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Mohali News: खरड़ में धान की खरीद बंद, किसानों ने किया प्रदर्शन, मिला आश्वासन
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किसान नेताओं ने लगाया आरोप- सरकार ने 15 नवंबर की तय तारीख से पहले ही रोक दी खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। धान की सरकारी खरीद अचानक बंद किए जाने के विरोध में किसानों ने खरड़ अनाज मंडी के मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 15 नवंबर की तय तारीख से पहले ही खरीद रोक दी है। बड़ी मात्रा में धान अभी भी मंडियों में पड़ा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे संघर्ष तेज करेंगे और सड़क जाम भी करेंगे। किसान नेताओं मेहर सिंह थेड़ी और जसपाल सिंह नियामियां ने कहा कि सरकारी खरीद बंद होने से किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कोई लिखित नोटिस जारी नहीं किया है। आढ़तियों को मौखिक रूप से धान की खरीद न करने के लिए कहा जा रहा है। इस कारण किसान अपनी फसलें लेकर मंडियों में बैठे हैं। उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। किसानों ने दुख व्यक्त किया कि दिवाली के मौके पर उन्हें अपने घरों से दूर मंडियों में रातें बितानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि किसान पहले से ही मौसम और फसलों से संबंधित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब खरीद बंद होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सरकार तुरंत बाजारों में पड़े सभी धान की खरीद शुरू करे। उन्होंने किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की। किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे संघर्ष को और तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क जाम भी किया जाएगा। इस प्रदर्शन में अध्यक्ष दविंदर सिंह देहकलां, संजीव कुमार रूबी, रणजीत सिंह, कुलवंत सिंह रुडक़ी, रविंदर सिंह देहकलां, बचन लाल, अमृतपाल सिंह आढ़ती, राजिंदर अग्रवाल आढ़ती, मनीष कुमार आढ़ती, राजिंदर राणा, रणजीत, ज्ञान सिंह और भूपिंदर सिंह सिल कपड़ा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
भुगतान में देरी का डर और प्रदर्शन समाप्ति
एसडीएम गुरमीत सिंह ने बताया कि यदि खरड़ अनाज मंडी में और अधिक खरीद की गई तो किसानों के भुगतान में देरी होने का डर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसानों के समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। एसडीएम ने किसान नेताओं को इस पूरी स्थिति के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस प्रकार, किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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खरड़ अनाज मंडी में लगभग 130 टन धान की खरीद हो चुकी है। यह खरीद केंद्र सरकार को भेजी गई सूची से 30 टन अधिक है। अन्य जिलों में धान की खरीद जारी है। किसान वहां अपना धान बेच सकते हैं। - गुरमीत सिंह, एसडीएम खरड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। धान की सरकारी खरीद अचानक बंद किए जाने के विरोध में किसानों ने खरड़ अनाज मंडी के मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 15 नवंबर की तय तारीख से पहले ही खरीद रोक दी है। बड़ी मात्रा में धान अभी भी मंडियों में पड़ा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे संघर्ष तेज करेंगे और सड़क जाम भी करेंगे। किसान नेताओं मेहर सिंह थेड़ी और जसपाल सिंह नियामियां ने कहा कि सरकारी खरीद बंद होने से किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कोई लिखित नोटिस जारी नहीं किया है। आढ़तियों को मौखिक रूप से धान की खरीद न करने के लिए कहा जा रहा है। इस कारण किसान अपनी फसलें लेकर मंडियों में बैठे हैं। उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। किसानों ने दुख व्यक्त किया कि दिवाली के मौके पर उन्हें अपने घरों से दूर मंडियों में रातें बितानी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि किसान पहले से ही मौसम और फसलों से संबंधित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब खरीद बंद होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सरकार तुरंत बाजारों में पड़े सभी धान की खरीद शुरू करे। उन्होंने किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की। किसान संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे संघर्ष को और तेज करेंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क जाम भी किया जाएगा। इस प्रदर्शन में अध्यक्ष दविंदर सिंह देहकलां, संजीव कुमार रूबी, रणजीत सिंह, कुलवंत सिंह रुडक़ी, रविंदर सिंह देहकलां, बचन लाल, अमृतपाल सिंह आढ़ती, राजिंदर अग्रवाल आढ़ती, मनीष कुमार आढ़ती, राजिंदर राणा, रणजीत, ज्ञान सिंह और भूपिंदर सिंह सिल कपड़ा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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भुगतान में देरी का डर और प्रदर्शन समाप्ति
एसडीएम गुरमीत सिंह ने बताया कि यदि खरड़ अनाज मंडी में और अधिक खरीद की गई तो किसानों के भुगतान में देरी होने का डर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसानों के समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। एसडीएम ने किसान नेताओं को इस पूरी स्थिति के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद किसान नेताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस प्रकार, किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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खरड़ अनाज मंडी में लगभग 130 टन धान की खरीद हो चुकी है। यह खरीद केंद्र सरकार को भेजी गई सूची से 30 टन अधिक है। अन्य जिलों में धान की खरीद जारी है। किसान वहां अपना धान बेच सकते हैं। - गुरमीत सिंह, एसडीएम खरड़