{"_id":"641cb45a168ebaa4aa0c51c8","slug":"nankana-sahib-incident-had-an-impact-on-bhagat-singh-prof-jagmohan-singh-mohali-news-c-16-1-95036-2023-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"ननकाना साहिब की घटना का भगत सिंह पर पड़ा असर : प्रो. जगमोहन सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ननकाना साहिब की घटना का भगत सिंह पर पड़ा असर : प्रो. जगमोहन सिंह
Fri, 24 Mar 2023 01:49 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Fri, 24 Mar 2023 01:49 AM IST
विज्ञापन
ननकाना साहिब की घटना का भगत सिंह पर पड़ा असर : प्रो. जगमोहन सिंह
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी का मनाया शहीदी दिवस, मुख्यातिथि शहीद भगत सिंह के भतीजे प्रो. जगमोहन सिंह ने की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड रिटायरीज एसोसिएशन ने वीरवार को ऑडिटोरियम में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी का शहीदी दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शहीद भगत सिंह के भतीजे प्रो. जगमोहन सिंह ने शिरकत की। उन्होंने समारोह की शुरुआत शहीदों की तस्वीरों पर फूलमालाएं पहनाकर की।
इस अवसर पर उन्होंने प्रमुखता से उन बातों का जिक्र किया जो लोगों को पता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जलियांवाला घटना के समय भगत सिंह केवल 12 वर्ष के थे, इस घटना का भगत सिंह के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। फिर दो साल बाद ननकाना साहिब की घटना ने अंग्रेजों के प्रति और नफरत पैदा कर दी।
बोर्ड के वाइस चेयरमैन डॉ. वीरेंद्र भाटिया ने अपने भाषण में कहा कि हम आज भी भगत सिंह के इस विचार से प्रेरित हैं कि जहां भी ज्यादती हो, हमें उसके खिलाफ बोलना चाहिए। मास्टर देस राज के ढाडी जत्थे ने भगत सिंह के जन्म से शहादत तक के सफर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में अध्यक्ष अमर सिंह धालीवाल ने समारोह में पधारे सभी साथियों का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी का मनाया शहीदी दिवस, मुख्यातिथि शहीद भगत सिंह के भतीजे प्रो. जगमोहन सिंह ने की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड रिटायरीज एसोसिएशन ने वीरवार को ऑडिटोरियम में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी का शहीदी दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शहीद भगत सिंह के भतीजे प्रो. जगमोहन सिंह ने शिरकत की। उन्होंने समारोह की शुरुआत शहीदों की तस्वीरों पर फूलमालाएं पहनाकर की।
इस अवसर पर उन्होंने प्रमुखता से उन बातों का जिक्र किया जो लोगों को पता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जलियांवाला घटना के समय भगत सिंह केवल 12 वर्ष के थे, इस घटना का भगत सिंह के मन पर गहरा प्रभाव पड़ा। फिर दो साल बाद ननकाना साहिब की घटना ने अंग्रेजों के प्रति और नफरत पैदा कर दी।
विज्ञापन
बोर्ड के वाइस चेयरमैन डॉ. वीरेंद्र भाटिया ने अपने भाषण में कहा कि हम आज भी भगत सिंह के इस विचार से प्रेरित हैं कि जहां भी ज्यादती हो, हमें उसके खिलाफ बोलना चाहिए। मास्टर देस राज के ढाडी जत्थे ने भगत सिंह के जन्म से शहादत तक के सफर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में अध्यक्ष अमर सिंह धालीवाल ने समारोह में पधारे सभी साथियों का आभार जताया।
विज्ञापन