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Mohali News: अरबों खर्च कर गमाडा ने बसाई एरोसिटी, सुविधाएं दी जा रहीं घिसीपीटी

Mon, 02 Sep 2024 06:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 06:19 AM IST
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GMADA spent billions to build Aerocity, facilities being provided are shabby
मोहाली। करोड़ों रुपये की प्राॅपर्टी की ई-आक्शन करने जा रहा गमाडा अपने पुराने प्रोजेक्ट को भूल गया है। न तो उसको अपने निवेशकों का ध्यान है और न ही उनको होने वाली असुविधाओं का। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यह है उन निवेशकों की पीड़ा जो इस दर्द को पिछले सात साल झेलते आ रहे हैं। यह मामला है एरोसिटी का। जहां गमाडा ने वादे तो खूब किए पर वह अपने वादों पर खरा नहीं उतरा। एरोसिटी के ब्लाॅक-ए से लेकर जे तक में रह रहे सभी में लोग समस्याएं झेलते आ रहे हैं।
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एरोसिटी के सभी 10 ब्लाॅक में अंडरग्राउंड वायरिंग के नाम पर सड़क पर ही तार बिखेर कर छोड़ दिए गए हैं यहां पर न मंदिर और न ही गुरुद्वारा बनाया गया है। एक तरह से अरबों रुपये खर्च करके गमाडा की ओर से बसाई गई एरोसिटी महज एक शोपीस बनकर रह गई है। यहां पानी की नियमित सप्लाई तक नहीं मिल पा रही है। वजह है बिजली, जिसके लिए यह निवासी मिन्नतें करते रहते हैं।
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एरोसिटी में कई सड़कों पर चलने के लिए तालाब से होकर गुजरना पड़ता है। इन सड़कों का भी बुरा हाल हो चुका है। गमाडा से कई बार अपील की गई पर नतीजा शून्य है। एरोसिटी के एच ब्लॉक के रेजिडेंट्स का कहना है कि गमाडा ने यहां तीन-तीन जनरेटर लगा रखे हैं। लेकिन यह जनरेटर सिर्फ एक दिखावा हैं। एरोसिटी में अगर बिजली चली जाती है तो कब आएगी इसका कोई पता नहीं होता है और बिजली जाने के बाद यहां जनरेटर भी नहीं चलाए जाते हैं। इस ब्लॉक में बिजली की समस्या से हमेशा बनी रहती है और रेजिडेंट्स करोड़ों के फ्लैट में रहते तो हैं लेकिन यहां नियमितरूप से न बिजली मिल रही है और न ही पानी की सप्लाई आती है। वहीं, एरोसिटी के जी और एच ब्लॉक में 34 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रही। यही वजह है कि बिजली न होने की वजह से पानी भी लोगों को नहीं मिल सका।
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एरोसिटी बना जंगल, जान हथेली पर

रेजिडेंट्स का कहना है एरोसिटी भले ही वीवीआईपी सिटी हो लेकिन इसके एच ब्लॉक में अंदर एंट्री करने के बाद पता चलता है कि यहां जंगल ही जंगल फैला हुआ है। यहीं वजह कि यहां रेजिडेंट्स अपनी जान हथेली पर रखकर निवास कर रहे हैं। इसके अलावा जब रात को लंबे समय तक बिजली जाती है तो घरों से बाहर आने की हिम्मत ही नहीं होती है। कब किस खाली प्लाट से कोई जीव-जंतु आकर नुकसान पहुंचा दे इसका कुछ पता नहीं।



कोट्स



एरोसिटी में समस्याएं ही समस्याएं

एरोसिटी के एच ब्लॉक में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जिस दिन यहां के निवासियों को कोई परेशानी न हो। यहां हर दिन बिजली से लेकर वाटर सप्लाई की समस्या बनी ही रहती है। - संजीव उप्पल, वायस प्रेसिडेंट्स, आरडब्लयू, एच ब्लॉक एरोसिटी



मंहगी एरोसिटी में कोई सुविधा नहीं



एरोसिटी में एक फ्लैट करोड़ों रुपये का खरीदकर यहां परिवार के साथ सकुशल रहने आए। लेकिन फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद पता चला कि यहां सुविधा नहीं बस दुविधा ही दुविधा है।- अशोक भान, एच ब्लॉक एरोसिटी।


सड़कोंं का हाल बेहाल

एरोसिटी के सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं और सड़कों में गहरे गड्ढे हैं, जिनमें पानी भर जाने के बाद गाड़ियां फंस जाती हैं। वहीं, बारिश के मौसम सड़कों पर चलना दुश्वार हो जाता है।- सुरेंद्र कुमार गर्ग, एच ब्लॉक एरोसिटी।

आने जाने के लिए एक ही गेट
ब्लॉक जे में लोगों के आने जाने के लिए केवल एक ही गेट बनाकर छोड़ दिया गया है। जबकि एंट्री और एग्जिट के लिए दो अलग-अलग गेट बनाने चाहिए थे। इससे परेशानी होती है। - कुलदीप सिंह ईशापुरी, प्रेसिडेंट ब्लॉक जे, एरोसिटी।
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