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एक हफ्ते से नहीं पकड़ा गया तेंदुआ, लोगों में डर का माहौल
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जीरकपुर। एक हफ्ते से छतबीड़ चिड़िया घर के आसपास तेंदुआ दिखाई देने के बाद लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। उसे पकड़ने में जू प्रशासन और वन विभाग के पसीने छूटे हुए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक मादा तेंदुआ और उसके दो बच्चों को देखा गया है। इन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग ने पांच पिंजरे लगाए हैं। वहीं इन्हें पकड़ने के लिए पांच दिन से पिंजरे में बंद लावारिस कुत्तों को इसमें रखने पर उस समय बवाल खड़ा हो गया जब वन विभाग के ही कर्मचारी ने कुत्तों को पिंजरे में भूखे-प्यासे बंद रखने पर एतराज जताया तो जू प्रशासन ने कुत्तों को बाहर निकाल कर उनकी जगह मुर्गियों को डाल दिया गया। जब इसका भी विरोध किया गया तो जू प्रशासन ने मुर्गियां निकालकर मीट डाल दिया।
इस बारे में जू प्रशासन का कहना है कि पिंजरे के अंदर कुत्तों और मुर्गियों को तेंदुआ कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। वहीं वन विभाग के कर्मचारी ने बताया कि गर्मी इतनी ज्यादा है कि वह भूख-प्यास और गर्मी से ही मर जाएंगे। जैसे ही यह खबर मीडिया तक पहुंची तो जू प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से हाथ पीछे खींच लिया और बोले कि इसकी जांच कार्रवाई जाएगी कि कुत्तों को पिंजरे में किसने डाला था।
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चिड़ियाघर में तीन हिरणों पर किया हमला
मोबाइल में बनाई वीडियो में मादा तेंदुआ के साथ दो छोटे बच्चे भी दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार तेंदुआ छतबीड़ जू के अंदर हिरण सफारी में घुस गया था। उसने एक काला-सफेद हिरण और दो चितकबरे हिरणों पर हमला किया था। तीनों के शव सुबह बाड़े में दिखाई देने से हड़कंप मचा। हालांकि जू प्रबंधकों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली और इसकी जानकरी सार्वजनिक नहीं की।
गांववालों को नहीं दी सूचना
जांच में सामने आया है कि जू में यहां आने वाले सैलानियों के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। जानवरों को पकड़ने के लिए उनके खुद के पास अपने पिंजरे भी नहीं है। पिंजरे भी फॉरेस्ट रोपड़ रेंज से मंगवाए गए हैं। वहीं यह बात भी सामने आई है कि छतबीड़ जू के आसपास सुबह-शाम लोग सैर करते हैं और साथ ही छत गांव भी है। लोगों का आरोप है कि जू प्रबंधकों ने उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई।दूसरी तरफ जू प्रबंधकों का कहना है कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट करवाकर जानकारी दी थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारी टीम अलर्ट पर है। 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। तेंदुए के जू में आने व जाने का कोई सीधा प्रूफ नहीं है। लोगों ने घग्गर के पास उसे देखा है। एक हिरण पर हमले की बात सामने आई है जिसकी जांच चल रही है। जू के बाहर लगे पिंजरे में किसी ने कुत्ते को बंद किया था। जैसे ही मुझे पता चला उसे छोड़ दिया गया था। यह किसने किया, इसकी जांच चल रही है। -कल्पना, छतबीड़ जू डायरेक्टर
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक मादा तेंदुआ और उसके दो बच्चों को देखा गया है। इन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग ने पांच पिंजरे लगाए हैं। वहीं इन्हें पकड़ने के लिए पांच दिन से पिंजरे में बंद लावारिस कुत्तों को इसमें रखने पर उस समय बवाल खड़ा हो गया जब वन विभाग के ही कर्मचारी ने कुत्तों को पिंजरे में भूखे-प्यासे बंद रखने पर एतराज जताया तो जू प्रशासन ने कुत्तों को बाहर निकाल कर उनकी जगह मुर्गियों को डाल दिया गया। जब इसका भी विरोध किया गया तो जू प्रशासन ने मुर्गियां निकालकर मीट डाल दिया।
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इस बारे में जू प्रशासन का कहना है कि पिंजरे के अंदर कुत्तों और मुर्गियों को तेंदुआ कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। वहीं वन विभाग के कर्मचारी ने बताया कि गर्मी इतनी ज्यादा है कि वह भूख-प्यास और गर्मी से ही मर जाएंगे। जैसे ही यह खबर मीडिया तक पहुंची तो जू प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से हाथ पीछे खींच लिया और बोले कि इसकी जांच कार्रवाई जाएगी कि कुत्तों को पिंजरे में किसने डाला था।
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चिड़ियाघर में तीन हिरणों पर किया हमला
मोबाइल में बनाई वीडियो में मादा तेंदुआ के साथ दो छोटे बच्चे भी दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार तेंदुआ छतबीड़ जू के अंदर हिरण सफारी में घुस गया था। उसने एक काला-सफेद हिरण और दो चितकबरे हिरणों पर हमला किया था। तीनों के शव सुबह बाड़े में दिखाई देने से हड़कंप मचा। हालांकि जू प्रबंधकों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली और इसकी जानकरी सार्वजनिक नहीं की।
गांववालों को नहीं दी सूचना
जांच में सामने आया है कि जू में यहां आने वाले सैलानियों के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। जानवरों को पकड़ने के लिए उनके खुद के पास अपने पिंजरे भी नहीं है। पिंजरे भी फॉरेस्ट रोपड़ रेंज से मंगवाए गए हैं। वहीं यह बात भी सामने आई है कि छतबीड़ जू के आसपास सुबह-शाम लोग सैर करते हैं और साथ ही छत गांव भी है। लोगों का आरोप है कि जू प्रबंधकों ने उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई।दूसरी तरफ जू प्रबंधकों का कहना है कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट करवाकर जानकारी दी थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
हमारी टीम अलर्ट पर है। 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। तेंदुए के जू में आने व जाने का कोई सीधा प्रूफ नहीं है। लोगों ने घग्गर के पास उसे देखा है। एक हिरण पर हमले की बात सामने आई है जिसकी जांच चल रही है। जू के बाहर लगे पिंजरे में किसी ने कुत्ते को बंद किया था। जैसे ही मुझे पता चला उसे छोड़ दिया गया था। यह किसने किया, इसकी जांच चल रही है। -कल्पना, छतबीड़ जू डायरेक्टर