{"_id":"62d1cc3cae451b2f8206bc20","slug":"nursing-home-will-now-be-built-on-the-site-of-dispensary-in-it-city-mohali-news-pkl4566916192","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटी सिटी में डिस्पेंसरी की साइट पर अब बनेगा नर्सिंग होम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईटी सिटी में डिस्पेंसरी की साइट पर अब बनेगा नर्सिंग होम
विज्ञापन
मोहाली। एयरपोर्ट रोड पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) द्वारा बसाई जा रही आईटी सिटी के प्रस्तावित ले-आउट प्लान में संशोधन किया है। सेक्टर-66 (बीटा) स्थित 1.72 एकड़ की साइट नंबर एक जो पहले डिस्पेंसरी प्रस्तावित थी, अब उसे नर्सिंग होम व अस्पताल के लिए बदला गया है।
वहीं सरकारी डिस्पेंसरी व अस्पताल के लिए कम से कम 2.25 एकड़ रकबा रिजर्व एरिया में अलग से मार्क करने संबंधी फैसला लिया गया। साथ ही लोगों को इस संबंधी दस दिन के भीतर लिखित में एतराज देने का मौका दिया है। राज्य सरकार का अब पूरा फोकस आईटी सिटी पर लग गया है ताकि इंडस्ट्री को पंजाब की तरफ लाया जाए। इसके तहत ये सारे प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की साइट बदलने पर भी विचार चल रहा था। ऐसे में प्लानिंग एंड डिजाइन कमेटी की अहम बैठक हुई जिसमें इस संबंधी फैसला लिया गया। सूत्रों की माने तो पहले डिस्पेंसरी वाली साइट काफी छोटी थी। ऐसे में अब बड़ी साइट को शामिल किया गया। उम्मीद है कि लोगों के एतराज देने के बाद जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद लोगों को फायदा मिल पाएगा।
आईटी से कुराली तक बनाया जा रहा है नया हाईवे
सरकार आईटी सिटी को आने वाले 40 साल को ध्यान में रखकर बना रही है। इस कड़ी में आईटी सिटी चौक से लेकर कुराली तक एक हाईवे बनाया जा रहा है। यह करीब 32.5 किलोमीटर लंबा है। इसके पीछे कोशिश यह है कि जब आईटी सिटी पूरी तरह बस जाएगी और लोग रहना शुरू कर देंगे तो वहां पर ट्रैफिक की दिक्कत नहीं आएगी। ऐसे में लोग सीधे पुराने शहर जाए बिना कुराली पहुंचेंगे। इसके अलावा यह एरिया एयरपोर्ट से भी सटा हुआ है।
विज्ञापन
1603 एकड़ में बस रही आईटी सिटी
गमाडा की तरफ से आईटी सिटी करीब 1603 एकड़ में बसाई जा रही है। यह तीन हिस्सों में बस रही है। इसमें इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल व रेजिडेंशियल शामिल हैं। करीब 27 नामी कंपनियों को जगह अलॉट हो चुकी है। दो निजी विश्वविद्यालय इस इलाके में बन रहे हैं। इसके साथ ही इंफोसिस का कैंपस भा वहां पर बन रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के लिए नोएडा की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। वहीं इससे पंजाब सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
वहीं सरकारी डिस्पेंसरी व अस्पताल के लिए कम से कम 2.25 एकड़ रकबा रिजर्व एरिया में अलग से मार्क करने संबंधी फैसला लिया गया। साथ ही लोगों को इस संबंधी दस दिन के भीतर लिखित में एतराज देने का मौका दिया है। राज्य सरकार का अब पूरा फोकस आईटी सिटी पर लग गया है ताकि इंडस्ट्री को पंजाब की तरफ लाया जाए। इसके तहत ये सारे प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की साइट बदलने पर भी विचार चल रहा था। ऐसे में प्लानिंग एंड डिजाइन कमेटी की अहम बैठक हुई जिसमें इस संबंधी फैसला लिया गया। सूत्रों की माने तो पहले डिस्पेंसरी वाली साइट काफी छोटी थी। ऐसे में अब बड़ी साइट को शामिल किया गया। उम्मीद है कि लोगों के एतराज देने के बाद जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद लोगों को फायदा मिल पाएगा।
विज्ञापन
आईटी से कुराली तक बनाया जा रहा है नया हाईवे
सरकार आईटी सिटी को आने वाले 40 साल को ध्यान में रखकर बना रही है। इस कड़ी में आईटी सिटी चौक से लेकर कुराली तक एक हाईवे बनाया जा रहा है। यह करीब 32.5 किलोमीटर लंबा है। इसके पीछे कोशिश यह है कि जब आईटी सिटी पूरी तरह बस जाएगी और लोग रहना शुरू कर देंगे तो वहां पर ट्रैफिक की दिक्कत नहीं आएगी। ऐसे में लोग सीधे पुराने शहर जाए बिना कुराली पहुंचेंगे। इसके अलावा यह एरिया एयरपोर्ट से भी सटा हुआ है।
विज्ञापन
1603 एकड़ में बस रही आईटी सिटी
गमाडा की तरफ से आईटी सिटी करीब 1603 एकड़ में बसाई जा रही है। यह तीन हिस्सों में बस रही है। इसमें इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल व रेजिडेंशियल शामिल हैं। करीब 27 नामी कंपनियों को जगह अलॉट हो चुकी है। दो निजी विश्वविद्यालय इस इलाके में बन रहे हैं। इसके साथ ही इंफोसिस का कैंपस भा वहां पर बन रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के लिए नोएडा की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। वहीं इससे पंजाब सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।