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लोगों ने पार्क में मोबाइल टावर लगाने का काम रुकवाया
ब्यूरो, अमर उजाला/मोहाली
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:12 AM IST
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केंद्र सरकार ने शिकायत निवारण पोर्टल के लिए मोबाइल एप्लीकेशन लांच की है।
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फेज-10 के रिहायशी पार्क में मंगलवार को एक नामी प्राइवेट टेलीफोन कंपनी के मुलाजिम बिना मंजूरी के पार्क में मोबाइल टावर लगाने पहुंचे। इलाके के लोग सिटीजन वेलफेयर डेवलपमेंट फोरम के बैनर तले एकजुट होकर काउंसिल के चेयरमैन रिपुदमन की अगुवाई में एकजुट होकर टावर लगाने का काम रुकवा दिया। लोगों ने कंपनी के मुलाजिमों को वहां से भगा दिया। मुलाजिम टावर लगाने के लिए जेसीबी लेकर आए थे।
एडवोकेट रंजीवन सिंह ने बताया कि जब टावर लगाने आए कंपनी के मुलाजिमों से अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहा तो उन्होंने एक कॉपी दी। इसमें 13 साइट्स दिखाई गई थी। इनमें फेज-10 स्थित कोठी नंबर 2280 के पास पार्क में टावर लगाने की अनुुमति एसडीसी की ओर से दी गई थी। इस मौके पर एडवोकेट ने कहा कि एडीसी पार्क में टावर लगाने की अनुमति कैसे दे सकता है। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी वाले मकान नंबर 2280 के नजदीक वाले पार्क की अनुमति लेकर 2229 के साथ वाले पार्क में पार्क में टावर लगा गए।
रिपुदमन सिंह ने कहा कि गमाडा की तरफ से जो पार्क लोगों के लिए बनाए गए थे। उनकी कीमत भी लोगों के मकानों की अलॉटमेंट के साथ ही वसूली गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कोई भी व्यक्ति कहेगा कि वह फीस भरने को तैयार है। ऐसे में क्या उसे पार्क में कॉमर्शियल काम करने दिया जाए। इसके लिए क्या गमाडा उसे अनुमति दे देगा। उन्होंने कहा कि किसी कीमत पर पार्क में टावर नहीं लगने दिया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। एडीसी को मामले में निजी तौर पर पार्टी बनाया जाएगा। उन्होंने ही इस तरह की इजाजत दी है।
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एडवोकेट रंजीवन सिंह ने बताया कि जब टावर लगाने आए कंपनी के मुलाजिमों से अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहा तो उन्होंने एक कॉपी दी। इसमें 13 साइट्स दिखाई गई थी। इनमें फेज-10 स्थित कोठी नंबर 2280 के पास पार्क में टावर लगाने की अनुुमति एसडीसी की ओर से दी गई थी। इस मौके पर एडवोकेट ने कहा कि एडीसी पार्क में टावर लगाने की अनुमति कैसे दे सकता है। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी वाले मकान नंबर 2280 के नजदीक वाले पार्क की अनुमति लेकर 2229 के साथ वाले पार्क में पार्क में टावर लगा गए।
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रिपुदमन सिंह ने कहा कि गमाडा की तरफ से जो पार्क लोगों के लिए बनाए गए थे। उनकी कीमत भी लोगों के मकानों की अलॉटमेंट के साथ ही वसूली गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कोई भी व्यक्ति कहेगा कि वह फीस भरने को तैयार है। ऐसे में क्या उसे पार्क में कॉमर्शियल काम करने दिया जाए। इसके लिए क्या गमाडा उसे अनुमति दे देगा। उन्होंने कहा कि किसी कीमत पर पार्क में टावर नहीं लगने दिया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। एडीसी को मामले में निजी तौर पर पार्टी बनाया जाएगा। उन्होंने ही इस तरह की इजाजत दी है।
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