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मोहाली के छात्र की लघु फिल्म ‘ दि एग्जाम’ बचाएगी बोर्ड की परीक्षाओं के तनाव से
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मोहाली। अकसर बोर्ड की परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के बाद छात्र डिप्रेशन में आ जाते हैं। इतना ही नहीं कई छात्र तो आत्महत्या तक कर लेते हैं। क्या एक बार परीक्षा में फेल हो जाने से सब कुछ खत्म हो जाता है। ऐसा नहीं है, जिंदगी हमें कई मौके देती है। हमें खुद का और अपने अभिभावकों का भी ख्याल रखना चाहिए। कुछ ऐसा ही संदेश देती है बीबीए के छात्र गुरप्रीत सिंह की ओर से बनाई गई लघु फिल्म ‘दि एग्जाम’। जो उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाई है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को उन्होंने यू-ट्यूब पर अपलोड कर दिया है। जल्दी ही वह इस फिल्म को स्कूल और कॉलेजों में छात्रों को दिखाने के लिए पंजाब और चंडीगढ़ के शिक्षा अधिकारियों से अपील करेंगे। जिससे छात्र इस फिल्म से यह समझ सकें कि जिंदगी हमें कई मौके देती है। कभी-कभी दोबारा प्रयास करने से कामयाबी मिल जाती है।
गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह ज्ञान ज्योति कॉलेज से बीबीए के छात्र हैं और इसके साथ एक थियेटर कलाकार भी हैं। उन्होंने कहा कि अब एग्जाम का समय आने वाला है। ऐसे में हम तनाव में आकर छात्रों की ओर से आत्महत्या करने की खबरें सुनते हैं। छात्रोें को दोबारा प्रयास करने की जानकारी देने के लिए ही उन्होंने यह फिल्म बनाई है। यह पांच मिनट की फिल्म जिंदगी का सबक दे जाती है। क्योंकि एक परीक्षा में फेल होने से जिंदगी खत्म नहीं होती, बल्कि जिंदगी हमें कई बार मौके देती रहती है। जहां से हम दोबारा प्रयास शुरू कर देते हैं, वहीं से जीवन शुरू हो जाता है। उन्होंने सोमवार को फिल्म यू-ट्यूब पर अपलोड की थी और अब तक इसे पांच सौ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। लोगोें की ओर से उनके काम को सराहा जा रहा है। गुरप्रीत ने कहा कि उनके पिता एक मिस्त्री हैं और माता गृहिणी है। सभी एक साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले वह ड्रग फिल्म में काम कर चुके हैं। उनका कहना है कि उनकी बस एक ही कोशिश है कि वह समाज की बुराईयों को खत्म कर पाएं।
ऐसे करें एग्जाम की तैयारी
गुरप्रीत सिंह ने कहा कि जब तक परीक्षा आने में समय है, लिखकर तैयारी करें। जो चीज समझ नहीं आती, शिक्षक और यू-ट्यूब का सहारा लें। पढ़ाई के लिए पूरा दिन नहीं, बल्कि क्वालिटी टाइम दें। इसके साथ ही सेशन के शुरू से जिस किताब से पढ़ रहे हैं उसी से पढ़ाई करें और शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए खेल या कसरत भी जरूर करते रहें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है।
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गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह ज्ञान ज्योति कॉलेज से बीबीए के छात्र हैं और इसके साथ एक थियेटर कलाकार भी हैं। उन्होंने कहा कि अब एग्जाम का समय आने वाला है। ऐसे में हम तनाव में आकर छात्रों की ओर से आत्महत्या करने की खबरें सुनते हैं। छात्रोें को दोबारा प्रयास करने की जानकारी देने के लिए ही उन्होंने यह फिल्म बनाई है। यह पांच मिनट की फिल्म जिंदगी का सबक दे जाती है। क्योंकि एक परीक्षा में फेल होने से जिंदगी खत्म नहीं होती, बल्कि जिंदगी हमें कई बार मौके देती रहती है। जहां से हम दोबारा प्रयास शुरू कर देते हैं, वहीं से जीवन शुरू हो जाता है। उन्होंने सोमवार को फिल्म यू-ट्यूब पर अपलोड की थी और अब तक इसे पांच सौ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। लोगोें की ओर से उनके काम को सराहा जा रहा है। गुरप्रीत ने कहा कि उनके पिता एक मिस्त्री हैं और माता गृहिणी है। सभी एक साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले वह ड्रग फिल्म में काम कर चुके हैं। उनका कहना है कि उनकी बस एक ही कोशिश है कि वह समाज की बुराईयों को खत्म कर पाएं।
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ऐसे करें एग्जाम की तैयारी
गुरप्रीत सिंह ने कहा कि जब तक परीक्षा आने में समय है, लिखकर तैयारी करें। जो चीज समझ नहीं आती, शिक्षक और यू-ट्यूब का सहारा लें। पढ़ाई के लिए पूरा दिन नहीं, बल्कि क्वालिटी टाइम दें। इसके साथ ही सेशन के शुरू से जिस किताब से पढ़ रहे हैं उसी से पढ़ाई करें और शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए खेल या कसरत भी जरूर करते रहें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ आत्मा का वास होता है।
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