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नई सीवरेज लाइन बिछाने में हुई लाखों की धोखाधड़ी
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मोहाली। वीआईपी शहर की सीवरेज की दिक्कत को दूर करने के लिए करीब 35 महीने से बिछाई जा रही नई लाइन का मामला विवादों में आ गया। विधायक कुलवंत सिंह का आरोप है कि प्रोजेक्ट में लाखों रुपये की धोखाधड़ी हुई। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। साथ ही इस प्रोजेक्ट की विजिलेंस जांच करवाकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों की माने तो प्रोजेक्ट पर नियमों के अनुसार ही सारा काम हुआ है।
विधायक की तरफ से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि अधिकारियों ने बिना किसी कारण से 975.42 लाख रुपये में पास हुए प्रोजेक्ट को मनमर्जी से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक बढ़ाकर सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ डाला है। पहले ही अलॉट हो चुके प्रोजेक्ट के टेंडरों में बढ़ोतरी करने का कोई कारण नहीं था। प्रोजेक्ट की डीपीआर में हर वह काम शामिल था, जिसे नगर निगम के अधिकारियों में अपनी मर्जी से से डेढ़ करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि जब काम के क्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं की गई तो बजट में बढ़ोतरी क्यों की गई।
ऐसे बढ़ाई थी प्रोजेक्ट की लागत
विधायक कुलवंत सिंह ने बताया कि 48 इंच के मुंह वाली सीवरेज लाइन का प्रोजक्ट 975.42 लाख में पास किया गया था। जबकि बाद में नए बने मेयर के काल में इस प्रोजेक्ट का पैसा बढ़ाने के लिए फेज-3बी2 से पांच की मिट्टी की किस्म, इसके रास्ते में पड़ते बहुत सारे चौराहे व इंटर सेक्शन के कारण पहले बजट को 945.42 लाख से बढ़ाकर 1110.48 लाख किया गया। फिर सीवरेज लाइन की खुदाई के क्षेत्र बढ़ोतरी करने के नाम पर 19 लाख रुपये और मिट्टी को उठाने के डाले गए। जो कि कुल 1.5 करोड़ के करीब बन गया है। ऐसे में प्रोजेक्ट की जांच होनी चाहिए।
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प्रोजेक्ट में देरी से लोग परेशान
विधायक ने कहा कि इस सीवरेज लाइन को बिछाने का उदेश्य फेज-3बी2, पांच व सात फेज के गंदे पानी को इस सीवरेज लाइन में डालना था, जो अभी तक लखनौर चो में डाला जा रहा है। प्रोजेक्ट को देखने से साफ लग रहा है कि अधिकारियों की वजह से प्रोजेक्ट की राशि बढ़ी है। इस प्रोजेक्ट की जल्द से जल्द जांच करवाकर उचित कार्रवाई उक्त अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। प्रोजेक्ट में हो रही देरी से लोग परेशान हो रहे हैं।
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विधायक की तरफ से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि अधिकारियों ने बिना किसी कारण से 975.42 लाख रुपये में पास हुए प्रोजेक्ट को मनमर्जी से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये तक बढ़ाकर सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ डाला है। पहले ही अलॉट हो चुके प्रोजेक्ट के टेंडरों में बढ़ोतरी करने का कोई कारण नहीं था। प्रोजेक्ट की डीपीआर में हर वह काम शामिल था, जिसे नगर निगम के अधिकारियों में अपनी मर्जी से से डेढ़ करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि जब काम के क्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं की गई तो बजट में बढ़ोतरी क्यों की गई।
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ऐसे बढ़ाई थी प्रोजेक्ट की लागत
विधायक कुलवंत सिंह ने बताया कि 48 इंच के मुंह वाली सीवरेज लाइन का प्रोजक्ट 975.42 लाख में पास किया गया था। जबकि बाद में नए बने मेयर के काल में इस प्रोजेक्ट का पैसा बढ़ाने के लिए फेज-3बी2 से पांच की मिट्टी की किस्म, इसके रास्ते में पड़ते बहुत सारे चौराहे व इंटर सेक्शन के कारण पहले बजट को 945.42 लाख से बढ़ाकर 1110.48 लाख किया गया। फिर सीवरेज लाइन की खुदाई के क्षेत्र बढ़ोतरी करने के नाम पर 19 लाख रुपये और मिट्टी को उठाने के डाले गए। जो कि कुल 1.5 करोड़ के करीब बन गया है। ऐसे में प्रोजेक्ट की जांच होनी चाहिए।
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प्रोजेक्ट में देरी से लोग परेशान
विधायक ने कहा कि इस सीवरेज लाइन को बिछाने का उदेश्य फेज-3बी2, पांच व सात फेज के गंदे पानी को इस सीवरेज लाइन में डालना था, जो अभी तक लखनौर चो में डाला जा रहा है। प्रोजेक्ट को देखने से साफ लग रहा है कि अधिकारियों की वजह से प्रोजेक्ट की राशि बढ़ी है। इस प्रोजेक्ट की जल्द से जल्द जांच करवाकर उचित कार्रवाई उक्त अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। प्रोजेक्ट में हो रही देरी से लोग परेशान हो रहे हैं।