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अविश्वास प्रस्ताव : 20 पार्षदों और विधायक ने समर्थन में उठाए हाथ, फैसला देगी कोर्ट
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जीरकपुर। उच्च न्यायालय के ऑब्जर्वर की देखरेख में नगर परिषद जीरकपुर में शुक्रवार को 20 पार्षदों और हलका विधायक ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हाथ खड़ा करके वोट दिया। 31 पार्षदों के सदन में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दस पार्षद अनुपस्थित थे। अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ या नहीं इस पर अलग-अलग राय है। आज की सारी कार्यवाही की रिपोर्ट ऑब्जर्वर उच्च न्यायालय में पेश करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा भी यह रिपोर्ट निकाय विभाग के डायरेक्टर और सचिव को भेज दी जाएगी। इसके बाद ही कोई फैसला आएगा। आज की सारी कार्रवाई की बाकायदा वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इसे भी अदालत में पेश किया जाएगा। निकाय विभाग के नियमों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए दो तिहाई बहुमत का होना जरूरी है। यहां पर 31 में से 20 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया।
करीब सवा साल पहले नगर परिषद जीरकपुर के पार्षदों ने नगर परिषद के अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। उसके बाद यह मामला अदालत में चला गया था। लोगों की निगाहें कोर्ट की तरफ लगी हुई थी। शुक्रवार को ऑब्जर्वर की देखरेख में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की गई। अब एक बार फिर लोगों की निगाहें हाईकोर्ट की तरफ टिक गई हैं। अगर विरोध में दो तिहाई बहुमत सिद्ध करने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित होता है तो उदयवीर ढिल्लों अध्यक्ष पद पर नहीं बने रहेंगे और अगर अविश्वास प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से कम रह जाता है तो उदयवीर ढिल्लों नगर परिषद जीरकपुर के अध्यक्ष बने रहेंगे। इस सारी प्रक्रिया के 30 दिन के भीतर उपाध्यक्ष का चयन भी करना होगा।
नगर परिषद रोड पर रहे सुरक्षा के कड़े प्रबंध
नगर परिषद जीरकपुर की कार्रवाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों पर नगर परिषद रोड पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस रोड के हर गली के मोड पर पुलिस तैनात की गई थी। दोपहर तक किसी को भी बिना छानबीन किए आगे नहीं जाने दिया गया। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाकर आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी गई।
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पार्षदों का अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया है, लोकतंत्र की जीत हुई है। अकाली दल, आम आदमी पार्टी और भाजपा ने डेढ़ साल में शहर का बेड़ा गर्क कर दिया है, अब सबसे पहले शहर की हालत में सुधार करना होगा। शहर में चारों तरफ विकास कार्य शुरू करवाए जाएंगे। सरकार अगर आज के इस मामले में कोई धक्केशाही करने की कोशिश करेगी तो फिर से माननीय अदालत के ध्यान में लाया जाएगा। आज की प्रोसिडिंग अदालत में पहुंचने के बाद अगले हफ्ते फैसला आने की उम्मीद है। -उदयवीर सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष, नगर परिषद जीरकपुर।
वैसे आज का अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है। हमारे पास पूरी संख्या में पार्षद मौजूद थे। पार्षदों की संख्या की प्रतिशतता के हिसाब से फैसला माननीय उच्च न्यायालय ने करना है जो कि हमारे पक्ष में ही आने की उम्मीद है। -कुलजीत रंधावा, विधायक, हलका डेराबस्सी।
आज की मीटिंग बहुत अच्छे माहौल में हुई है। विधायक सहित 21 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाले हैं। नियमों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। अब फैसला अदालत के हाथ में है। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर।
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करीब सवा साल पहले नगर परिषद जीरकपुर के पार्षदों ने नगर परिषद के अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। उसके बाद यह मामला अदालत में चला गया था। लोगों की निगाहें कोर्ट की तरफ लगी हुई थी। शुक्रवार को ऑब्जर्वर की देखरेख में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की गई। अब एक बार फिर लोगों की निगाहें हाईकोर्ट की तरफ टिक गई हैं। अगर विरोध में दो तिहाई बहुमत सिद्ध करने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित होता है तो उदयवीर ढिल्लों अध्यक्ष पद पर नहीं बने रहेंगे और अगर अविश्वास प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से कम रह जाता है तो उदयवीर ढिल्लों नगर परिषद जीरकपुर के अध्यक्ष बने रहेंगे। इस सारी प्रक्रिया के 30 दिन के भीतर उपाध्यक्ष का चयन भी करना होगा।
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नगर परिषद रोड पर रहे सुरक्षा के कड़े प्रबंध
नगर परिषद जीरकपुर की कार्रवाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों पर नगर परिषद रोड पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस रोड के हर गली के मोड पर पुलिस तैनात की गई थी। दोपहर तक किसी को भी बिना छानबीन किए आगे नहीं जाने दिया गया। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाकर आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी गई।
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पार्षदों का अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया है, लोकतंत्र की जीत हुई है। अकाली दल, आम आदमी पार्टी और भाजपा ने डेढ़ साल में शहर का बेड़ा गर्क कर दिया है, अब सबसे पहले शहर की हालत में सुधार करना होगा। शहर में चारों तरफ विकास कार्य शुरू करवाए जाएंगे। सरकार अगर आज के इस मामले में कोई धक्केशाही करने की कोशिश करेगी तो फिर से माननीय अदालत के ध्यान में लाया जाएगा। आज की प्रोसिडिंग अदालत में पहुंचने के बाद अगले हफ्ते फैसला आने की उम्मीद है। -उदयवीर सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष, नगर परिषद जीरकपुर।
वैसे आज का अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है। हमारे पास पूरी संख्या में पार्षद मौजूद थे। पार्षदों की संख्या की प्रतिशतता के हिसाब से फैसला माननीय उच्च न्यायालय ने करना है जो कि हमारे पक्ष में ही आने की उम्मीद है। -कुलजीत रंधावा, विधायक, हलका डेराबस्सी।
आज की मीटिंग बहुत अच्छे माहौल में हुई है। विधायक सहित 21 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाले हैं। नियमों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। अब फैसला अदालत के हाथ में है। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर।