{"_id":"5e2b580d8ebc3ec6e91f9594","slug":"government-plans-to-settle-on-the-lines-of-dubai-singapore-but-mohali-has-been-supported-by-chandigarh-for-40-years-mohali-news-pkl3642706198","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार की योजना दुबई-सिंगापुर की तर्ज पर बसाने की, पर 40 साल से मोहाली चंडीगढ़ के सहारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार की योजना दुबई-सिंगापुर की तर्ज पर बसाने की, पर 40 साल से मोहाली चंडीगढ़ के सहारे
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मोहाली। पंजाब के वीआईपी शहर मोहाली को बसे हुए चालीस साल हो गए हैं। आज यहां कई नामी नेशनल संस्थान स्थापित हो चुके हैं और पूरी दुनिया में मोहाली का पीसीए क्रिकेट स्टेडियम और चप्पड़चिड़ी में बनी देश की सबसे ऊंची फतेह मीनार के लिए यह शहर प्रसिद्व है। यहां की आईटी इंडस्ट्री का लोहा पूरी दुनिया में माना जाता है।
लेकिन इसके बाद भी यह शहर बुनियादी सहुलियतों के लिए संघर्ष कर रहा है। अभी तक भी लोगों के जीवन से जुड़ीं बहुत सी सुविधाओं के लिए लोग चंडीगढ़ के सहारे ही हैं। जबकि सरकार इस शहर को दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर विकसित करने के दावे करती आ रही है।
मंत्री का जिला फिर भी सेहत सुविधाओं का बुरा हाल
मोहाली सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू का जिला है और यहां कई नामी प्राइवेट अस्पताल स्थापित हैं। जहां पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान और इराक से भी लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन आम लोगों के लिए बनाए गए सरकारी अस्पतालों की हालत खराब है। यहां के सरकारी अस्पताल रैफरल अस्पताल बनकर रह गए हैं। किसी की जरा सी भी हालत गंभीर होने पर चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल की तरफ रुख करना पड़ता है। इमरजेंसी के इंतजाम न के बराबर हैं। यह हालत, खरड़ और डेराबस्सी एरिया मेें है। मेडिकल कॉलेज का काम अधर में अटका है। इसके अलावा डिस्पेंसरियों में भी सुधार की जरूरत है। यहां तक कि अस्पतालों के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर भी शाम होते ही बंद जाते हैं, जिससे लोगों को दवाइयां बाहर से ही खरीदनी पड़ती हैं।
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ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हाल खराब, लोग परेशान
मोहाली में इंडस्ट्रीज बढ़ी हैं और इस समय काफी विकास हो चुका है। शहर में कई नामी कंपनियां मोहाली में दस्तक दे चुकी हैं। जहां पर चौबीस घंटे काम होता है। युवाओं का और अन्य इंडस्ट्रीज में नौकरी करने वाले लोगों का हर समय आना-जाना लगा रहता है। लेकिन ट्रांसपोर्ट सिस्टम का बुरा हाल है। लेकिन इसके बावजूद यहां अभी तक सिटी बस सर्विस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट शहर से बाहर है। ऐसे में वहां तक पहुंचने के लिए लोग चंडीगढ़ की सीटीयू बसों या फिर ऑटो के सहारे ही शहर के लोग हैं। इसको लेकर बड़ी दिक्कत यह है कि रात के समय लोगोें को कहीं भी आने-जाने के लिए साधन नहीं मिलते। क्योंकि रात मे मोहाली में सीटीयू की बस सर्विस नहीं है। ऐसे में प्राइवेट वाहनों वाले लोग इस चीज का पूरा फायदा उठाते हैं और सवारियों से ज्यादा पैसे वसूलते हैं। कई बार यह मुद्दा नगर निगम के हाउस में उठ चुका है। नगर निगम ने इस दिशा में प्लानिंग भी की थी और इसके लिए बसों के रूट से लेकर अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। लेकिन इसके बाद भी यह काम सिरे नहीं चढ़ पाया है। रोजाना 80 हजार से अधिक लोग बस या अन्य साधनों के जरिए चंडीगढ़ या अन्य शहरों में जाते हैं। इसके अलावा पूरा जिला भी यहीं से जुड़ा हुआ है।
