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मनरेगा मुलाजिमों का संघर्ष, बैठक रही बेनतीजा
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मोहाली। फेज-आठ विकास भवन में मनरेगा कर्मचारियों की ओर से लगाया गया पक्का मोर्चा छठे दिन में प्रवेश कर गया। मंगलवार को पंजाब भवन चंडीगढ़ में सरकार ग्रामीण विकास और पंचायत के अधिकारियों के साथ यूनियन की बैठक हुई, लेकिन वह भी बेनतीजा रही।
बैठक के बाद मनरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब के अध्यक्ष वीरिंदर सिंह, महासचिव अमृतपाल सिंह, प्रेस सचिव अमरीक सिंह मेहराज कहना है था कि मंगलवार की बैठक में विभाग के अधिकारियों की ओर से उन्हें एक बार फिर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। साथ ही और नो वर्क नो पे की नीति के मुताबिक धमकाया गया, लेकिन यूनियन के कर्मचारियों की ओर से विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट जवाब दिया कि अगर आप उन्हें बर्खास्त कर देंगे तो वे एक बड़े संघर्ष के बाद वापस नौकरी पर लौटेंगे आएंगे।
मनरेगा कर्मचारियों ने कहा कि कोई भी मंत्री सड़कों से ग्रामीणों तक पहुंच रहे हैं तो वह हमारी बदौलत ही हैं। वहीं, मनरेगा कर्मचारी यूनियन का कहना है कि मंगलवार की बैठक का कोई ठोस नतीजा न निकलने पर कर्मचारियों को 19 अगस्त को फिर बैठक के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव द्वारा बुलाया गया है। तब तक कर्मचारी मांगों को लेकर विकास भवन के बाहर पक्का मोर्चा लगाकर बैठे रहेंगे।
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बैठक के बाद मनरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब के अध्यक्ष वीरिंदर सिंह, महासचिव अमृतपाल सिंह, प्रेस सचिव अमरीक सिंह मेहराज कहना है था कि मंगलवार की बैठक में विभाग के अधिकारियों की ओर से उन्हें एक बार फिर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। साथ ही और नो वर्क नो पे की नीति के मुताबिक धमकाया गया, लेकिन यूनियन के कर्मचारियों की ओर से विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट जवाब दिया कि अगर आप उन्हें बर्खास्त कर देंगे तो वे एक बड़े संघर्ष के बाद वापस नौकरी पर लौटेंगे आएंगे।
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मनरेगा कर्मचारियों ने कहा कि कोई भी मंत्री सड़कों से ग्रामीणों तक पहुंच रहे हैं तो वह हमारी बदौलत ही हैं। वहीं, मनरेगा कर्मचारी यूनियन का कहना है कि मंगलवार की बैठक का कोई ठोस नतीजा न निकलने पर कर्मचारियों को 19 अगस्त को फिर बैठक के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव द्वारा बुलाया गया है। तब तक कर्मचारी मांगों को लेकर विकास भवन के बाहर पक्का मोर्चा लगाकर बैठे रहेंगे।
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