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Mohali News: रात की बिजली कटौती से उद्योग प्रभावित, उत्पादन पर संकट गहराया
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मोहाली। मोहाली इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन ने पीएसपीसीएल द्वारा औद्योगिक फीडरों पर शाम 7 बजे से मध्यरात्रि तक बिजली आपूर्ति बंद करने के निर्णय पर गंभीर चिंता जताई है। यह कटौती मोहाली के साथ-साथ लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना के औद्योगिक क्षेत्रों को भी प्रभावित करेगी। एसोसिएशन का कहना है कि भले ही बिजली कटौती पूरी रात नहीं है, लेकिन इसका समय उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। शाम की इस कटौती से नाइट शिफ्ट में चलने वाली इकाइयों का उत्पादन पूरी तरह प्रभावित होगा। बिजली आधी रात के बाद बहाल होने तक मशीनरी बंद रहने से उत्पादन में कमी, ऑर्डर की देरी और डिलीवरी प्रतिबद्धताओं पर असर पड़ने की आशंका है।
मोहाली इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश बंसल ने कहा कि एक शिफ्ट का नुकसान सीधे तौर पर उत्पादन और व्यापार को प्रभावित करता है। निर्यात आधारित इकाइयों के लिए समय पर डिलीवरी नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के बीच विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक कपूर ने कहा कि बिजली बंद रहने के बावजूद उद्योगों को मजदूरी और अन्य स्थायी परिचालन खर्च वहन करने पड़ते हैं। महासचिव दिलप्रीत सिंह बोपाराय ने पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि यदि बिजली कटौती अपरिहार्य है तो उसका स्पष्ट और अग्रिम कार्यक्रम जारी किया जाए, ताकि उद्योग उत्पादन और कर्मचारियों की सुरक्षा की बेहतर योजना बना सकें। साथ ही, उद्योग जगत ने चेतावनी दी कि लगातार कटौती से रोजगार, निर्यात और निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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मोहाली इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश बंसल ने कहा कि एक शिफ्ट का नुकसान सीधे तौर पर उत्पादन और व्यापार को प्रभावित करता है। निर्यात आधारित इकाइयों के लिए समय पर डिलीवरी नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के बीच विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक कपूर ने कहा कि बिजली बंद रहने के बावजूद उद्योगों को मजदूरी और अन्य स्थायी परिचालन खर्च वहन करने पड़ते हैं। महासचिव दिलप्रीत सिंह बोपाराय ने पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि यदि बिजली कटौती अपरिहार्य है तो उसका स्पष्ट और अग्रिम कार्यक्रम जारी किया जाए, ताकि उद्योग उत्पादन और कर्मचारियों की सुरक्षा की बेहतर योजना बना सकें। साथ ही, उद्योग जगत ने चेतावनी दी कि लगातार कटौती से रोजगार, निर्यात और निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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