--बॉक्स
एक ही मॉडल स्कूल और एक ही सरकारी कॉलेज, बाकी बच्चे जाते हैं चंडीगढ़
मोहाली शहर में आम घरों के बच्चों के लिए पढ़ाई भी आसान नहीं है। शहर में वैसे तो तीन 12वीं तक के स्कूल में हैं। लेकिन इनमें एक ही मॉडल स्कूल है। ऐसे में 10वीं के बाद ज्यादातर छात्रों को पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ ही जाना पड़ता है और इसी तरह एक सरकारी कॉलेज है। लेकिन वह पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से संबंधित है। जबकि पीयू कॉलेज से मात्र 10 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा कई नामी नेशनल संस्थान हैं। लेकिन वहां तक पहुंचना आसान नहीं है। यहां नामी खेल स्टेडियम भी है, लेकिन बच्चों को बढ़िया कोचिंग के लिए चंडीगढ़ की तरफ रुख करना पड़ता है।
चंडीगढ़ के साथ, फिर भी बिजली और पेट्रोल महंगा
भले ही मोहाली चंडीगढ़ के बिल्कुल साथ बसा हुआ है। लेकिन यहां पर आम लोगों की दी जा रही मूलभूत सुविधाएं महंगी हैं। पेट्रोल और डीजल चंडीगढ़ से 4-5 रुपये मंहगा है। ऐसे में अधिकतर लोग पेट्रोल और डीजल के लिए चंडीगढ़ जाते हैं। यही हाल पानी और बिजली की यूनिट का है। इसके अलावा मोहाली के कई फेजों का पानी भी चंडीगढ़ पर निर्भर है। क्योंकि कजौली वाटर वर्क्स चंडीगढ़ की लाइनों से यहां पानी की सप्लाई होती है। अगर चंडीगढ़ की सप्लाई प्रभावित होती है तो मोहाली में भी इसका असर पड़ता है।
---बॉक्स
पंजाब का पॉलीवुड, पर कलाकारों के लिए ऑडिटोरियम ही नहीं
मोहाली को पंजाब का पॉलीवुड कहा जाता है और यहां पर पंजाबी फिल्मों के कलाकार और मशहूर पंजाबी गायक भी रहते हैं। कई नामी स्टूडियों यहां पर बन चुके हैं। लेकिन अभी तक भी इस शहर में एक भी ऑडिटोरियम नहीं बनाया गया है। छोटे से छोटा सगागम करवाने के लिए लोगों को चंडीगढ़ ही जाना पड़ता है। जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
---बॉक्स
ऐसे बना मोहाली जिला
मोहाली के साथ रोपड़ और पटियाला जिले के कुछ हिस्सों को मिलाकर 2006 में मोहाली को पंजाब का 18वां जिला बनाया गया था। यह पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से भी जुड़ा हुआ है। इसे पंजाब का प्रवेश द्वार और पूरे भारत में आईटी हबों में से एक बड़ा नाम माना जाता है।
--बॉक्स
एक नजर में मोहाली
एरिया 111 प्रति हजार हेक्टेयर
जनसंख्या 994628
शिक्षा दर 83.3 फीसदी
गांव 383
पुलिस स्टेशन 27
क्या कहते हैं शहर निवासी
एजुकेशन और सेहत सुविधाओं में सुधार
पंजाब सरकार को शहर में एजुकेशन और हेल्थ सिस्टम में अधिक सुविधाएं देकर सुधार करना चाहिए, जिससे सभी तबके के लोगों को इसका फायदा मिले। -अतुल शर्मा, सेवा सोच समिति फेज-2
ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधारा जाए
मोहाली पंजाब के टॉप जिलों में शुमार है। लेकिन यहां कई चीजों पर सरकार को फोकस करने की जरूरत है। ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार बहुत जरूरी है, जिससे लोगों को शहर में कहीं भी आने-आने में सुविधा मिल सके।
-विनीत वर्मा, प्रधान मोहाली विकास मंच
चंडीगढ़ के समान किए जाएं बिजली-पानी और तेल के रेट
मोहाली जिले का एरिया बहुत बढ़ गया है। ऐसे में पंजाब सरकार को चंडीगढ़ और हरियाणा से मिलकर यहां मिलने वाली सभी मूलभूत सुविधाओं जिनमें बिजली-पानी और तेल के रेट चंडीगढ़ के समान करने चाहिएं। इसके साथ ही ट्राइसिटी में सभी सुविधाओं के रेट एक जैसे किए जाने चाहिएं।
-मनोज वर्मा, बिजनेसमैन फेज-10
पंजाब सरकार को जिला मोहाली में सभी के लिए हर तरह की बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में काम करना चाहिए। वैसे मोहाली कईं मामलों को लेकर देखा जाए तो चडीगढ़ से आगे निकल गया है।
