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सरकारी सेहत संस्थाओं में अब हेपेटाइटिस-बी का टेस्ट और इलाज होगा मुफ्त, सरकार ने झोंकी ताकत
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मोहाली। कोरोना के साथ ही राज्य सरकार ने हेपेटाइटिस-बी से जंग की युद्घ स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पूरे राज्य में जहां मुफ्त टेस्ट और दवाइयां मुहैया करवाई जा रही हैं। वहीं, पंजाब के मरीज अगर पीजीआई में भर्ती होते हैं तो उन्हें भी राज्य सरकार दवाइयां मुहैया करवाएगी। इसके लिए नोडल अफसर नियुक्त कर दिया गया। यह जानकारी मंगलवार को जिला सिविल अस्पताल में हेपेटाइटिस बी वायरल लोड टेस्टिंग की शुरूआत करने के मौके पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने दी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा राज्य के 27 सेंटरों में मुफ्त दी जाएगी। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सब डिवीजन अस्पतालों और एंटी रीटरोवायरल ट्रीटमेंट, ओरल सब्सीट्यूशनल थैरेपी केंद्रों में हेपेटाइटिस बी स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।
फेज-6 के सिविल अस्प्ताल में आयोजित समागम में सेहत मंत्री ने कहा कि राज्य के सेहत विभाग की तरफ से ऑनक्वेस्ट लैब के साथ एमओयू साइन किया गया है। इसके तहत उन्होंने जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेजों को एक लैब माहिर प्रदान करेंगे। सभी संस्थाओें के मरीजों के हेपेटाइटिस-बी के सैंपल मुफ्त लिए जाएंगे। जबकि सरकार की तरफ से प्रति टेस्ट लैब को 851 रुपये दिए जाएंगे। सेहत मंत्री ने बताया कि हेपेटाइटिस बी का इलाज लंबा व महंगा है। हालांकि राज्य सरकार संबंधित लोगों को दवाई मुफ्त देगी। यहां तक कि पीजीआई में इलाज के अधीन हेपेटाइटिस के पॉजिटिव मरीजों को दवाइयां मुफ्त दी जाएंगी।
इसके लिए पीजीआई में एक नोडल अफसर तैनात किया है। उसे दवाईयां मुुहैया करवाई गई हैं, ताकि वहां पर पंजाब के मरीजों तक पहुंच सके। एचआईवी के संक्रमित सारे मरीजों, ओएसटी सेंटरों में इलाज अधीन लोगों व सारी गर्भवती महिलाओं को हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस- सी के टेस्ट की सुविधा मुफ्त में दी जाएगी। किसी भी रैपिड टेस्ट पॉजिटिव के बाद मुफ्त वायरल लोड टेस्ट होगा।
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कोरोना काल में भी चलता रहा इलाज
पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां पर पांच साल पहले ही हेपेटाइटिस का मुफ्त टेस्ट व इलाज शुरू किया गया है। इलाज केंद्रों की संख्या 25 से बढ़ाकर 66 कर दी गई है। अब तक 96,000 मरीजों का हेपेटाइटिस सी का इलाज किया जा चुका है। इलाज की दर 93 फीसदी है। कोरोना काल में भी हेपेटाइटिस सी का इलाज जारी रखा गया। साल 2020 में 12000 मरीजों का इलाज किया। मई 2021 तक 4900 मरीजों का इलाज किया गया। हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस सी का इलाज करने वाले राज्य के सभी मेडिकल माहिरों और डॉक्टरों को डॉ. वरिंदर सिंह प्रोफेसर और हेड हैप्टोलॉजी विभाग पीजीआई की ट्रेनिंग दी गई और भविष्य में भी दी जाएगी।
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फेज-6 के सिविल अस्प्ताल में आयोजित समागम में सेहत मंत्री ने कहा कि राज्य के सेहत विभाग की तरफ से ऑनक्वेस्ट लैब के साथ एमओयू साइन किया गया है। इसके तहत उन्होंने जिला अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेजों को एक लैब माहिर प्रदान करेंगे। सभी संस्थाओें के मरीजों के हेपेटाइटिस-बी के सैंपल मुफ्त लिए जाएंगे। जबकि सरकार की तरफ से प्रति टेस्ट लैब को 851 रुपये दिए जाएंगे। सेहत मंत्री ने बताया कि हेपेटाइटिस बी का इलाज लंबा व महंगा है। हालांकि राज्य सरकार संबंधित लोगों को दवाई मुफ्त देगी। यहां तक कि पीजीआई में इलाज के अधीन हेपेटाइटिस के पॉजिटिव मरीजों को दवाइयां मुफ्त दी जाएंगी।
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इसके लिए पीजीआई में एक नोडल अफसर तैनात किया है। उसे दवाईयां मुुहैया करवाई गई हैं, ताकि वहां पर पंजाब के मरीजों तक पहुंच सके। एचआईवी के संक्रमित सारे मरीजों, ओएसटी सेंटरों में इलाज अधीन लोगों व सारी गर्भवती महिलाओं को हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस- सी के टेस्ट की सुविधा मुफ्त में दी जाएगी। किसी भी रैपिड टेस्ट पॉजिटिव के बाद मुफ्त वायरल लोड टेस्ट होगा।
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कोरोना काल में भी चलता रहा इलाज
पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां पर पांच साल पहले ही हेपेटाइटिस का मुफ्त टेस्ट व इलाज शुरू किया गया है। इलाज केंद्रों की संख्या 25 से बढ़ाकर 66 कर दी गई है। अब तक 96,000 मरीजों का हेपेटाइटिस सी का इलाज किया जा चुका है। इलाज की दर 93 फीसदी है। कोरोना काल में भी हेपेटाइटिस सी का इलाज जारी रखा गया। साल 2020 में 12000 मरीजों का इलाज किया। मई 2021 तक 4900 मरीजों का इलाज किया गया। हेपेटाइटिस बी व हेपेटाइटिस सी का इलाज करने वाले राज्य के सभी मेडिकल माहिरों और डॉक्टरों को डॉ. वरिंदर सिंह प्रोफेसर और हेड हैप्टोलॉजी विभाग पीजीआई की ट्रेनिंग दी गई और भविष्य में भी दी जाएगी।