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Mohali News: डेराबस्सी में गमाडा की कार्रवाई, 10 एकड़ अवैध औद्योगिक कॉलोनी का निर्माण रुका
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डेराबस्सी। गमाडा ने डेराबस्सी क्षेत्र में 10 एकड़ में विकसित की जा रही एक अवैध औद्योगिक कॉलोनी का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। यह कार्रवाई लगातार प्रकाशित हो रही खबरों के बाद की गई है। थापर विश्वविद्यालय के पास बेहड़ा रोड पर यह कॉलोनी बिना अनुमति के काटी जा रही थी।
गमाडा के जेई बलकरण सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया। टीम ने वहां चल रहे कॉलोनी विकसित करने के काम को बंद करवाया। इस कार्रवाई से कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया। बलकरण सिंह ने स्पष्ट किया कि इस जमीन पर कॉलोनी काटने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि कॉलोनी कौन विकसित कर रहा था। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना अनुमति कॉलोनी काटना कानूनन अपराध है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई पर उठे सवाल
डेराबस्सी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कॉलोनाइजर कृषि भूमि पर बिना मंजूरी कॉलोनियां काटकर प्लॉट बेच रहे हैं। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। प्लॉट खरीदने वाले लोगों के भी ठगे जाने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गमाडा की कार्रवाई अस्थायी होती है।
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उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायत के बाद अधिकारी काम रुकवाते हैं, पर कुछ समय बाद काम फिर शुरू हो जाता है। लोगों का कहना है कि कड़ी कार्रवाई न होने से अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बढ़ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मांग की है। उन्होंने सभी अवैध कॉलोनियों की उच्च स्तरीय जांच करवाने को कहा है। जांच में अवैध कॉलोनियों के पीछे सक्रिय लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
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गमाडा के जेई बलकरण सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया। टीम ने वहां चल रहे कॉलोनी विकसित करने के काम को बंद करवाया। इस कार्रवाई से कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया। बलकरण सिंह ने स्पष्ट किया कि इस जमीन पर कॉलोनी काटने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि कॉलोनी कौन विकसित कर रहा था। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना अनुमति कॉलोनी काटना कानूनन अपराध है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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कार्रवाई पर उठे सवाल
डेराबस्सी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कॉलोनाइजर कृषि भूमि पर बिना मंजूरी कॉलोनियां काटकर प्लॉट बेच रहे हैं। इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। प्लॉट खरीदने वाले लोगों के भी ठगे जाने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गमाडा की कार्रवाई अस्थायी होती है।
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उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायत के बाद अधिकारी काम रुकवाते हैं, पर कुछ समय बाद काम फिर शुरू हो जाता है। लोगों का कहना है कि कड़ी कार्रवाई न होने से अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बढ़ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मांग की है। उन्होंने सभी अवैध कॉलोनियों की उच्च स्तरीय जांच करवाने को कहा है। जांच में अवैध कॉलोनियों के पीछे सक्रिय लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।