{"_id":"6678c2840e3b099700079e56","slug":"ministers-statement-of-rs-9-crore-fund-regarding-ghaggar-is-paper-bku-mohali-news-c-16-1-pkl1016-452736-2024-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"घग्गर के बारे में मंत्री का नौ करोड़ रुपए फंड का बयान कागजी: भाकियू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घग्गर के बारे में मंत्री का नौ करोड़ रुपए फंड का बयान कागजी: भाकियू
विज्ञापन
लालडू। भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल ब्लॉक डेराबस्सी के कार्यकारिणी सदस्य मनप्रीत सिंह अमलाला के नेतृत्व में यूनियन की बैठक मुख्य कार्यालय के नजदीक टोल प्लाजा दप्पर में हुई। बैठक में जल संसाधन मंत्री चेतन सिंह जोरा की ओर से हाल ही में डेराबस्सी और लालरू में घग्गर नदी का दौरा करने पर चर्चा की गई। यूनियन ने मंत्री के इस दौरे को निरर्थक और क्षेत्र के लोगों के लिए अपमानजनक बताया।
मनप्रीत सिंह अमलाला ने कहा कि मंत्री ने यह दौरा ऐसे समय किया है जब मानसून सिर पर खड़ा है। इतने कम समय में नदी के किनारे या अन्य तटबंधों पर घग्घरों को समय पर ठीक नहीं किया जा सकता है। श्री अमलाला ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र में घग्गर के अलावा, गांव जंडाली में रासायनिक कारखाने द्वारा रोका गया जल प्रवाह और गांव झरमारी में आवास परियोजनाओं द्वारा रोके गए वर्षा जल और टांगरी नदी और अन्य वर्षा आधारित नदियों के तटों की सफाई और मरम्मत की जा रही है। लेकिन, अब तक सरकार का कार्य कारगर साबित नहीं हो सका है।
घग्गर नदी से किसानों की जमीन बर्बाद होने और फसल बर्बाद होने पर सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। अमलाला ने कहा कि हलके के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को गेहूं की कटाई के समय मंत्री से मुलाकात करनी चाहिए थी ताकि अब तक घग्गर का काम पूरा हो गया होता।
विज्ञापन
अमलाला ने कहा कि घग्गर के लिए मंत्री द्वारा दिया गया नौ करोड़ का बयान केवल बयान बनकर रह जाएगा। इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं होगा। बैठक में मंत्री की यात्रा को संघ द्वारा मंत्रियों की पिछली यात्राओं की तरह केवल एक गेड़ी रूट घोषित किया गया।
विज्ञापन
मनप्रीत सिंह अमलाला ने कहा कि मंत्री ने यह दौरा ऐसे समय किया है जब मानसून सिर पर खड़ा है। इतने कम समय में नदी के किनारे या अन्य तटबंधों पर घग्घरों को समय पर ठीक नहीं किया जा सकता है। श्री अमलाला ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र में घग्गर के अलावा, गांव जंडाली में रासायनिक कारखाने द्वारा रोका गया जल प्रवाह और गांव झरमारी में आवास परियोजनाओं द्वारा रोके गए वर्षा जल और टांगरी नदी और अन्य वर्षा आधारित नदियों के तटों की सफाई और मरम्मत की जा रही है। लेकिन, अब तक सरकार का कार्य कारगर साबित नहीं हो सका है।
विज्ञापन
घग्गर नदी से किसानों की जमीन बर्बाद होने और फसल बर्बाद होने पर सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। अमलाला ने कहा कि हलके के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को गेहूं की कटाई के समय मंत्री से मुलाकात करनी चाहिए थी ताकि अब तक घग्गर का काम पूरा हो गया होता।
विज्ञापन
अमलाला ने कहा कि घग्गर के लिए मंत्री द्वारा दिया गया नौ करोड़ का बयान केवल बयान बनकर रह जाएगा। इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं होगा। बैठक में मंत्री की यात्रा को संघ द्वारा मंत्रियों की पिछली यात्राओं की तरह केवल एक गेड़ी रूट घोषित किया गया।