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लीज न भरने पर बलौंगी गोशाला की लीज रद्द
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मोहाली। बलौंगी स्थित गोशाला की दस एकड़ जमीन की लीज न भरने पर सरकार ने रद्द कर दी। यह गोशाला पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की अगुुवाई वाली संस्था चलाती है। चर्चा यह भी है कि जिस वजह से लीज रद्द की गई है, उसका आधार काफी कमजोर है। वहीं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि इस मामले में अदालत की शरण लेंगे।
शहर में लावारिस पशुओं की समस्याओं को हल करने के लिए बलौंगी में एक गोशाला बनाई हुई है। गोशाला को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की अगुवाई वाली संस्था चला रही है। इसमें कई नामी बिजनेसमैन सहयोग कर रहे हैं। वहीं, नगर निगम की तरफ से भी पशु भेजे जाते हैं। ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के आदेशों के मुताबिक गांव पंचायत बलौंगी से दस एकड़ चार कनाल शामलात जमीन पंजाब सरकार ने 33 वर्षीय लीज पॉलिसी के तहत दी थी। समझौते के मुताबिक 25 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन लीज पर दी गई है।
आदेशों में कहा गया है कि संस्था ने समय से लीज जमा नहीं करवाई। लीज पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक नियम तोड़ने पर सरकार बिना नोटिस दिए लीज रद्द कर सकती है। इस आदेश को जारी करते हुए विभाग ने जिला विकास व पंचायत अफसर को हिदायत दी है कि बकाया राशि की वसूली करके ग्राम पंचयात के खाते में जमा करवाई जाए। साथ ही इस मामले में कोताही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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पंजाब अंगेस्ट करप्श्न संस्था के प्रधान सतनाम सिंह दाऊं ने कहा सरकार की कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए ही है। दूसरी पार्टी को अदालत से राहत मिल जाएगी। सरकार के ऐसे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
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शहर में लावारिस पशुओं की समस्याओं को हल करने के लिए बलौंगी में एक गोशाला बनाई हुई है। गोशाला को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की अगुवाई वाली संस्था चला रही है। इसमें कई नामी बिजनेसमैन सहयोग कर रहे हैं। वहीं, नगर निगम की तरफ से भी पशु भेजे जाते हैं। ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के आदेशों के मुताबिक गांव पंचायत बलौंगी से दस एकड़ चार कनाल शामलात जमीन पंजाब सरकार ने 33 वर्षीय लीज पॉलिसी के तहत दी थी। समझौते के मुताबिक 25 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन लीज पर दी गई है।
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आदेशों में कहा गया है कि संस्था ने समय से लीज जमा नहीं करवाई। लीज पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक नियम तोड़ने पर सरकार बिना नोटिस दिए लीज रद्द कर सकती है। इस आदेश को जारी करते हुए विभाग ने जिला विकास व पंचायत अफसर को हिदायत दी है कि बकाया राशि की वसूली करके ग्राम पंचयात के खाते में जमा करवाई जाए। साथ ही इस मामले में कोताही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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पंजाब अंगेस्ट करप्श्न संस्था के प्रधान सतनाम सिंह दाऊं ने कहा सरकार की कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए ही है। दूसरी पार्टी को अदालत से राहत मिल जाएगी। सरकार के ऐसे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।