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कई गांवों की जमीन को वन विभाग ने पीएलपीए के तहत बताया बंद
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नयागांव। प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद एक तरफ जहां शामलाट जमीनों से कब्जा छुड़ाने की मुहिम चल रही है। वहीं अब वन विभाग भी अपने एक्शन में नजर आ रहा है। वन विभाग ने लैंड डेवलपर्स के खिलाफ एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। सूचना के जरिए लोगों को ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में न फंसने की सलाह दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-माफियाओं द्वारा इलाके की शामलाट जमीन के बाद नाले, नदी, पहाड़ एवं जंगल की जमीन को बेचा जा रहा है। शिवालिक की पहाड़ियों में बड़ी-बड़ी कोठियां एवं आलीशान फार्म हाउस बना रखे हैं। इतना सब कुछ होने के बाद वन विभाग के अधिकारी आखिरकार हरकत में आ गए हैं। विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ पूरी कार्रवाई की योजना बना चुका है। वन मंडल अधिकारी मोहाली की तरफ से एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। सूचना के अनुसार मोहाली जिले में कई लैंड डेवलपर्स द्वारा गैरकानूनी तरीके से वन विभाग की भूमि को समतल करने और अवैध रूप से फार्म हाउस की आड़ में खरीदारों को जमीन बेचने का मामला सामने आया है जबकि गांव तारापुर, बुराना, गोचर, माजरा, सुल्तानपुर, पालनपुर, दुलवा, सिसवा, छोटी-बड़ी नंगल, पड़ोल, मजारिया, स्युंक, पर्छ, करोरा, मिर्जापुर, सैनी माजरा, मुल्लापुर, ठसका, होशियारपुर, भुखड़ी, मलकपुर आदि गांव की जमीन पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4 एवं 5 के तहत बंद की गई है। ऐसी भूमि पर किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं है। इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय वन अधिनियम 1927, वन संरक्षण अधिनियम 1980, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के आदेशों की उल्लंघन करने संबंधित कानूनों और नियमों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
यह था मामला
वन विभाग ने डब्लूडब्लूआईसीएस के मालिक रिटायर्ड कर्नल बीएस संधू एवं तरसेम सिंह के खिलाफ पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही वन विभाग ने गमाडा को एक पत्र लिखा था। पत्र में वन विभाग ने डिफेंस एंड सर्विस पर्सनल वेलफेयर हाउसिंग सोसायटी, फेयर वुड्स, फेयर व्यूज, फेयर हैवन जैसे कुछ प्रोजेक्ट पर कार्रवाई करने के लिए लिखा था। उसके बाद गमाडा ने इलाके का सर्वे कराया है। साथ ही खनन विभाग की तरफ से भी मौका देखकर आरोपियों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
शिवालिक की पहाड़ियों में कुछ भू-माफियाओं के द्वारा कानूनों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। वही सार्वजनिक सूचना के माध्यम से लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में अपने पैसे न फंसाए। -गुरअमन सिंह, वन मंडल अधिकारी मोहाली
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प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-माफियाओं द्वारा इलाके की शामलाट जमीन के बाद नाले, नदी, पहाड़ एवं जंगल की जमीन को बेचा जा रहा है। शिवालिक की पहाड़ियों में बड़ी-बड़ी कोठियां एवं आलीशान फार्म हाउस बना रखे हैं। इतना सब कुछ होने के बाद वन विभाग के अधिकारी आखिरकार हरकत में आ गए हैं। विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ पूरी कार्रवाई की योजना बना चुका है। वन मंडल अधिकारी मोहाली की तरफ से एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। सूचना के अनुसार मोहाली जिले में कई लैंड डेवलपर्स द्वारा गैरकानूनी तरीके से वन विभाग की भूमि को समतल करने और अवैध रूप से फार्म हाउस की आड़ में खरीदारों को जमीन बेचने का मामला सामने आया है जबकि गांव तारापुर, बुराना, गोचर, माजरा, सुल्तानपुर, पालनपुर, दुलवा, सिसवा, छोटी-बड़ी नंगल, पड़ोल, मजारिया, स्युंक, पर्छ, करोरा, मिर्जापुर, सैनी माजरा, मुल्लापुर, ठसका, होशियारपुर, भुखड़ी, मलकपुर आदि गांव की जमीन पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4 एवं 5 के तहत बंद की गई है। ऐसी भूमि पर किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं है। इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय वन अधिनियम 1927, वन संरक्षण अधिनियम 1980, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के आदेशों की उल्लंघन करने संबंधित कानूनों और नियमों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
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यह था मामला
वन विभाग ने डब्लूडब्लूआईसीएस के मालिक रिटायर्ड कर्नल बीएस संधू एवं तरसेम सिंह के खिलाफ पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1900 की धारा 4 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही वन विभाग ने गमाडा को एक पत्र लिखा था। पत्र में वन विभाग ने डिफेंस एंड सर्विस पर्सनल वेलफेयर हाउसिंग सोसायटी, फेयर वुड्स, फेयर व्यूज, फेयर हैवन जैसे कुछ प्रोजेक्ट पर कार्रवाई करने के लिए लिखा था। उसके बाद गमाडा ने इलाके का सर्वे कराया है। साथ ही खनन विभाग की तरफ से भी मौका देखकर आरोपियों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
शिवालिक की पहाड़ियों में कुछ भू-माफियाओं के द्वारा कानूनों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई की जा रही है। वही सार्वजनिक सूचना के माध्यम से लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में अपने पैसे न फंसाए। -गुरअमन सिंह, वन मंडल अधिकारी मोहाली