटना पड़ा। हालांकि डिपो संचालक का कहना है कि राशन का ट्रक आने में काफी देरी हुई थी, इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिपो संचालक ने राशन देर से बांटना शुरू किया था। इस कारण लोगों को देर रात तक परेशान होना पड़ा और बहुत से लोगों को अपने 7 घंटे का समय बर्बाद कर बिना राशन लिए घर लौटना पड़ा।
इस संबंधी राशन लेने यहां डिपो में पहुंची महिलाओं में नैब कौर, ममता तिवारी, खेम, सोनिया, दलजीत कौर, परमजीत कौर, प्रभजोत कौर आदि ने बताया कि एक ओर तो सरकार जरूरतमंदों को राशन बांटने का दावा करती है और नेता राशन बांटकर फोटो खिंचवाते हैं। लेकिन यह राशन किसको बांट रहे हैं, उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं होती।
विज्ञापन
क्या कहना है डिपो संचालक का
इस मामले में डिपो संचालक फजलुदीन ने बताया कि बुधवार को गेहूं का ट्रक रात साढ़े 9 बजे उनके पास पहुंचा था। इस कारण राशन कार्ड धारकों को गेहूं नहीं बांटा जा सका। हालांकि कुछ कार्ड धारकों को गेहूं बांटा भी गया था, लेकिन ज्यादा रात होने के कारण गेहूं बांटना बंद कर दिया गया था। वहीं जो कार्ड धारक गेहूं लेने से रह गए हैं उन्हें शुक्रवार को गेहूं बांटा जाएगा, क्योंकि वीरवार को महाशिवरात्रि की छुट्टी होने के कारण डिपो बंद रखा गया है।
विज्ञापन
दरअसल बीते बुधवार को दोपहर 3 से रात के 10 बजे तक 7 घंटे लोहगढ़ के विश्वकर्मा मंदिर में स्थित डिपो में महिलाएं और बुजुर्ग राशन के लिए धक्के खाते रहे। लेकिन आधे से ज्यादा लोगों को यहां से बिना राशन लिए ही लौटना पड़ा। हालांकि डिपो संचालक का कहना है कि राशन का ट्रक आने में काफी देरी हुई थी, इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिपो संचालक ने राशन देर से बांटना शुरू किया था। इस कारण लोगों को देर रात तक परेशान होना पड़ा और बहुत से लोगों को अपने 7 घंटे का समय बर्बाद कर बिना राशन लिए घर लौटना पड़ा।
विज्ञापन
इस संबंधी राशन लेने यहां डिपो में पहुंची महिलाओं में नैब कौर, ममता तिवारी, खेम, सोनिया, दलजीत कौर, परमजीत कौर, प्रभजोत कौर आदि ने बताया कि एक ओर तो सरकार जरूरतमंदों को राशन बांटने का दावा करती है और नेता राशन बांटकर फोटो खिंचवाते हैं। लेकिन यह राशन किसको बांट रहे हैं, उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं होती।
विज्ञापन
क्या कहना है डिपो संचालक का
इस मामले में डिपो संचालक फजलुदीन ने बताया कि बुधवार को गेहूं का ट्रक रात साढ़े 9 बजे उनके पास पहुंचा था। इस कारण राशन कार्ड धारकों को गेहूं नहीं बांटा जा सका। हालांकि कुछ कार्ड धारकों को गेहूं बांटा भी गया था, लेकिन ज्यादा रात होने के कारण गेहूं बांटना बंद कर दिया गया था। वहीं जो कार्ड धारक गेहूं लेने से रह गए हैं उन्हें शुक्रवार को गेहूं बांटा जाएगा, क्योंकि वीरवार को महाशिवरात्रि की छुट्टी होने के कारण डिपो बंद रखा गया है।