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होटल में सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला तो होगी कार्रवाई : डीएसपी
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जीरकपुर/मोहाली। जीरकपुर के किसी भी होटल में अगर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा मिला या ठहने वाले का पहचानपत्र लेने में कोई चूक हुई तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी, यह बात डीएसपी जसपिंदर सिंह गिल ने कही। सोमवार को जीरकपुर के होटल मालिकों के साथ उन्होंने एक विशेष बैठक की। इसमें बलटाना के होटल संचालक और मालिक भी मौजूद रहे।
डीएसपी जसपिंदर सिंह ने कहा कि हर होटल में विजिटर रजिस्टर को मेंटेन करना आवश्यक है। इसके साथ ही सभी गेस्ट का पहचानपत्र लेना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे और पहचानपत्र न दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। होटल के कैमरों को छोड़कर बाकी जगह सीसीटीवी कैमरे जरूरी हैं। बैठक में जीरकपुर थाने के एसएचओ जसकंवल सिंह सेखों और बलटाना चौकी इंचार्ज सतनाम सिंह मौजूद थे।
बता दें कि जिले होटल व किराए के फ्लैट गैंगस्टरों के सेफ हाउस बन गए हैं। वारदात के बाद अपराधी मोहाली, खरड़, जीरकपुर और डेराबस्सी के होटलों व में कमरा व किराए का फ्लैट लेकर आराम से छुप जाते हैं। अकेले जीरकपुर में करीब चार लाख की आबादी रहती है। यहां पुलिस के लिए किरायेदारों का रिकाॅर्ड रखना ही बड़ी चुनौती है। अब तक 60 फीसदी मकान मालिकों ने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं करवाया है। फ्लैटों में ज्यादातर कामकाजी लोग रहते हैं। ये लोग काम से देर रात घर लौटते हैं। ऐसे में इनको यह पता नहीं होता कि आस पड़ोस में कौन रहता है।
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जीरकपुर की सबसे ज्यादा आबादी पंचकूला सीमा से सटे बलटाना, पीरमुछल्ला और ढकोली में रहती है। घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों में हजारों की संख्या में फ्लैट बने हुए हैं और अधिकतर किराए पर हैं। जीरकपुर का एक हिस्सा मोहाली, दूसरा हिस्सा चंडीगढ़ और तीसरा हिस्सा पंचकूला की सीमा से लगा है, जिसकी वजह से अपराधियों को भागने में आसानी होती है। दूसरी ओर गैंगस्टर अक्सर ऐसे फ्लैट और होटल चुनते जो पंचकूला की सीमा से लगते पीरमुछल्ला या ढकोली में पड़ते हैं।
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डीएसपी जसपिंदर सिंह ने कहा कि हर होटल में विजिटर रजिस्टर को मेंटेन करना आवश्यक है। इसके साथ ही सभी गेस्ट का पहचानपत्र लेना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे और पहचानपत्र न दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। होटल के कैमरों को छोड़कर बाकी जगह सीसीटीवी कैमरे जरूरी हैं। बैठक में जीरकपुर थाने के एसएचओ जसकंवल सिंह सेखों और बलटाना चौकी इंचार्ज सतनाम सिंह मौजूद थे।
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बता दें कि जिले होटल व किराए के फ्लैट गैंगस्टरों के सेफ हाउस बन गए हैं। वारदात के बाद अपराधी मोहाली, खरड़, जीरकपुर और डेराबस्सी के होटलों व में कमरा व किराए का फ्लैट लेकर आराम से छुप जाते हैं। अकेले जीरकपुर में करीब चार लाख की आबादी रहती है। यहां पुलिस के लिए किरायेदारों का रिकाॅर्ड रखना ही बड़ी चुनौती है। अब तक 60 फीसदी मकान मालिकों ने किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं करवाया है। फ्लैटों में ज्यादातर कामकाजी लोग रहते हैं। ये लोग काम से देर रात घर लौटते हैं। ऐसे में इनको यह पता नहीं होता कि आस पड़ोस में कौन रहता है।
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जीरकपुर की सबसे ज्यादा आबादी पंचकूला सीमा से सटे बलटाना, पीरमुछल्ला और ढकोली में रहती है। घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों में हजारों की संख्या में फ्लैट बने हुए हैं और अधिकतर किराए पर हैं। जीरकपुर का एक हिस्सा मोहाली, दूसरा हिस्सा चंडीगढ़ और तीसरा हिस्सा पंचकूला की सीमा से लगा है, जिसकी वजह से अपराधियों को भागने में आसानी होती है। दूसरी ओर गैंगस्टर अक्सर ऐसे फ्लैट और होटल चुनते जो पंचकूला की सीमा से लगते पीरमुछल्ला या ढकोली में पड़ते हैं।