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Mohali News: रोज गार्डन में फूल तो दूर गुलाब का एक पौधा भी नजर नहीं आता

Mon, 23 Feb 2026 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:09 AM IST
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Leave alone flowers, not even a single rose plant is visible in the Rose Garden
फेज-3बी1 रोज गार्डन में जंगली घास का साम्राज्य, देखरेख के अभाव में अन्य पौधों की पीली पड़ चुकी हैं पत्तियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। गुलाब के मौसम में फेज-3बी1 स्थित रोज गार्डन (शहीद मेजर सिंह मेमोरियल पार्क) की हालत दयनीय है। यहां एक भी गुलाब का फूल तो दूर पौधा भी ढूंढने से नजर नहीं आता है। लोगों का कहना है कि देखरेख के अभाव में पार्क की हालत जर्जर हो गई है। स्थानीय निवासियों ने उम्मीद की थी कि यह पार्क भी चंडीगढ़ के गार्डन की तरह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। समय बीतने के साथ वह सपना मुरझा गया। आज वहां गुलाबों की जगह जंगली घास, अन्य पेड़-पौधे और पीली पड़ चुकी पत्तियां ही शेष हैं। आज से करीब पांच साल पहले, तत्कालीन विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने इस गार्डन के कायाकल्प की घोषणा की थी। उन्होंने वादा किया था कि बागवानी विभाग यहां गुलाब की 1,500 से अधिक विभिन्न किस्में लगाएगा।

वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के साथ अन्याय
पार्क में टहलने आने वाले बुजुर्गों का कहना है कि वे अपनी उम्र के इस पड़ाव में प्राकृतिक सुंदरता और सुकून के हकदार हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें इस अधिकार से वंचित कर रहा है। डीएवी कॉलेज के रिटायर्ड प्रिंसिपल स्वर्ण चौधरी 20 वर्षों से पार्क में एक छोटी लाइब्रेरी चला रहे उनका कहना है कि फूल और बच्चे तभी खिलते हैं जब उनकी देखभाल की जाए। यहां की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। कई-कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। लाइब्रेरियन सीमा रावत ने बताया कि पार्क में ओपन-एयर जिम, झूले और बच्चों के खेलने का क्षेत्र तो बनाया गया है, लेकिन सफाई और रख-रखाव के अभाव में ये सब बेकार साबित हो रहे हैं।
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शहीद के नाम पर बने गार्डन का अपमान
लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) एसएस सोही ने नाराजगी व्यक्त कर कहा कि जब कोई गार्डन किसी शहीद के नाम पर समर्पित होता है, तो उसका रख-रखाव करना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है। गार्डन की यह दुर्दशा न केवल निवासियों के लिए दुखद है, बल्कि यह उस शहीद के सम्मान के साथ भी खिलवाड़ है। तंग आकर वरिष्ठ नागरिकों ने मोहाली के डिप्टी कमिश्नर को एक पत्र लिखकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और पार्क की पुरानी गरिमा बहाल करने की मांग करने का निर्णय लिया है।
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