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मोहाली निगम चुनाव पार्टियों ही नहीं, दो नेताओं की साख का है सवाल

Wed, 02 Dec 2020 02:20 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 02:20 AM IST
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Not only the Mohali Corporation election parties, but the credibility of two leaders is a question
मोहाली। आगामी नगर निगम चुनाव के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इस दौरान होने वाले चुनाव सत्ताधारी कांग्रेस और अकाली दल के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। दूसरी ओर इसी चुनाव में सीधी टक्कर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू और सीनियर अकाली नेता एवं पूर्व मेयर कुलवंत सिंह में भी मानी जा रही है। क्योंकि चर्चा है कि आने वाले विधानसभा चुुुनाव में अकाली दल की ओर से मोहाली से कुलवंत सिंह ही उम्मीदवार होंगे। ऐसे में इस चुनाव में जिसका पलड़ा भारी रहेगा, विधानसभा चुनाव में भी उसी को फायदा मिलने के आसार हैं। हालांकि इलाके में भाजपा की हो रही मजबूती दोनों दलों के लिए मुसीबत बन रही है।
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जानकारी के मुताबिक इस बार होने वाले नगर निगम चुनाव में सब कुछ बदला हुआ है। सूत्रों की मानें तो हालात कांग्रेस के पक्ष में हैं। क्योंकि एक ओर जहां राज्य में कांग्रेस की सरकार है। विधायक बलबीर सिंह सिद्घू राज्य के सेहत मंत्री हैं। वहीं, कोरोना काल में एक बाद एक विकास कार्य का शुभारंभ करवाकर लोगों से सीधे संपर्क में हैं। जबकि अकाली दल के लिए यह सहूलियत नहीं है। उन्हें इस बार काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। दूसरी ओर भाजपा से राहें जुदा होने से उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। ऐेसे में हालत से निपटने के लिए उन्हें जबरदस्त रणनीति बनानी पड़ रही है। जहां तक अकाली नेता कुलवंत सिंह की बात की जाए तो उनका शहर में अच्छा रसूख है। उन्होंने शहर के मेयर रहते हुए अपने समय में अच्छे काम किए हैं। ऐसे में वह लोगों में प्रिय हैं। जबकि दूसरी ओर सेहत मंत्री भी जुड़े हुए हैं। वह अपने अकेले-अकेले कार्यकर्ता को जानते हैं। यही उनकी ताकत है।
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भाजपा ने बढ़ाई अकाली दल और कांग्रेस की चिंता
निगम चुनाव से ठीक पहले भाजपा भी शहर में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। भाजपा की मजबूती कांग्रेस और अकाली दल दोनों के लिए मुसीबत बनी हुई है। भाजपा प्रत्येक वार्ड में हिंदू नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही है। यह सभी वे नेता हैं जो किसी समय में कांग्रेस या अकाली दल की ताकत रहे हैं। ऐसे में अब वह नेता खुद ही चुनावी मैदान में आए गए। इसके साथ ही भाजपा अपने हिंदू कार्ड के दम पर दूसरी पार्टियों में सक्रिय हिंदू नेताओं पर भी डोरे डाल रही है। इतना ही एक सरगर्म नेता को तो पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की आफर भाजपा वहीं, मंगलवार को हिंदू नेता रोमेश दत्त भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी के सीनियर नेता सुखविंदर सिंह गोल्डी, अरुण शर्मा और अशोक झा ने उनका पार्टी में स्वागत किया। वहीं, जिस कार्यक्रम में रोमेश दत्त भाजपा में शामिल हुए हैं। उसमें मोहाली ब्राह्मण सभा के प्रधान वीके वैद भी शामिल रहे।
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