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Mohali News: नीरज कक्कड़ अपहरण मामले में जगसीर सिंह की जमानत
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अदालत ने कहा- आरोपी के कब्जे से बरामद हुआ था पीड़ित, जांच में सामने आई अहम भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पैसों के लेन-देन के विवाद में जालंधर निवासी नीरज कक्कड़ के अपहरण के मामले में नामजद आरोपी जगसीर सिंह निवासी नाभा को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पीड़ित के बयान को ध्यान में रखते हुए आरोपी की भूमिका को महत्वपूर्ण माना। अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने दलील दी कि नीरज कक्कड़ का कमलवीर गर्ग के साथ पैसों का लेन-देन था।
पुलिस जांच के अनुसार इसी विवाद को लेकर कमलवीर गर्ग ने अपने साथियों जगसीर सिंह, अमनदीप सिंह और हरप्रीत सिंह के साथ मिलकर नीरज का कथित तौर पर अपहरण किया था। सरकारी पक्ष के अनुसार नीरज की बरामदगी जगसीर सिंह के कब्जे से हुई थी। बाद में दर्ज करवाए गए बयान में पीड़ित ने जगसीर सिंह समेत अन्य आरोपियों पर अपहरण करने के आरोप लगाए। अदालत ने इन तथ्यों को देखते हुए कहा कि जांच में आरोपी की भूमिका महत्वपूर्ण रूप से सामने आई है।
अदालत ने यह भी माना कि आरोपी को जमानत मिलने की स्थिति में उसके फरार होने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से संबंधित सरकारी पक्ष की दलीलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले के आरोपों की गंभीरता और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अदालत ने जगसीर सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। 30 अप्रैल को वीआईपी रोड से ले जाने की सूचना मिली थी पुलिस के मुताबिक, 30 अप्रैल 2026 को कंट्रोल रूम-112 मोहाली के जरिये सूचना मिली थी कि नीरज कक्कड़ को कुछ अज्ञात व्यक्ति वीआईपी रोड से अपने साथ ले गए हैं। जांच में सामने आया कि नीरज उस दिन वीआईपी रोड स्थित रॉयल जंक्शन में अपने परिचितों के साथ बैठा था। इसी दौरान मास्क पहने एक युवती वहां पहुंची और कुछ समय बाद नीरज को सफेद रंग की स्कॉर्पियो में ले जाने की बात सामने आई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पैसों के लेन-देन के विवाद में जालंधर निवासी नीरज कक्कड़ के अपहरण के मामले में नामजद आरोपी जगसीर सिंह निवासी नाभा को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पीड़ित के बयान को ध्यान में रखते हुए आरोपी की भूमिका को महत्वपूर्ण माना। अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने दलील दी कि नीरज कक्कड़ का कमलवीर गर्ग के साथ पैसों का लेन-देन था।
पुलिस जांच के अनुसार इसी विवाद को लेकर कमलवीर गर्ग ने अपने साथियों जगसीर सिंह, अमनदीप सिंह और हरप्रीत सिंह के साथ मिलकर नीरज का कथित तौर पर अपहरण किया था। सरकारी पक्ष के अनुसार नीरज की बरामदगी जगसीर सिंह के कब्जे से हुई थी। बाद में दर्ज करवाए गए बयान में पीड़ित ने जगसीर सिंह समेत अन्य आरोपियों पर अपहरण करने के आरोप लगाए। अदालत ने इन तथ्यों को देखते हुए कहा कि जांच में आरोपी की भूमिका महत्वपूर्ण रूप से सामने आई है।
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अदालत ने यह भी माना कि आरोपी को जमानत मिलने की स्थिति में उसके फरार होने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से संबंधित सरकारी पक्ष की दलीलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले के आरोपों की गंभीरता और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अदालत ने जगसीर सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। 30 अप्रैल को वीआईपी रोड से ले जाने की सूचना मिली थी पुलिस के मुताबिक, 30 अप्रैल 2026 को कंट्रोल रूम-112 मोहाली के जरिये सूचना मिली थी कि नीरज कक्कड़ को कुछ अज्ञात व्यक्ति वीआईपी रोड से अपने साथ ले गए हैं। जांच में सामने आया कि नीरज उस दिन वीआईपी रोड स्थित रॉयल जंक्शन में अपने परिचितों के साथ बैठा था। इसी दौरान मास्क पहने एक युवती वहां पहुंची और कुछ समय बाद नीरज को सफेद रंग की स्कॉर्पियो में ले जाने की बात सामने आई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा।
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