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Mohali News: मेडिकल कॉलेज के तीनों ऑक्सीजन प्लांट बंद, हर महीने लग रही 20 लाख की चपत

Fri, 03 Feb 2023 09:46 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली Updated Fri, 03 Feb 2023 09:46 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के तीनों ऑक्सीजन प्लांट बंद, हर महीने लग रही 20 लाख की चपत
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अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए बाहर से ऑक्सीजन मंगवा रहा है अस्पताल प्रशासन
सरबत प्लांट शुरुआत से ही पड़ा बंद, कोरोना काल में शुरू किए थे प्लांट
नगमा सिंह

मोहाली। फेज-6 स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राज्य आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना काल के समय लगाए गए तीन ऑक्सीजन प्लांट अब काम नहीं कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से यहां भर्ती मरीजों के लिए बाहर से ऑक्सीजन मंगवाई जा रही है। इसका खर्च भी अस्पताल की ओर से किया जा रहा है। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लॉट होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन अब रोजाना करीब 20 लाख रुपये प्रति महीने से अधिक की ऑक्सीजन खरीद रहा है।
बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान मोहाली मेडिकल कॉलेज में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे। कॉलेज में 1000 एलपीएम और एलएमओ लाइनों की क्षमता वाले तीन मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट (पीएसए प्लांट) की शुरुआत 2021 में की गई थी। वहीं इस समय तीन प्लॉटों डीआरडीओ, कैनेडियन और सरबत भला ऑक्सीजन प्लॉट बंद पड़े हैं।
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मेडिकल कॉलेज में लगाए गए तीन पीएसए प्लांट में से सबसे अधिक इस्तेमाल डीआरडी ऑक्सीजन प्लांट किया जा रहा था। वहीं दूसरी और कैनेडियन प्लांट पर खर्च कम करने के लिए इसको बंद किया गया है। वहीं सरबत प्लांट लगने के कुछ महीनों के बाद ही यह बंद कर दिया गया था। इसकी तरफ आज तक कोई नहीं देख रहा है। वहीं तीनों प्लॉट की ऑक्सीजन आईसीयू तक पहुंचाने के लिए एक लिक्विड कॉयल की जरूरत पड़ती हैए लेकिन लंबे समय से मेडिकल काॅलेज प्रशासन इसको नहीं खरीद रहा है। तीनों पीएसए प्लांट के बंद होने का मुख्य कारण भी यही बताया जा रहा है। संवाद
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ऑक्सीजन प्लांट बंद, 230 डी-टाइप सिलिंडर से चल रहा काम
अस्पताल में करीब 230 डी-टाइप सिलिंडर को काम में लाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। वहीं ऑक्सीजन प्लांट को ताला लगाया गया है। दूसरी ओर अस्पताल के अंदर ऑक्सीजन प्लांट बनने के बाद बिछाई गई पाइपों के बावजूद भी मरीजों को सिलिंडर के जरिये ही ऑक्सीजन दी जा रही है।
कोट
तीनों ऑक्सीजन प्लांट इस समय बंद हैं। तीनों में से सबसे अधिक डीआरडीओ को ही इस्तेमाल किया जा रहा था। इसमें कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण यह बंद करना पड़ा है। वहीं मैक्स अस्पताल की ओर से कुछ तोड़फोड़ की गई थी। इस कारण कैनेडियन प्लांट में किसी एक पाइप को नुकसान पहुंचा था। ऐसे में उसे भी कुछ समय के लिए बंद किया गया है। सरबत प्लांट तो लंबे समय से ही काम नहीं कर रहा है। -डॉ. भवनीत भारती, डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल


कोट
मेडिकल कॉलेज की तीनों प्लॉट चलने के लिए जो खर्च आने वाला है, उसके लिए विभाग की स्वीकृति मिलने में लंबा समय लग रहा है। नवंबर, 2022 तक डीआरडीओ प्लांट चल रहा था। लेकिन अधिक इस्तेमाल के कारण उसमें तकनीकी खराबी आ गई। वहीं कैनेडियन और सरबत प्लांट से पिछले एक साल से कम ही काम लिया गया है। उन्हें भी चलाने के लिए काफी खर्च की जरूरत है जो हमारे मेडिकल को जारी करने में समय लग रहा है। वहीं आने वाले 15 दिन में इस समस्या का हल भी किया जाएगा। फिलहाल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी मिलजुल कर काम कर रहे हैं तो ऐसे में हमें अस्पताल के एसएमओ ही ऑक्सीजन बाहर से मुहैया करवा रहे हैं। -डॉ. नवदीप सैनी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट
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