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बग्गा के खिलाफ 23 मई तक गैर जमानती अरेस्ट वारंट जारी
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मोहाली। भाजपा के युवा नेता तजिंदर पाल बग्गा की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को हुए बवाल के बाद अब पंजाब पुलिस पक्की तैयारी के साथ दिल्ली जाएगी। शनिवार को पुलिस ने जिला अदालत की शरण ली। साथ ही आरोपी के गैर जमानती अरेस्ट वारंट जारी करवाए हैं। अदालत ने पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार कर 23 मई तक पेश करने के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि अब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लौटेगी।
जानकारी के मुुताबिक भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी संबंधी वारंट जारी करवाने के लिए डीएसपी सिटी-एक की अगुवाई में टीम अदालत पहुंची। अदालत में दायर की गई याचिका में बताया गया है कि आरोपी पर अप्रैल में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे पांच बार जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे गए लेकिन उसकी तरफ से जांच में कोई सहयोग नहीं दिया गया। इसके बाद छह मई को आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस की टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई। इस दौरान डीएसपी कुलजिंदर सिंह की अगुवाई में पुलिस पार्टी नई दिल्ली के जनकपुरी थाने में आरोपी की गिरफ्तारी संबंधी सूचना देने गई थी लेकिन इसकी डीडीआर तक दर्ज नहीं की गई। इसके बाद जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके मोहाली जिला अदालत में पेश करने के लिए आ रही थी तो कुरुक्षेत्र के पास उनकी टीम को रोक दिया गया। साथ ही आरोपी व पुलिस को थानेसर थाने ले जाया गया जहां ढाई बजे दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी एक वेस्ट प्रशांत गौतम अपनी टीम के साथ पहुंचे। इसके बाद गैर-कानूनी तरीके से आरोपी को जदबस्ती छुड़ाकर ले गए। इस संबंधी थानेसर थाने में बकायादा डीडीआर दर्ज की गई। अदालत ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी को पहले ही जांच में शामिल होने के लिए कई मौके दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी आरोपी जांच का हिस्सा नहीं बना। ऐसे में न्याय के लिए जरूरी है कि आरोपी के गैर जमानती वारंट जारी किए जाए।
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जानकारी के मुुताबिक भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी संबंधी वारंट जारी करवाने के लिए डीएसपी सिटी-एक की अगुवाई में टीम अदालत पहुंची। अदालत में दायर की गई याचिका में बताया गया है कि आरोपी पर अप्रैल में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे पांच बार जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे गए लेकिन उसकी तरफ से जांच में कोई सहयोग नहीं दिया गया। इसके बाद छह मई को आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस की टीम दिल्ली के लिए रवाना हुई। इस दौरान डीएसपी कुलजिंदर सिंह की अगुवाई में पुलिस पार्टी नई दिल्ली के जनकपुरी थाने में आरोपी की गिरफ्तारी संबंधी सूचना देने गई थी लेकिन इसकी डीडीआर तक दर्ज नहीं की गई। इसके बाद जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके मोहाली जिला अदालत में पेश करने के लिए आ रही थी तो कुरुक्षेत्र के पास उनकी टीम को रोक दिया गया। साथ ही आरोपी व पुलिस को थानेसर थाने ले जाया गया जहां ढाई बजे दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी एक वेस्ट प्रशांत गौतम अपनी टीम के साथ पहुंचे। इसके बाद गैर-कानूनी तरीके से आरोपी को जदबस्ती छुड़ाकर ले गए। इस संबंधी थानेसर थाने में बकायादा डीडीआर दर्ज की गई। अदालत ने सभी तथ्यों को सुनने के बाद कहा कि आरोपी को पहले ही जांच में शामिल होने के लिए कई मौके दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी आरोपी जांच का हिस्सा नहीं बना। ऐसे में न्याय के लिए जरूरी है कि आरोपी के गैर जमानती वारंट जारी किए जाए।
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