-कुलजीत सिंह बेदी, पार्षद
राज्य सरकार का पूरा ध्यान मोहाली पर... सिद्घू
कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार का पूरा ध्यान मोहाली के विकास में लगा हुआ है। सेहत सुविधाओं को सुधारा जा रहा है। कई नामी संस्थान मोहाली में आ रहे हैं। वहीं, सिटी बस सर्विस से लेकर अन्य सारी सुविधाएं शुरू की जाएंगी। शहर के लोगों को जरा भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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लेकिन इसके बाद भी यह शहर बुनियादी सहुलियतों के लिए संघर्ष कर रहा है। अभी तक भी लोगों के जीवन से जुड़ीं बहुत सी सुविधाओं के लिए लोग चंडीगढ़ के सहारे ही हैं। जबकि सरकार इस शहर को दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर विकसित करने के दावे करती आ रही है।
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मोहाली सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू का जिला है और यहां कई नामी प्राइवेट अस्पताल स्थापित हैं। जहां पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान और इराक से भी लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन आम लोगों के लिए बनाए गए सरकारी अस्पतालों की हालत खराब है। यहां के सरकारी अस्पताल रैफरल अस्पताल बनकर रह गए हैं। किसी की जरा सी भी हालत गंभीर होने पर चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल की तरफ रुख करना पड़ता है। इमरजेंसी के इंतजाम न के बराबर हैं। यह हालत, खरड़ और डेराबस्सी एरिया मेें है। मेडिकल कॉलेज का काम अधर में अटका है। इसके अलावा डिस्पेंसरियों में भी सुधार की जरूरत है। यहां तक कि अस्पतालों के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर भी शाम होते ही बंद जाते हैं, जिससे लोगों को दवाइयां बाहर से ही खरीदनी पड़ती हैं।
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मोहाली में इंडस्ट्रीज बढ़ी हैं और इस समय काफी विकास हो चुका है। शहर में कई नामी कंपनियां मोहाली में दस्तक दे चुकी हैं। जहां पर चौबीस घंटे काम होता है। युवाओं का और अन्य इंडस्ट्रीज में नौकरी करने वाले लोगों का हर समय आना-जाना लगा रहता है। लेकिन ट्रांसपोर्ट सिस्टम का बुरा हाल है। लेकिन इसके बावजूद यहां अभी तक सिटी बस सर्विस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट शहर से बाहर है। ऐसे में वहां तक पहुंचने के लिए लोग चंडीगढ़ की सीटीयू बसों या फिर ऑटो के सहारे ही शहर के लोग हैं। इसको लेकर बड़ी दिक्कत यह है कि रात के समय लोगोें को कहीं भी आने-जाने के लिए साधन नहीं मिलते। क्योंकि रात मे मोहाली में सीटीयू की बस सर्विस नहीं है। ऐसे में प्राइवेट वाहनों वाले लोग इस चीज का पूरा फायदा उठाते हैं और सवारियों से ज्यादा पैसे वसूलते हैं। कई बार यह मुद्दा नगर निगम के हाउस में उठ चुका है। नगर निगम ने इस दिशा में प्लानिंग भी की थी और इसके लिए बसों के रूट से लेकर अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। लेकिन इसके बाद भी यह काम सिरे नहीं चढ़ पाया है। रोजाना 80 हजार से अधिक लोग बस या अन्य साधनों के जरिए चंडीगढ़ या अन्य शहरों में जाते हैं। इसके अलावा पूरा जिला भी यहीं से जुड़ा हुआ है।
--बॉक्स
एक ही मॉडल स्कूल और एक ही सरकारी कॉलेज, बाकी बच्चे जाते हैं चंडीगढ़
