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नई एक्साइज पॉलिसी का शराब कारोबारियों ने जताया विरोध
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मोहाली। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा बनाई नई एक्साइज पॉलिसी के विरोध में रविवार को जिले के शराब ठेकेदारों की एसोसिएशन उतर आई है। एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित मीटिंग में शराब कारोबारियों ने नई पॉलिसी पर विरोध जताया और सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की।
जानकारी देते हुए एसोसिएशन के सदस्य गौरव जैन और अमन शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार की एक्साइज पॉलिसी आम आदमी के लिए नहीं खास आदमियों के लिए बनाई गई है। सरकार ने सिक्योरिटी राशि 7 करोड़ रुपये रखी है, जो सभी ठेकेदारों के लिए देना मुमकिन नहीं है। इसके अलावा एल-1 के लिए 30 करोड़ टर्नओवर की शर्त पूरा नहीं किया जा सकता। इससे पूर्व 5-7 करोड़ के सर्किल में काम होता था और अब 40 करोड़ का बड़ा सर्किल बनाकर सरकार ने छोटे ठेकेदारों को खत्म करने की योजना बनाई है। इससे पहले फिक्स कोटे में काम होता था, लेकिन अब सरकार ने कोटा ओपन कर दिया है। इससे ठेकेदारों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने मांग करते कहा कि सरकार इस पॉलिसी में बदलाव करे और साथ ही एसोसिएशन ने साफ किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो जिले के ठेकेदारों द्वारा विभाग का बॉयकाट किया जाएगा। एसोसिएशन ने बताया कि एक ग्रुप को चलाने के लिए करीब 20 करोड़ का निवेश चाहिए, जो किसी भी ठेकेदार के वश की बात नहीं है।
बैठक में इन मांगों पर हुई चर्चा
एक्साइज पॉलिसी में सर्किल छोटे किए जाए।
सात करोड़ सिक्योरिटी की शर्त खत्म हो।
एल-1 पुरानी पालिसी के तहत अलॉट किए जाए।
कोटा फिक्स हो और ई-टेंडरिंग के बजाय लॉटरी सिस्टम के तहत ठेके अलॉट किए जाएं।
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जानकारी देते हुए एसोसिएशन के सदस्य गौरव जैन और अमन शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार की एक्साइज पॉलिसी आम आदमी के लिए नहीं खास आदमियों के लिए बनाई गई है। सरकार ने सिक्योरिटी राशि 7 करोड़ रुपये रखी है, जो सभी ठेकेदारों के लिए देना मुमकिन नहीं है। इसके अलावा एल-1 के लिए 30 करोड़ टर्नओवर की शर्त पूरा नहीं किया जा सकता। इससे पूर्व 5-7 करोड़ के सर्किल में काम होता था और अब 40 करोड़ का बड़ा सर्किल बनाकर सरकार ने छोटे ठेकेदारों को खत्म करने की योजना बनाई है। इससे पहले फिक्स कोटे में काम होता था, लेकिन अब सरकार ने कोटा ओपन कर दिया है। इससे ठेकेदारों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने मांग करते कहा कि सरकार इस पॉलिसी में बदलाव करे और साथ ही एसोसिएशन ने साफ किया कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो जिले के ठेकेदारों द्वारा विभाग का बॉयकाट किया जाएगा। एसोसिएशन ने बताया कि एक ग्रुप को चलाने के लिए करीब 20 करोड़ का निवेश चाहिए, जो किसी भी ठेकेदार के वश की बात नहीं है।
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बैठक में इन मांगों पर हुई चर्चा
एक्साइज पॉलिसी में सर्किल छोटे किए जाए।
सात करोड़ सिक्योरिटी की शर्त खत्म हो।
एल-1 पुरानी पालिसी के तहत अलॉट किए जाए।
कोटा फिक्स हो और ई-टेंडरिंग के बजाय लॉटरी सिस्टम के तहत ठेके अलॉट किए जाएं।