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Mohali News: इंडस अस्पताल किडनी मामला

Thu, 06 Apr 2023 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Apr 2023 02:12 AM IST
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Kidney scandal: The game of kidney transplant is run with the consent of the managers
किडनी कांड : प्रबंधकों की सहमति से चलता है किडनी ट्रांसप्लांट का खेल
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फर्जी बेटा बनकर किडनी देने वाले कपिल ने किए कई खुलासे, कहा-
आरोप, ट्रांसप्लांट के लिए साढ़े चार से पांच लाख रुपये वसूलता था अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी

डेराबस्सी। इंडस इंटरनेशनल अस्पताल के किडनी ट्रांसप्लांट मामले में फर्जी बेटा बनकर किडनी देने वाले कपिल ने कई खुलासे किए हैं। सिरसा के रहने वाले कपिल ने दावा किया कि अस्पताल में किडनी निकालने का खेल प्रबंधकों की सहमति से ही चलता था। अब अस्पताल प्रबंधक मामले को-ऑर्डिनेटर अभिषेक पर डाल रहा है। अस्पताल में एक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मरीज से साढ़े चार से पांच लाख रुपये फीस वसूली जाती है।
कपिल का कहना कि किडनी निकालने से पहले ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। डॉक्टरों ने पहले की तरह स्वस्थ जीवन जीने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में पता चला कि दो महीने बेड रेस्ट करना होगा और इसका असर जीवन भर रहेगा। अस्पताल ने ऑपरेशन के तीन दिन बाद उसे छुट्टी दे दी गई जबकि वह पूरी तरह से फिट नहीं था। उसे अगले तीन दिन के लिए डेराबस्सी के एक निजी गेस्ट हाउस में रखा गया, जहां देखभाल के लिए एक केयरटेकर भी था।
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कपिल ने बताया कि पहले उसे डर था कि अस्पताल की कमेटी फर्जी दस्तावेजों के बारे पूछताछ करेगी। वह फंस जाएगा, लेकिन कोऑर्डिनेटर अभिषेक ने पहले ही बता दिया था कि कमेटी की ओर से दस्तावेजों की जांच व बातचीत महज दिखावा है। किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी बात तय हो चुकी है।
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आखिर कैसे तस्दीक हो गए फर्जी दस्तावेज
कपिल को जरूरतमंद मरीज का बेटा दिखाने के लिए सभी दस्तावेज हरियाणा के जिला सोनीपत के गांव रसोई से बनाए गए हैं। ग्राम रसोई पंचायत से दस्तावेज तसदीक करवाने के बाद उसे वहां के कार्यकारी मजिस्ट्रेट से भी तसदीक करवाया गया है।
अस्पताल पर जल्द हो सकती है कार्रवाई
पुलिस की ओर से गठित एसआईटी एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। सूत्रों के अनुसार इसमें अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। एसआईटी की ओर से रिपोर्ट जल्द देने की पुष्टि करते हुए एएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि जांच तेजी से चल रही है। अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की बात पर कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


कोट
पैसे लेने का अस्पताल पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है, को-ऑर्डिनेटर और किडनी देने व लगवाने वालों ने अस्पताल में फर्जी दस्तावेज पेश कर धोखाधड़ी की है। इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को सात से दस दिनों तक अस्पताल में रखा जाता है। किडनी ट्रांसप्लांट की फीस पांच लाख रुपये है।
-डॉ. एस बेदी, क्लीनिकल डायरेक्टर, इंडस इंटरनेशनल अस्पताल
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