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Mohali News: एयरोट्रोपोलिस में जमीन के टुकड़े हुए तो किसानों के अधिकार भी बंटेंगे
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मोहाली। गमाडा की सबसे अहम एयरोट्रोपोलिस आवासीय परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों की चिंता अब जमीन के अधिग्रहण से आगे बढ़कर लैंड पूलिंग के अधिकारों और मिलने वाले प्लॉटों के आकार तक पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि उनकी एक जगह मौजूद जमीन को अलग-अलग पॉकेट में बांटकर एलओआई जारी किए जा रहे हैं। इससे जमीन का एकमुश्त लाभ नहीं मिल पा रहा और कई किसानों के सामने बड़े प्लॉट या शोरूम की जगह छोटे बूथ तक सीमित होने की स्थिति बन रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित गांव कुरड़ी के किसान हैं, जिन्होंने मामले के समाधान की मांग को लेकर पुड्डा के प्रमुख सचिव विकास गर्ग से मुलाकात की है।
जानकारी के अनुसार गमाडा ने एयरोट्रोपोलिस आवासीय परियोजना के लिए कुरड़ी, बड़ी, सियाऊ, पत्तों, बाकरपुर, मटरां, छत और किशनपुरा की करीब 3522 एकड़ जमीन अधिग्रहित की है। इस क्षेत्र में परियोजना के ई, एफ, जी, एच, आई और जे-6 पॉकेट विकसित किए जाने हैं। किसानों को लैंड पूलिंग के तहत एलओआई जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों की मुख्य आपत्ति यह है कि उनकी पूरी मालिकाना जमीन को एक स्थान पर जोड़कर उसका लाभ देने के बजाय जमीन जिस-अलग पॉकेट में आ रही है, उसके अनुसार अलग-अलग एलओआई जारी किए जा रहे हैं।
एक एकड़ जमीन दो हिस्सों में बंटी
कुरड़ी के किसानों सरपंच नाहर सिंह, नंबरदार बलजीत सिंह ने बताया कि गांव की करीब 1392 एकड़ जमीन परियोजना में शामिल हुई है। कई किसानों की एक जगह मौजूद जमीन दो या तीन पॉकेट में बंट गई है। एक किसान ने बताया कि उसकी एक एकड़ जमीन दो हिस्सों में विभाजित हो गई। इसके चलते उसे शोरूम के बजाय केवल बूथ मिलने की स्थिति बन रही है और उसकी अलग-अलग कनाल व मरले के लिए अलग एलओआई मिल रही हैं। किसानों का कहना है कि जमीन के इस तरह विभाजित होने से उन्हें ओएसटीई के तहत मिलने वाले प्लॉट के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है।
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हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
कुरड़ी के सरपंच नाहर सिंह, नंबरदार बलजीत सिंह सहित जग़रूप सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरभेज सिंह, गुरजंट सिंह, परमजीत सिंह और गुरजीत सिंह ने कहा कि करीब 2000 कनाल जमीन के मालिकों को पॉकेट के आधार पर एलओआई मिलने से आर्थिक नुकसान की आशंका है। उन्होंने मांग की कि पूरी जमीन को एक इकाई मानकर लैंड पूलिंग का लाभ दिया जाए। किसानों ने बताया कि उन्होंने पुड्डा के प्रमुख सचिव विकास गर्ग के समक्ष मामला रखा है। उनके अनुसार, प्रमुख सचिव ने मामले का समाधान करने का भरोसा दिया है। किसानों ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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जानकारी के अनुसार गमाडा ने एयरोट्रोपोलिस आवासीय परियोजना के लिए कुरड़ी, बड़ी, सियाऊ, पत्तों, बाकरपुर, मटरां, छत और किशनपुरा की करीब 3522 एकड़ जमीन अधिग्रहित की है। इस क्षेत्र में परियोजना के ई, एफ, जी, एच, आई और जे-6 पॉकेट विकसित किए जाने हैं। किसानों को लैंड पूलिंग के तहत एलओआई जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों की मुख्य आपत्ति यह है कि उनकी पूरी मालिकाना जमीन को एक स्थान पर जोड़कर उसका लाभ देने के बजाय जमीन जिस-अलग पॉकेट में आ रही है, उसके अनुसार अलग-अलग एलओआई जारी किए जा रहे हैं।
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एक एकड़ जमीन दो हिस्सों में बंटी
कुरड़ी के किसानों सरपंच नाहर सिंह, नंबरदार बलजीत सिंह ने बताया कि गांव की करीब 1392 एकड़ जमीन परियोजना में शामिल हुई है। कई किसानों की एक जगह मौजूद जमीन दो या तीन पॉकेट में बंट गई है। एक किसान ने बताया कि उसकी एक एकड़ जमीन दो हिस्सों में विभाजित हो गई। इसके चलते उसे शोरूम के बजाय केवल बूथ मिलने की स्थिति बन रही है और उसकी अलग-अलग कनाल व मरले के लिए अलग एलओआई मिल रही हैं। किसानों का कहना है कि जमीन के इस तरह विभाजित होने से उन्हें ओएसटीई के तहत मिलने वाले प्लॉट के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है।
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हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
कुरड़ी के सरपंच नाहर सिंह, नंबरदार बलजीत सिंह सहित जग़रूप सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरभेज सिंह, गुरजंट सिंह, परमजीत सिंह और गुरजीत सिंह ने कहा कि करीब 2000 कनाल जमीन के मालिकों को पॉकेट के आधार पर एलओआई मिलने से आर्थिक नुकसान की आशंका है। उन्होंने मांग की कि पूरी जमीन को एक इकाई मानकर लैंड पूलिंग का लाभ दिया जाए। किसानों ने बताया कि उन्होंने पुड्डा के प्रमुख सचिव विकास गर्ग के समक्ष मामला रखा है। उनके अनुसार, प्रमुख सचिव ने मामले का समाधान करने का भरोसा दिया है। किसानों ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।