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डेढ़ एकड़ खाली पड़ी जमीन में पानी भरने से लोग परेशान
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जीरकपुर। बारिश के पानी की निकासी का उचित प्रबंध न होने से लोग परेशान हैं। प्लाटों में जमा पानी बीमारियों को दावत दे रहा है। प्रशासन इस बात से बेखबर है। लोगों ने इस संबंध में कई बार शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। पटियाला रोड स्थित बादल कालोनी से लोहगढ़ जाने वाले रास्ते में करीब एक दर्जन सोसायटी है। बरसात के दिनों में यह रास्ता एक नदी का रूप धारण कर लेता है।
स्थानीय लोगों के लिए एक और बड़ी समस्या यह है कि यहां डेढ़ एकड़ जमीन गुरुद्वारा साहिब की खाली पड़ी है। इस प्लाट में घुटनों तक पानी जमा है। जिस कारण मच्छर पैदा हो गए हैं। अशोक ओबराय, मदन गोपाल, उमा शंकर, धर्मपाल, नागेश सेठ, दविंदर सिंह, जगदीश लाल, राजिंदर नाथ गर्ग, कैलाश सहगल, भूपिंदर सिंह, जया, नीलम, प्रोमिला शर्मा, सुनीता गोयल, कृष्णा हरनाम सिंह और प्रतीक ने बताया कि वह हर साल नगर काउंसिल को शिकायत करते हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
सोसायटी का नाम रखा पानी वाली गली
लोगों ने बताया की सोसायटी का नाम लोगों ने पानी वाली गली रख दिया है। जिस कारण घरों की कीमत बहुत कम हो गई है। अब तो रिश्तेदार भी बरसात के दिनों में यहां नहीं आते। लोगों ने बताया खाली पड़ा प्लाट गुरुद्वारे का है और वह काउंसिल के साथ कमेटी को भी बोल चुके हैं कि पंप लगाकर पानी निकाला जाए। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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कोट्स
शिकायत मिली है। आज मशीन कहीं और लगी है। मशीन फ्री होते ही पंप लगाकर सारा पानी निकाल दिया जाएगा। - राजिंदर सिंह, सेनेटीरी इंस्पेक्टवर।
कोट्स
पानी का बहाव इतना तेज था की नंबर प्लेट ही टूट गई
पानी का बहाव इतना तेज था कि बेटे की गाड़ी का बंपर और नंबर प्लेट टूट गई। नंबर प्लेट हाई सिक्योरिटी है, जिसे लगाने के लिए फिर से धक्के खाने पड़ेंगे। पता नहीं कब इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
अशोक ओबराय, प्रधान ग्रीन एनक्लेव।
कोट्स
यहां पानी इतना जमा होता है कि आसपास के लोगों ने गली का नाम पानी वाली रख दिया है। यदि कोई रिश्तेदार कैब से आता है तो गाड़ी की एप में भी पानी वाली गली लिखा आता है। बरसात के दिन में तो रिश्तेदार भी यहां आना पसंद नहीं करते। बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाता। लोग इस समस्या से परेशान हो गए हैं।
- मदन गोयल, निवासी दशमेश कलोनी।
कोट्स
सोसायटी में करीब डेढ़ एकड़ का खाली प्लाट पड़ा है, जिसमें घुटने तक पानी जमा है। काउंसिल अधिकारियों को भी बोला है कि प्लाट में जमा पानी नहीं निकाला गया तो बीमारी फैल सकती है। - उमा शंकर, निवासी ग्रीन अपार्टमेंट।
कोट्स
10 साल से देख रहा हूं प्लाटों में पानी जमा रहता है, जिससे लोग परेशान हैं। हमने यहां घर खरीदा था कि चेन से सो पाएंगे, लेकिन घरों की कीमत कम हो गई है। अब तो घर बेच भी नहीं सकते। सरकार काउंसिल से यही आग्रह है कि कम से कम प्लाटों में जमा पानी पंप से निकला दें।
धर्मपाल, निवासी ग्रीन एनक्लेव।
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स्थानीय लोगों के लिए एक और बड़ी समस्या यह है कि यहां डेढ़ एकड़ जमीन गुरुद्वारा साहिब की खाली पड़ी है। इस प्लाट में घुटनों तक पानी जमा है। जिस कारण मच्छर पैदा हो गए हैं। अशोक ओबराय, मदन गोपाल, उमा शंकर, धर्मपाल, नागेश सेठ, दविंदर सिंह, जगदीश लाल, राजिंदर नाथ गर्ग, कैलाश सहगल, भूपिंदर सिंह, जया, नीलम, प्रोमिला शर्मा, सुनीता गोयल, कृष्णा हरनाम सिंह और प्रतीक ने बताया कि वह हर साल नगर काउंसिल को शिकायत करते हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
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सोसायटी का नाम रखा पानी वाली गली
लोगों ने बताया की सोसायटी का नाम लोगों ने पानी वाली गली रख दिया है। जिस कारण घरों की कीमत बहुत कम हो गई है। अब तो रिश्तेदार भी बरसात के दिनों में यहां नहीं आते। लोगों ने बताया खाली पड़ा प्लाट गुरुद्वारे का है और वह काउंसिल के साथ कमेटी को भी बोल चुके हैं कि पंप लगाकर पानी निकाला जाए। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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शिकायत मिली है। आज मशीन कहीं और लगी है। मशीन फ्री होते ही पंप लगाकर सारा पानी निकाल दिया जाएगा। - राजिंदर सिंह, सेनेटीरी इंस्पेक्टवर।
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पानी का बहाव इतना तेज था की नंबर प्लेट ही टूट गई
पानी का बहाव इतना तेज था कि बेटे की गाड़ी का बंपर और नंबर प्लेट टूट गई। नंबर प्लेट हाई सिक्योरिटी है, जिसे लगाने के लिए फिर से धक्के खाने पड़ेंगे। पता नहीं कब इन समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
अशोक ओबराय, प्रधान ग्रीन एनक्लेव।
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यहां पानी इतना जमा होता है कि आसपास के लोगों ने गली का नाम पानी वाली रख दिया है। यदि कोई रिश्तेदार कैब से आता है तो गाड़ी की एप में भी पानी वाली गली लिखा आता है। बरसात के दिन में तो रिश्तेदार भी यहां आना पसंद नहीं करते। बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाता। लोग इस समस्या से परेशान हो गए हैं।
- मदन गोयल, निवासी दशमेश कलोनी।
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सोसायटी में करीब डेढ़ एकड़ का खाली प्लाट पड़ा है, जिसमें घुटने तक पानी जमा है। काउंसिल अधिकारियों को भी बोला है कि प्लाट में जमा पानी नहीं निकाला गया तो बीमारी फैल सकती है। - उमा शंकर, निवासी ग्रीन अपार्टमेंट।
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10 साल से देख रहा हूं प्लाटों में पानी जमा रहता है, जिससे लोग परेशान हैं। हमने यहां घर खरीदा था कि चेन से सो पाएंगे, लेकिन घरों की कीमत कम हो गई है। अब तो घर बेच भी नहीं सकते। सरकार काउंसिल से यही आग्रह है कि कम से कम प्लाटों में जमा पानी पंप से निकला दें।
धर्मपाल, निवासी ग्रीन एनक्लेव।