मोहाली शहर में आम घरों के बच्चों के लिए पढ़ाई भी आसान नहीं है। शहर में वैसे तो तीन 12वीं तक के स्कूल में हैं। लेकिन इनमें एक ही मॉडल स्कूल है। ऐसे में 10वीं के बाद ज्यादातर छात्रों को पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ ही जाना पड़ता है और इसी तरह एक सरकारी कॉलेज है। लेकिन वह पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से संबंधित है। जबकि पीयू कॉलेज से मात्र 10 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा कई नामी नेशनल संस्थान हैं। लेकिन वहां तक पहुंचना आसान नहीं है। यहां नामी खेल स्टेडियम भी है, लेकिन बच्चों को बढ़िया कोचिंग के लिए चंडीगढ़ की तरफ रुख करना पड़ता है।
चंडीगढ़ के साथ, फिर भी बिजली और पेट्रोल महंगा
भले ही मोहाली चंडीगढ़ के बिल्कुल साथ बसा हुआ है। लेकिन यहां पर आम लोगों की दी जा रही मूलभूत सुविधाएं महंगी हैं। पेट्रोल और डीजल चंडीगढ़ से 4-5 रुपये मंहगा है। ऐसे में अधिकतर लोग पेट्रोल और डीजल के लिए चंडीगढ़ जाते हैं। यही हाल पानी और बिजली की यूनिट का है। इसके अलावा मोहाली के कई फेजों का पानी भी चंडीगढ़ पर निर्भर है। क्योंकि कजौली वाटर वर्क्स चंडीगढ़ की लाइनों से यहां पानी की सप्लाई होती है। अगर चंडीगढ़ की सप्लाई प्रभावित होती है तो मोहाली में भी इसका असर पड़ता है।
---बॉक्स
पंजाब का पॉलीवुड, पर कलाकारों के लिए ऑडिटोरियम ही नहीं
मोहाली को पंजाब का पॉलीवुड कहा जाता है और यहां पर पंजाबी फिल्मों के कलाकार और मशहूर पंजाबी गायक भी रहते हैं। कई नामी स्टूडियों यहां पर बन चुके हैं। लेकिन अभी तक भी इस शहर में एक भी ऑडिटोरियम नहीं बनाया गया है। छोटे से छोटा सगागम करवाने के लिए लोगों को चंडीगढ़ ही जाना पड़ता है। जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है।
---बॉक्स
ऐसे बना मोहाली जिला
मोहाली के साथ रोपड़ और पटियाला जिले के कुछ हिस्सों को मिलाकर 2006 में मोहाली को पंजाब का 18वां जिला बनाया गया था। यह पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से भी जुड़ा हुआ है। इसे पंजाब का प्रवेश द्वार और पूरे भारत में आईटी हबों में से एक बड़ा नाम माना जाता है।
--बॉक्स
एक नजर में मोहाली
एरिया 111 प्रति हजार हेक्टेयर
जनसंख्या 994628
शिक्षा दर 83.3 फीसदी
गांव 383
पुलिस स्टेशन 27
क्या कहते हैं शहर निवासी
एजुकेशन और सेहत सुविधाओं में सुधार
पंजाब सरकार को शहर में एजुकेशन और हेल्थ सिस्टम में अधिक सुविधाएं देकर सुधार करना चाहिए, जिससे सभी तबके के लोगों को इसका फायदा मिले। -अतुल शर्मा, सेवा सोच समिति फेज-2
ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधारा जाए
मोहाली पंजाब के टॉप जिलों में शुमार है। लेकिन यहां कई चीजों पर सरकार को फोकस करने की जरूरत है। ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सुधार बहुत जरूरी है, जिससे लोगों को शहर में कहीं भी आने-आने में सुविधा मिल सके।
-विनीत वर्मा, प्रधान मोहाली विकास मंच
चंडीगढ़ के समान किए जाएं बिजली-पानी और तेल के रेट
मोहाली जिले का एरिया बहुत बढ़ गया है। ऐसे में पंजाब सरकार को चंडीगढ़ और हरियाणा से मिलकर यहां मिलने वाली सभी मूलभूत सुविधाओं जिनमें बिजली-पानी और तेल के रेट चंडीगढ़ के समान करने चाहिएं। इसके साथ ही ट्राइसिटी में सभी सुविधाओं के रेट एक जैसे किए जाने चाहिएं।
-मनोज वर्मा, बिजनेसमैन फेज-10
पंजाब सरकार को जिला मोहाली में सभी के लिए हर तरह की बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में काम करना चाहिए। वैसे मोहाली कईं मामलों को लेकर देखा जाए तो चडीगढ़ से आगे निकल गया है।
-कुलजीत सिंह बेदी, पार्षद
राज्य सरकार का पूरा ध्यान मोहाली पर... सिद्घू
कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार का पूरा ध्यान मोहाली के विकास में लगा हुआ है। सेहत सुविधाओं को सुधारा जा रहा है। कई नामी संस्थान मोहाली में आ रहे हैं। वहीं, सिटी बस सर्विस से लेकर अन्य सारी सुविधाएं शुरू की जाएंगी। शहर के लोगों को जरा भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।