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Mohali News: गमाडा एरोसिटी और आईटी सिटी में शुरू करेगा डॉग स्टरलाइजेशन अभियान
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मोहाली। एरोसिटी और आईटी सिटी में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर लंबे समय से स्थानीय निवासियों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। रोजमर्रा की जिंदगी में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को कई बार इन कुत्तों के झुंड का सामना करना पड़ता था, जिससे लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही थी। लंबे समय से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे जुड़े खतरे को लेकर शिकायतों के बाद अब इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए गमाडा ने ठोस कदम उठाते हुए स्टरलाइजेशन और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत कर दी है।
गमाडा ने इस संबंध में जारी कि गई जानकारी के अनुसार यह कार्य एक अधिकृत संस्था द कम्पैशन फॉर एनिमल्स वेलफेयर एसोसिएशन पटियाला को सौंपा गया है। यह पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत की जा रही है, ताकि जानवरों के साथ किसी प्रकार की अमानवीयता न हो। अभियान के तहत कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा, उनका स्टरलाइजेशन और टीकाकरण किया जाएगा, फिर ऑपरेशन के बाद देखभाल के पश्चात उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना और रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव सुनिश्चित करना है। संवाद
न्यू चंडीगढ़ में भी आवारा कुत्तों पर अभियान शुरू करने की मांग
न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र में भी आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा विकसित ईको सिटी और मेडिसिटी जैसे इलाकों में भी कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय इको सिटी 1 निवासी अतुल नंदा, रूपिंदर सिंह सेखों ने बताया कि जिस तरह एरोसिटी और आईटी सिटी में स्टरलाइजेशन और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है, उसी तरह न्यू चंडीगढ़ में भी जल्द यह अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
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जिले में बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले, रोजाना 40 के करीब पहुंची संख्या
जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रोजाना करीब 40 डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण करने और उचित कदम उठाने की मांग की है।
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गमाडा ने इस संबंध में जारी कि गई जानकारी के अनुसार यह कार्य एक अधिकृत संस्था द कम्पैशन फॉर एनिमल्स वेलफेयर एसोसिएशन पटियाला को सौंपा गया है। यह पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत की जा रही है, ताकि जानवरों के साथ किसी प्रकार की अमानवीयता न हो। अभियान के तहत कुत्तों को मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा, उनका स्टरलाइजेशन और टीकाकरण किया जाएगा, फिर ऑपरेशन के बाद देखभाल के पश्चात उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना और रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव सुनिश्चित करना है। संवाद
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न्यू चंडीगढ़ में भी आवारा कुत्तों पर अभियान शुरू करने की मांग
न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र में भी आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा विकसित ईको सिटी और मेडिसिटी जैसे इलाकों में भी कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय इको सिटी 1 निवासी अतुल नंदा, रूपिंदर सिंह सेखों ने बताया कि जिस तरह एरोसिटी और आईटी सिटी में स्टरलाइजेशन और एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है, उसी तरह न्यू चंडीगढ़ में भी जल्द यह अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
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जिले में बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले, रोजाना 40 के करीब पहुंची संख्या
जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रोजाना करीब 40 डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण करने और उचित कदम उठाने की मांग की है।