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मांगे नहीं मानीं तो दिल्ली की तर्ज पर लगेगा पक्का धरना : बुट्टर
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मोहाली। किसान रोड संघर्ष कमेटी द्वारा जिले से होकर निकलने वाली नेशनल हाईवे के लिए एक्वायर की जाने वाली जमीन की मार्केट रेट से कई गुना कम कीमत मिलने के विरोध में किसान रोड संघर्ष कमेटी द्वारा 9 सितंबर को डीसी दफ्तर पर धरना दिया जाएगा। वहीं, इस धरना प्रदर्शन के दौरान जिले के अलावा प्रदेश भर के किसान शामिल होंगे। ये जानकारी किसान रोड संघर्ष कमेटी के जिला को-ओर्डीनेटर गुरदयाल सिंह बुट्टर ने दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अगर उनकी मांगें नहीं मानी तो कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों की तर्ज पर पक्का धरना लगा दिया जाएगा। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक वह ट्रैक्टरों के साथ यहां डटे रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को किसान रोड संघर्ष कमेटी के जिला को-ओर्डीनेटर गुरदयाल सिंह बुट्टर, जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह गिल, डेराबस्सी प्रधान बलजिंदर सिंह शेखपुरा ने कमेटी पदाधिकारियों द्वारा डीसी दफ्तर पर धरने वाली जगह का निरीक्षण किया और पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान बताया कि धरने में जिले के अलावा प्रदेश भर से किसान ट्रैक्टर समेत शामिल होंगे।
पदाधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा कौडिय़ों के भाव उनकी जमीन लेकर नेशनल हाईवे अथारिटी को सौंपना चाहता है, जो सेक्शन-26 तहत मार्केट रेट से कई गुणा कम है। वहीं, किसानों को उनकी जमीन की पूरी कीमत के अलावा पानी के निकासी, पेड़, कमरे, ट्यूबवैल की पूरी अदायगी व अन्य मांगे पूरी न हुई तो किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पहले सुनाए अवार्ड को रद्द करके सेक्शन-28 के तहत अवार्ड करवाने और अन्य मांगों को पूरा करने के लिए दिए जाने वाले धरने के बाद भी जिला प्रशासन और पंजाब सरकार नहीं मानी तो दिल्ली बार्डर की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगा दिया जाएगा।
संवाद
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पदाधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा कौडिय़ों के भाव उनकी जमीन लेकर नेशनल हाईवे अथारिटी को सौंपना चाहता है, जो सेक्शन-26 तहत मार्केट रेट से कई गुणा कम है। वहीं, किसानों को उनकी जमीन की पूरी कीमत के अलावा पानी के निकासी, पेड़, कमरे, ट्यूबवैल की पूरी अदायगी व अन्य मांगे पूरी न हुई तो किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पहले सुनाए अवार्ड को रद्द करके सेक्शन-28 के तहत अवार्ड करवाने और अन्य मांगों को पूरा करने के लिए दिए जाने वाले धरने के बाद भी जिला प्रशासन और पंजाब सरकार नहीं मानी तो दिल्ली बार्डर की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगा दिया जाएगा।
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