{"_id":"568a051635502fe3c2edd81debdcf8bf","slug":"how-to-celebrate-deepavali-empty-handed-teacher","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाली हाथ टीचर कैसे मनाएंगे दीपावली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाली हाथ टीचर कैसे मनाएंगे दीपावली
अमर उजाला मोहाली
Updated Sun, 20 Oct 2013 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी स्कूलों में तैनात अध्यापक दीपावली का त्योहार नजदीक आता देख परेशानी में आ गए हैं। टीचरों को संदेह है कि दिवाली में इस बार उन्हें बेतन नहीं मिल पाएगा।
क्योंकि स्कूल प्रिंसिपलों के पास अध्यापकों को बेतन निकालने के लिए तीस सितंबर के बाद बजट की सेक्शन नहीं है। मामले की सूचना मिलते ही गवर्नमेंट टीचर यूनियन ने शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका से मुलाकात की है। साथ ही शिक्षा मंत्री से मांग की है कि सारे अध्यापकों की अदायगी तय समय सिर यकीनी बनाई जाए।
गवर्नमेंट टीचर यूनियन की शिक्षामंत्री से यह मुलाकात सूबा प्रधान करनैल सिंह सिद्धू की अगुवाई में हुई। मीटिंग के लिए पहले ही एजेंडा तैयार किया था। उसी के मुताबिक टीचरों ने अपनी मांगों को शिक्षामंत्री के समक्ष उठाया।
विज्ञापन
टीचरों ने स्कूलों को मर्ज करने, विभिन्न कैडरों के टीचरों की पदोन्नति, मास्टर कैडर की सिन्योरिटी सूची बारे कई मुद्दे उठाए। लेकिन इस पर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। स्कूलों में कम टीचरों का मुद्दा भी उठाया गया। जीटीयू की दलील थी कि जब नई भरती होगी, तो स्कूलों में बढ़िया टीचर जाएंगे। राज्य में रह रहे बेरोजगार लोगों को रोजगार के मौके मिलेंगे। मीटिंग के आखिरी में टीचरों के बेतन के मुद्दे पर चर्चा हुई।
यूनियन ने शिक्षामंत्री से साफ शब्दों में कहा कि टीचरों का बेतन तय टाइम पर दिया जाए। इसके लिए केवल टाइम पास करो, नीति पर काम न हो। मीटिंग में शिवकुमार, सुखविंदर सिंह चाहल, कुलदीप सिंह सिद्धू, जसमेर सिंह, सुरजीत सिंह एवं प्रेस सचिव हरनेक सिंह कई टीचर नेता शामिल थे।
विज्ञापन
क्योंकि स्कूल प्रिंसिपलों के पास अध्यापकों को बेतन निकालने के लिए तीस सितंबर के बाद बजट की सेक्शन नहीं है। मामले की सूचना मिलते ही गवर्नमेंट टीचर यूनियन ने शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका से मुलाकात की है। साथ ही शिक्षा मंत्री से मांग की है कि सारे अध्यापकों की अदायगी तय समय सिर यकीनी बनाई जाए।
विज्ञापन
गवर्नमेंट टीचर यूनियन की शिक्षामंत्री से यह मुलाकात सूबा प्रधान करनैल सिंह सिद्धू की अगुवाई में हुई। मीटिंग के लिए पहले ही एजेंडा तैयार किया था। उसी के मुताबिक टीचरों ने अपनी मांगों को शिक्षामंत्री के समक्ष उठाया।
विज्ञापन
टीचरों ने स्कूलों को मर्ज करने, विभिन्न कैडरों के टीचरों की पदोन्नति, मास्टर कैडर की सिन्योरिटी सूची बारे कई मुद्दे उठाए। लेकिन इस पर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। स्कूलों में कम टीचरों का मुद्दा भी उठाया गया। जीटीयू की दलील थी कि जब नई भरती होगी, तो स्कूलों में बढ़िया टीचर जाएंगे। राज्य में रह रहे बेरोजगार लोगों को रोजगार के मौके मिलेंगे। मीटिंग के आखिरी में टीचरों के बेतन के मुद्दे पर चर्चा हुई।
यूनियन ने शिक्षामंत्री से साफ शब्दों में कहा कि टीचरों का बेतन तय टाइम पर दिया जाए। इसके लिए केवल टाइम पास करो, नीति पर काम न हो। मीटिंग में शिवकुमार, सुखविंदर सिंह चाहल, कुलदीप सिंह सिद्धू, जसमेर सिंह, सुरजीत सिंह एवं प्रेस सचिव हरनेक सिंह कई टीचर नेता शामिल थे।